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राष्ट्रपति शासन के दौरान खनन माफियाओं की निकली हनक
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 12 May 2016 11:44 AM IST
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डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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ऊधमसिंह नगर में 46 दिनों के राष्ट्रपति शासन ने यूएसनगर में खनन माफियाओं की पूरी हनक निकाल डाली। इस दौरान करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये की पेनाल्टी डाली है।
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अगर जिले के परगना क्षेत्रों की बात करें तो यहां एसडीएम से लेकर डीएम तक और सीओ से लेकर कप्तान तक ने जिले में अवैध खनन पर पूरी से तरह से अंकुश लगा दिया था। खनन के गढ़ बाजपुर, काशीपुर, सितारगंज, किच्छा, शांतिपुरी, रुद्रपुर, खटीमा में कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा रहा। जिला प्रशासन की कार्रवाई की सबसे ज्यादा चोट स्टोन क्रशर पर पड़ी।
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पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने स्टोन क्रशरों पर 12 करोड़ 40 लाख 21 हजार 121 रुपये की पेनाल्टी डाली। इसके अलावा अवैध खनन, ओवरलोडिंग में पकड़े गए वाहनों पर डीएम न्यायालय में लगाए गए जुर्माने से 52 लाख 5 हजार 407 रुपये की धनराशि वसूली गई। जबकि एसडीएम स्तर पर थोपे गए जुर्माने के बाद 7 लाख 85 हजार 823 रुपये की रिकवरी की गई। वहीं एआरटीओ स्तर पर हुई कार्रवाई से जिला प्रशासन को 12 लाख 11 हजार 700 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो अभी तक ठोकी गई जुर्माने की राशि वसूली नहीं जा सकी है।
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बता दें कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद अप्रैल में अवैध खनन के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा गया था। यूएसनगर में स्टोन क्रशरों पर भंडारण क्षमता अधिक पाए जाने पर 12 स्टोन क्रशरों पर मोटा जुर्माना ठोका गया था। जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापे के दौरान 21 करोड़ 44 लाख 94 हजार 150 रुपये की जुर्माना राशि का आंकलन किया था लेकिन जांच के बाद जुर्माना राशि तय होने के बाद 12 क्रशरों में मानकों से ज्यादा उपखनिज भंडारण पाया गया। जिसके बाद टीम ने इन पर 12 करोड़ 40 लाख का जुर्माना डाल दिया। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद स्टोन क्रशरों पर की गई यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। लेकिन स्टोन क्रशरों पर थोपे गए जुर्माने की राशि अभी तक वसूली नहीं जा सकी है।
सरकार बनने के बाद फिर शुरू हो सकता है सेटिंग का खेल
सूबे में सरकार बनने के बाद खनन माफियाओं द्वारा फिर सेटिंग का खेल शुरू हो सकता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि राष्ट्रपति शासन के दौरान जिन स्टोन क्रेशरों पर जुर्माने की राशि थोपी गई थी वह वसूली भी जाएगी या नहीं इसमें संशय बना हुआ है क्योंकि शासन सत्ता की शह पर खनन माफिया फिर हनक दिखाने की तैयारी में हैं।
जिला प्रशासन को खनन से मिला 2.36 लाख का राजस्व
जिला प्रशासन को जनपद से खनिज निकासी के विभिन्न साधनों से 2 करोड़ 36 लाख 2436 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन को इतना राजस्व अप्रैल में ही प्राप्त हुआ है जबकि सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू था। जिला प्रशासन को अन्य महीनों में राजस्व कम ही मिलता आया है।
अप्रैल में जिला प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया था इसमें कई स्टोन क्रशरों में ओवर स्टॉकिंग के केस पाए गए, जिनपर 12 करोड़ रुपये से अधिक की पेनाल्टी लगाई गई है। कुछ लोगों से राजस्व वसूली जुर्माने के तौर पर ली जा रही है और कुछ लोगों से राजस्व वसूली की जा रही है। करीब 12.46 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है, वसूली के लिए विभाग ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। - अक्षत गुप्ता, डीएम यूएस नगर