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किसान आत्महत्या की जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, खटीमा।
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:55 AM IST
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किसान आत्महत्या की जांच शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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खटीमा। बैंकों और साहूकारों से लिया गया करीब सात लाख का कर्ज न चुका पाने से परेशान होकर खुदकुशी करने वाले किसान के घर प्रशासनिक अधिकारियों का अमला पहुंचा। अधिकारियों ने मृतक किसान के परिजनों के बयान दर्ज कर उन्हें सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ हरसंभव पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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एसडीएम विजयनाथ शुक्ल, सीओ हरीश मेहरा, कोतवाल चंचल शर्मा ने पचपेड़ा पहुंचकर मृतक किसान रामअवतार के परिजनों का हाल जाना। उन्होंने मृतक की विधवा शकुंतला सहित उनके सभी बच्चों, भाई पूर्व प्रधान अनंत राम के बयान दर्ज किए। एसडीएम शुक्ल ने शकुंतला को आश्वासन दिया कि उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं एक सप्ताह के अंदर मुहैय्या कराई जाएंगी। उन्होंने मृतक किसान पर विभिन्न बैंकों, साहूकारों के ऋण की भी जानकारी ली। सीओ महरा, कोतवाल चंचल शर्मा ने उस घटनास्थल का भी निरीक्षण किया, जिस यूकेलिप्टस के पेड़ में लटक कर किसान रामअवतार ने जान दी थी। पुलिस ने ग्रामीण, मृतक किसान के करीबियों के बयान दर्ज किए। एसडीएम शुक्ल ने कहा कि मृतक किसान की पत्नी को विधवा पेंशन सप्ताहभर में शुरू करा दी जाएगी, बच्चों की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग से जो योजनाएं हैं उसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार कार्रवाई होगी।
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उपनेता प्रतिपक्ष, जसपुर विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने जाना हाल
खटीमा। बैंक के कर्ज के बोझ के चलते खुदकुशी करने वाले किसान रामअवतार के घर पहुंचे उपनेता प्रतिपक्ष करन मेहरा, विधायक जसपुर आदेश चौहान, युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने मृतक के परिजनों का हाल जाना। मेहरा ने पीड़ित परिवार को 20 हजार की आर्थिक सहायता भी दी।
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बताया कि मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी गांव आएंगे। बैंक साहूकारों के कर्ज के चलते आत्महत्या करने वाले किसान के घर सुबह से ही जनप्रतिनिधियों का तांता लगा रहा। जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दे रहे हैं। उपनेता प्रतिपक्ष मेहरा ने कहा कि किसान की हर तरह से मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी आर्थिक सहायता, कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। यदि कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नारायण सिंह बिष्ट, बॉबी राठौर, देवेंद्र कन्याल, नरेंद्र आर्य, दयाकिशन कलौनी, नासिर खान, पंकज टम्टा आदि थे।
भाजपा जिला महामंत्री गोपाल बोरा, नंदन सिंह खड़ायत, हिमांशु बिष्ट आदि ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दी। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी, सरकार स्तर पर जो भी मदद होगी वह की जाएगी। इस दौरान अजय मौर्या, भुवन जोशी आदि थे। भारतीय किसान संघ के ढिल्लू सिंह राणा, रामकिशोर राणा, मलकीत सिंह राणा, राजेश राणा, दीपक राणा ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनका हाल जाना। किसान संघ ने मुख्यमंत्री से किसानों की फसल का उचित मूल्य देने, किसानों के ऋण माफ करने की मांग की।
डीएम ने 10 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए
रुद्रपुर। खटीमा में किसान की आत्महत्या के मामले की जांच डीएम नीरज खैरवाल ने 10 दिन में पूरी करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने इसके लिए एसडीएम खटीमा विजयनाथ शुक्ल को जांच अधिकारी नामित किया है। खटीमा के कंचनपुरी गांव निवासी 46 वर्षीय रामअवतार पुत्र रामप्रसाद पर बैंकों का लाखों का कर्ज था। दो दिन पूर्व बैंक ने उसे नोटिस भेजा था। इससे चिंतित कर्ज में डूबे रामअवतार ने रविवार को फांसी लगाकर जान दे दी थी।
रामअवतार पर एसबीआई की खटीमा शाखा से 1.97 लाख और बीओबी की नानकमत्ता शाखा 1.75 लाख का कृषि ऋण बकाया था। किसान की आत्महत्या के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम खैरवाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं, उन्होंने जांच के लिए एसडीएम खटीमा विजयनाथ शुक्ल को जांच अधिकारी नामित किया है। 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
रुद्रपुर। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कर्ज में डूबे खटीमा के किसान द्वारा आत्महत्या पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवार सहित दूसरे किसानों के भी कर्ज माफ कर मृतक के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग प्रदेश सरकार से की है। बेहड़ ने कहा कि भाजपा के नेता किसानों की बेबसी का मजाक उड़ा रहे हैं।
इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। कहा कि फसल का उचित दाम न मिलने से अन्नदाता मरने को मजबूर हो रहा है। देश के किसानों के साथ जो हो रहा है वह किसानों, देश के लिए भी चिंता का विषय है। इसलिए कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।