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Udham Singh Nagar News: कहीं डामर पर बह रहा खून, कहीं फंदे से टूट रहीं सांसें...
Sat, 09 May 2026 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 09 May 2026 12:42 AM IST
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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में रोजाना कहीं डामर पर मासूमों का खून बह रहा है तो कहीं बंद कमरों में फंदे से सांसें टूट रही हैं। स्थिति यह है कि करीब एक महीना में 25 से ज्यादा घरों में मातम पसरा और लोगों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया। मई में ही अबतक 6 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।
साल 2026 का अप्रैल और मई महीना ऊधमसिंह नगर जिले के लिए किसी भयावह दौर से कम नहीं रहा। नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक हर दिन हादसों की खबरें सामने आईं। मौतों का आंकड़ा जिस तरह बढ़ा है उसने पूरे जिले को दहला कर रख दिया। सड़क हादसों और आत्महत्या के मामलों में आई अचानक तेजी ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि समाज के सामने भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल से मई महीने की शुरूआत में भी हादसों का सिलसिला नहीं थमा। ओवरस्पीडिंग, नियमों की अनदेखी इन घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। इन्हीं कारणों के चलते सड़कों पर मासूम जिंदगियों को रौंदा जा रहा है। सड़क सुरक्षा के दावे कागजी फाइलों तक सीमित रह गए हैं।
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बंद दरवाजे में खामोश होती चीखें
रुद्रपुर। अप्रैल का महीना जिले के लिए ब्लैक मंथ बन गया है। सड़क हादसों के साथ-साथ आत्महत्या के मामलों में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक दबाव आत्महत्या के मामलों के पीछे प्रमुख वजह बनकर उभरे हैं। जहां बंद कमरे में कई जिंदगियां तनाव के कारण हमेशा के लिए खामोश हो गईं। पांच से ज्यादा मामले तो पारिवारिक कारण के ही निकले। वहीं कुछ बीमारी व तनाव ने कई जानों को निगल लिया।
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यह रहे आत्महत्या के मामले
1- 21 अप्रैल को सिडकुल की कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर ने पत्नी को वीडियो कॉल करने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
2- 22 अप्रैल को गदरपुर में सिलिंडर न मिलने से हुई पारिवारिक कलह के बाद किशन ने कमरे में फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली थी।
3- 27 अप्रैल को भूरारानी में पारिवारिक कलह के बाद बच्चे और पत्नी को कमरे में बंद कर सोनू ने आत्महत्या कर ली थी।
4- 05 मई को छतरपुर कोतवाली पंतनगर निवासी 26 वर्षीय मुकेश ने कमरे में फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली।
5- 06 मई को बिहार निवासी संजय चौधरी ने पारिवारिक कलह के चलते कमरे में फांसी लगा ली थी।
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सड़क हादसों में इन्होंने गवाई जान
1- 20 अप्रैल को टांडा जंगल में भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों अनिकेत, आकाश और रोहन की मौत।
2- 10 अप्रैल को महतोष मोड़ पर सिडकुल कर्मी रामपुर निवासी विकास कुमार को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में मौत हो गई थी।
3- तीन अप्रैल की रात राधा स्वामी सत्संग भवन के पास ट्रैफिक बैरियर से टकराकर बिलासपुर के सुखदेव की मौत हो गई थी।
4- 28 अप्रैल को सितारगंज में कार ने ई-रिक्शा से उतर रही दो संगी बहनों का रौंद डाला।
5- 05 मई को गदरपुर मार्ग पर मवेशी से टकराकर सड़क पर गिरे परविंदर सिंह उर्फ पिंदर को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया था।
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हादसों को रोकने के लिए पुलिस चेकिंग कर रही है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई भी हो रही है। हादसों को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाएंगे। -जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम
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साल 2026 का अप्रैल और मई महीना ऊधमसिंह नगर जिले के लिए किसी भयावह दौर से कम नहीं रहा। नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक हर दिन हादसों की खबरें सामने आईं। मौतों का आंकड़ा जिस तरह बढ़ा है उसने पूरे जिले को दहला कर रख दिया। सड़क हादसों और आत्महत्या के मामलों में आई अचानक तेजी ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि समाज के सामने भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल से मई महीने की शुरूआत में भी हादसों का सिलसिला नहीं थमा। ओवरस्पीडिंग, नियमों की अनदेखी इन घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। इन्हीं कारणों के चलते सड़कों पर मासूम जिंदगियों को रौंदा जा रहा है। सड़क सुरक्षा के दावे कागजी फाइलों तक सीमित रह गए हैं।
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बंद दरवाजे में खामोश होती चीखें
रुद्रपुर। अप्रैल का महीना जिले के लिए ब्लैक मंथ बन गया है। सड़क हादसों के साथ-साथ आत्महत्या के मामलों में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक दबाव आत्महत्या के मामलों के पीछे प्रमुख वजह बनकर उभरे हैं। जहां बंद कमरे में कई जिंदगियां तनाव के कारण हमेशा के लिए खामोश हो गईं। पांच से ज्यादा मामले तो पारिवारिक कारण के ही निकले। वहीं कुछ बीमारी व तनाव ने कई जानों को निगल लिया।
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यह रहे आत्महत्या के मामले
1- 21 अप्रैल को सिडकुल की कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर ने पत्नी को वीडियो कॉल करने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
2- 22 अप्रैल को गदरपुर में सिलिंडर न मिलने से हुई पारिवारिक कलह के बाद किशन ने कमरे में फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली थी।
3- 27 अप्रैल को भूरारानी में पारिवारिक कलह के बाद बच्चे और पत्नी को कमरे में बंद कर सोनू ने आत्महत्या कर ली थी।
4- 05 मई को छतरपुर कोतवाली पंतनगर निवासी 26 वर्षीय मुकेश ने कमरे में फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली।
5- 06 मई को बिहार निवासी संजय चौधरी ने पारिवारिक कलह के चलते कमरे में फांसी लगा ली थी।
सड़क हादसों में इन्होंने गवाई जान
1- 20 अप्रैल को टांडा जंगल में भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों अनिकेत, आकाश और रोहन की मौत।
2- 10 अप्रैल को महतोष मोड़ पर सिडकुल कर्मी रामपुर निवासी विकास कुमार को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में मौत हो गई थी।
3- तीन अप्रैल की रात राधा स्वामी सत्संग भवन के पास ट्रैफिक बैरियर से टकराकर बिलासपुर के सुखदेव की मौत हो गई थी।
4- 28 अप्रैल को सितारगंज में कार ने ई-रिक्शा से उतर रही दो संगी बहनों का रौंद डाला।
5- 05 मई को गदरपुर मार्ग पर मवेशी से टकराकर सड़क पर गिरे परविंदर सिंह उर्फ पिंदर को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया था।
हादसों को रोकने के लिए पुलिस चेकिंग कर रही है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई भी हो रही है। हादसों को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाएंगे। -जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम