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कैलास मानसरोवर यात्रा में 62 किमी का सफर होगा आसान
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर की कठिन यात्रा को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर अब कुमाऊं मंडल विकास निगम और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के बीच बने समन्वय के चलते मानसरोवर यात्रा में 62 किमी का सफर वाहनों के जरिए आसान होने जा रहा है।
सबकुछ ठीक रहा तो अगस्त में यात्रा पर जाने वाले दल के यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए युद्ध स्तर पर कुमाऊं मंडल विकास निगम ने तैयारी कर ली है, वहीं गढ़वाल मंडल में रुद्रप्रयाग जिले के डीएम राघव लंगर ने भी अपनी ओर से इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
राज्य सरकार ने करीब 32 लाख की लागत से पिछले वर्ष कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए चार थार वाहन (जीप) खरीदे हैं, जिनका संचालन यात्रा के दुर्गम क्षेत्र गर्ब्यांग से लेकर गुंजी और नाभीडांग के बीच होना है।
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यहां पर 31 किमी की सड़क बनकर तैयार है, इससे यहां पर यात्रियों को दोनों छोर से आने जाने में करीब 62 किमी का सफर आसान होगा। पिछले लंबे समय से धारचूला में खड़े इन थार वाहनों का यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द से जल्द उपयोग किए जाने पर मुख्यमंत्री भी गंभीर हैं। उन्होंने हाल ही में केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल को निर्देशित किया है कि वह इन वाहनों को चौपर से गर्ब्यांग भेजने का इंतजाम करें।
साथ ही इसमें रुद्रप्रयाग के डीएम से मदद लें। बता दें कि रुद्रप्रयाग के डीएम से इस दिशा में मदद इसलिए ली जा रही है कि क्योंकि केदारनाथ में आई त्रासदी के बाद वहां राहत कार्यों के लिए साजो सामान और कुछ वाहन एमआई 17 प्राइवेट चौपर से भेजे गए थे, इसी चौपर का उपयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा में किए जाने पर तैयारी शुरू हो गई है।
दुर्गम सफर पर थार वाहन का रास्ता बना
कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए गर्ब्यांग से नाभीडांग तक की 31 किमी कच्ची सड़क पहले ही बनी थी, चूंकि बूंदी से गर्ब्यांग तक सड़क मार्ग नदी से जुड़ा है, इसलिए इस दुर्गम सफर पर अब थार वाहन (जीप) का रास्ता बन गया है।
अब इंतजार है कि प्राइवेट चौपर से धारचूला में खड़े चारों थार वाहनों को गर्ब्यांग पहुंचाया जाए, इसके लिए रुद्रपुर डीएम से भी बात चल रही है। जल्द ही इस दिशा में काम हो जाएगा। उम्मीद है अगस्त के यात्री दलों को इसका लाभ मिलेगा।
हेली कंपनी से चल रही बात
धारचूला से जो वाहन जीप गर्ब्यांग के लिए जानी है उसके लिए हेली कंपनी से बात चल रही है। यह देखा जा रहा है कि एमआई17 चौपर में चारों वाहन पूरी तरह से फिट होकर जा सकते हैं या नहीं। अगर यह तय हो गया तो फिर कंपनी के क्या रेट हैं वह भी देखने हैं। हमारा केएमवीएन से टाइमेट हुआ है। अभी टाइम लगेगा। प्रयास कर रहे हैं कि जल्द ही कैलास मानसरोवर यात्रियों को यात्रा सुविधा मुहैया कराई जा सके।
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सबकुछ ठीक रहा तो अगस्त में यात्रा पर जाने वाले दल के यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए युद्ध स्तर पर कुमाऊं मंडल विकास निगम ने तैयारी कर ली है, वहीं गढ़वाल मंडल में रुद्रप्रयाग जिले के डीएम राघव लंगर ने भी अपनी ओर से इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
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राज्य सरकार ने करीब 32 लाख की लागत से पिछले वर्ष कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए चार थार वाहन (जीप) खरीदे हैं, जिनका संचालन यात्रा के दुर्गम क्षेत्र गर्ब्यांग से लेकर गुंजी और नाभीडांग के बीच होना है।
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यहां पर 31 किमी की सड़क बनकर तैयार है, इससे यहां पर यात्रियों को दोनों छोर से आने जाने में करीब 62 किमी का सफर आसान होगा। पिछले लंबे समय से धारचूला में खड़े इन थार वाहनों का यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द से जल्द उपयोग किए जाने पर मुख्यमंत्री भी गंभीर हैं। उन्होंने हाल ही में केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल को निर्देशित किया है कि वह इन वाहनों को चौपर से गर्ब्यांग भेजने का इंतजाम करें।
साथ ही इसमें रुद्रप्रयाग के डीएम से मदद लें। बता दें कि रुद्रप्रयाग के डीएम से इस दिशा में मदद इसलिए ली जा रही है कि क्योंकि केदारनाथ में आई त्रासदी के बाद वहां राहत कार्यों के लिए साजो सामान और कुछ वाहन एमआई 17 प्राइवेट चौपर से भेजे गए थे, इसी चौपर का उपयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा में किए जाने पर तैयारी शुरू हो गई है।
दुर्गम सफर पर थार वाहन का रास्ता बना
कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए गर्ब्यांग से नाभीडांग तक की 31 किमी कच्ची सड़क पहले ही बनी थी, चूंकि बूंदी से गर्ब्यांग तक सड़क मार्ग नदी से जुड़ा है, इसलिए इस दुर्गम सफर पर अब थार वाहन (जीप) का रास्ता बन गया है।
अब इंतजार है कि प्राइवेट चौपर से धारचूला में खड़े चारों थार वाहनों को गर्ब्यांग पहुंचाया जाए, इसके लिए रुद्रपुर डीएम से भी बात चल रही है। जल्द ही इस दिशा में काम हो जाएगा। उम्मीद है अगस्त के यात्री दलों को इसका लाभ मिलेगा।
--धीराज गर्ब्याल, एमडी, केएमवीएन
हेली कंपनी से चल रही बात
धारचूला से जो वाहन जीप गर्ब्यांग के लिए जानी है उसके लिए हेली कंपनी से बात चल रही है। यह देखा जा रहा है कि एमआई17 चौपर में चारों वाहन पूरी तरह से फिट होकर जा सकते हैं या नहीं। अगर यह तय हो गया तो फिर कंपनी के क्या रेट हैं वह भी देखने हैं। हमारा केएमवीएन से टाइमेट हुआ है। अभी टाइम लगेगा। प्रयास कर रहे हैं कि जल्द ही कैलास मानसरोवर यात्रियों को यात्रा सुविधा मुहैया कराई जा सके।
- राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग