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सीएमएस के खिलाफ सड़क में उतरी आशा कार्यकर्त्रियां
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:25 AM IST
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काशीपुर में प्रदर्शन करती आशा कार्यकत्री
- फोटो : अमर उजाला
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आशा कार्यकर्त्रियों ने एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा पर आशा कार्यकर्त्रियों के साथ अभद्रता और उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने सीएमएस का पुतला फूंकते हुए शहर में उनके खिलाफ जुलूस निकाला। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनको शीघ्र हटाने की मांग की।
एलडी भट्टी सरकारी अस्पताल के सीएमएस के खिलाफ आशा कायकर्त्रियां सोमवार को अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गई। उन्होंने अस्पताल में काफी देर तक हंगामा काटा। नारेबाजी कर सीएमएस का पुतला जलाया। उन्होंने कहा कि सीएमएस ने आशाओं से अपशब्द कर उनका अपमान किया। उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया।
उन्होंने सीएमएस पर आशाओं को नसबंदी का केस न लाने पर प्रताड़ित करने, उनका सम्मान न करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ और स्थाई महिला डाक्टर नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सीएमएस को हटाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुधा शर्मा, कुसुम पाल, स्नेहलता, कमलेश सैनी, शशिकला, चित्रा शर्मा, मधुबाला आदि शामिल थे।
सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने आशा कार्यकर्त्रियों की ओर से उन पर लगाए गए बदसलूूकी के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि नसबंदी शिविर में आशा कार्यकर्त्रियां केवल चार केस ही लाई थी। इसी को लेकर एएनएम और आशा कोर्डिनेटर की बैठक ली जा रही थी। बैठक में चार कार्यकत्रियां आ गई थी।
जिनसे उन्होंने बैठक का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही थी। जब वे नहीं मानी तो उन्होंने सख्ती से बाहर जाने को कह दिया था। इसी को वह अपना अपमान बता रही हैं। कहा कि आशाएं अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाती हैं।
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एलडी भट्टी सरकारी अस्पताल के सीएमएस के खिलाफ आशा कायकर्त्रियां सोमवार को अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गई। उन्होंने अस्पताल में काफी देर तक हंगामा काटा। नारेबाजी कर सीएमएस का पुतला जलाया। उन्होंने कहा कि सीएमएस ने आशाओं से अपशब्द कर उनका अपमान किया। उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया।
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उन्होंने सीएमएस पर आशाओं को नसबंदी का केस न लाने पर प्रताड़ित करने, उनका सम्मान न करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ और स्थाई महिला डाक्टर नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सीएमएस को हटाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुधा शर्मा, कुसुम पाल, स्नेहलता, कमलेश सैनी, शशिकला, चित्रा शर्मा, मधुबाला आदि शामिल थे।
सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने आशा कार्यकर्त्रियों की ओर से उन पर लगाए गए बदसलूूकी के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि नसबंदी शिविर में आशा कार्यकर्त्रियां केवल चार केस ही लाई थी। इसी को लेकर एएनएम और आशा कोर्डिनेटर की बैठक ली जा रही थी। बैठक में चार कार्यकत्रियां आ गई थी।
जिनसे उन्होंने बैठक का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही थी। जब वे नहीं मानी तो उन्होंने सख्ती से बाहर जाने को कह दिया था। इसी को वह अपना अपमान बता रही हैं। कहा कि आशाएं अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाती हैं।