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माइक्रोन्यूट्रिएंट्स ने बढ़ाई प्रतिरोधक क्षमता
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डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी,सीएमओ, यूएस नगर।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कोरोना महामारी के दौरान एक से 18 वर्ष तक की उम्र तक के बच्चों व किशोरों को खिलाई गई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स ने उनमें कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम किया है। यही वजह है कि तीसरी लहर में कोरोना संक्रमित बच्चों की संख्या में कमी दर्ज की गई थी।
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। पिछले वर्ष जुलाई में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंटस के वितरण कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए जिले में 18 वर्ष तक उम्र के पांच लाख 57 हजार बच्चों व किशोरों को चिह्नित किया गया। इनमें पांच लाख 40 हजार 854 बच्चों को माइक्रोन्यूट्रिएंटस खिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स में विटामिन सी व डी की भी प्रचुर मात्रा थी, जिससे बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने में इस दवाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने का ग्राफ काफी कम रहा।
1346 आशा कार्यकर्ताओं की लगाई थी ड्यूटी
रुद्रपुर। जिले में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के वितरण के लिए 1346 आशा कार्यकर्ताओं, 72 आशा फेसिलेटरों और नौ ब्लॉक समन्वयकों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के पैकेट तैयार कर इन्हें घर-घर बांटा गया। हालांकि इसी दौरान आशा आंदोलन शुरू होने से दवा वितरण कार्य प्रभावित भी रहा था। इस वजह से दवा वितरण का काम एएनएम को सौंपा गया था। संवाद
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जिले में 18 वर्ष उम्र तक के बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का वितरण किया गया था। यह अभियान जिले में काफी सफल रहा। इसके परिणाम काफी सकारात्मक रहे। -डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ।
फोटो-04 आरडीपी 04 पी- डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी।
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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। पिछले वर्ष जुलाई में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंटस के वितरण कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए जिले में 18 वर्ष तक उम्र के पांच लाख 57 हजार बच्चों व किशोरों को चिह्नित किया गया। इनमें पांच लाख 40 हजार 854 बच्चों को माइक्रोन्यूट्रिएंटस खिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स में विटामिन सी व डी की भी प्रचुर मात्रा थी, जिससे बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने में इस दवाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने का ग्राफ काफी कम रहा।
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1346 आशा कार्यकर्ताओं की लगाई थी ड्यूटी
रुद्रपुर। जिले में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के वितरण के लिए 1346 आशा कार्यकर्ताओं, 72 आशा फेसिलेटरों और नौ ब्लॉक समन्वयकों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के पैकेट तैयार कर इन्हें घर-घर बांटा गया। हालांकि इसी दौरान आशा आंदोलन शुरू होने से दवा वितरण कार्य प्रभावित भी रहा था। इस वजह से दवा वितरण का काम एएनएम को सौंपा गया था। संवाद
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जिले में 18 वर्ष उम्र तक के बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का वितरण किया गया था। यह अभियान जिले में काफी सफल रहा। इसके परिणाम काफी सकारात्मक रहे। -डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ।
फोटो-04 आरडीपी 04 पी- डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी।