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कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ सुधार
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रुद्रपुर जिला अस्पताल स्थित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कोरोना की दृष्टि से कुमाऊं मंडल का सबसे संवेदनशील जिला ऊधमसिंह नगर वर्तमान में कोरोना संक्रमण से लगभग उबर चुका है। जिले में कोरोना से कुल 42 हजार 488 लोग संक्रमित हुए थे जिनमें से 97.71 स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में कोरोना की तीनों लहरों में कुल 970 लोगों को जान गंवानी पड़ी लेकिन इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार भी हुआ है।
कोरोना की पहली लहर में बचाव के इंतजाम न होने के कारण लोगों में भय का माहौल रहा। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिले में 347 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। इसके बाद दूसरी लहर में सबसे अधिक 618 संक्रमितों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों की फ्रंट लाइन वर्करों की टीमों के सदस्यों के अथक प्रयासों से कोरोना संक्रमण को काफी हद तक रोक पाने में सफलता मिली। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही जिले के सभी सीएचसी सेंटरों में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए गए जहां से कोविड अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमितों को सीधे ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही सिडकुल की कंपनियों से ऑक्सीजन कैप्सूल उपलब्ध होने के बाद रुद्रपुर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन बैंक भी तैयार किया गया।
रुद्रपुर जिला अस्पताल के कोविड अस्पताल में एक समय में करीब 500 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सुविधा थी। इससे पहले ऑक्सीजन की कमी से कोरोना संक्रमितों की मौत का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा था। कोरोना की दूसरी लहर में ही जिले के सरकारी अस्पतालों में 85 आइसीयू बेड स्थापित किए गए थे। कोरोना महामारी से पहले सिर्फ रुद्रपुर जिला अस्पताल में करीब 22 आईसीयू बेड उपलब्ध थे। कोरोना महामारी के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के कारण तीसरी लहर में सिर्फ पांच कोरोना संक्रमितों की ही मौत हुई। वर्तमान में रुद्रपुर जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब शुरू होने के साथ ही खटीमा में लैब खोलने की तैयारी चल रही है।
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जिले में 11.5 लाख लोगों की हुई सैंपलिंग
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले में अब तक 11 लाख 52 लाख 966 लोग की सैंपलिंग हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरटीपीसीआर, ट्रू नेट व रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से जिले की सीमाओं व विभिन्न शिविरों में लोगों में कोरोना की जांच की। गंभीर संक्रमितों को कोविड अस्पतालों में भर्ती करने के साथ ही सामान्य संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया। जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 42 हजार 488 में से 97.7 प्रतिशत लोग स्वस्थ हो चुके हैं। संवाद
टीकाकरण का भी 97 प्रतिशत लक्ष्य हो चुका है पूरा
रुद्रपुर। सैंपलिंग के साथ ही कोरोना टीकाकरण अभियान भी जिले में तेजी से चल रहा है। वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 97 प्रतिशत से अधिक लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जबकि 15 से 17 वर्ष के उम्र के बच्चों को 60 प्रतिशत से अधिक व 12 से 14 वर्ष उम्र के बच्चों को 20 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन लग चुकी है। संवाद
कोरोना महामारी के बाद जिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है। जिले के सभी सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होना सबसे बड़ी उपलब्धि है। एएनएम सेंटरों तक भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ
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कोरोना की पहली लहर में बचाव के इंतजाम न होने के कारण लोगों में भय का माहौल रहा। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिले में 347 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। इसके बाद दूसरी लहर में सबसे अधिक 618 संक्रमितों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों की फ्रंट लाइन वर्करों की टीमों के सदस्यों के अथक प्रयासों से कोरोना संक्रमण को काफी हद तक रोक पाने में सफलता मिली। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही जिले के सभी सीएचसी सेंटरों में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए गए जहां से कोविड अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमितों को सीधे ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही सिडकुल की कंपनियों से ऑक्सीजन कैप्सूल उपलब्ध होने के बाद रुद्रपुर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन बैंक भी तैयार किया गया।
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रुद्रपुर जिला अस्पताल के कोविड अस्पताल में एक समय में करीब 500 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सुविधा थी। इससे पहले ऑक्सीजन की कमी से कोरोना संक्रमितों की मौत का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा था। कोरोना की दूसरी लहर में ही जिले के सरकारी अस्पतालों में 85 आइसीयू बेड स्थापित किए गए थे। कोरोना महामारी से पहले सिर्फ रुद्रपुर जिला अस्पताल में करीब 22 आईसीयू बेड उपलब्ध थे। कोरोना महामारी के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के कारण तीसरी लहर में सिर्फ पांच कोरोना संक्रमितों की ही मौत हुई। वर्तमान में रुद्रपुर जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब शुरू होने के साथ ही खटीमा में लैब खोलने की तैयारी चल रही है।
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जिले में 11.5 लाख लोगों की हुई सैंपलिंग
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले में अब तक 11 लाख 52 लाख 966 लोग की सैंपलिंग हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरटीपीसीआर, ट्रू नेट व रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से जिले की सीमाओं व विभिन्न शिविरों में लोगों में कोरोना की जांच की। गंभीर संक्रमितों को कोविड अस्पतालों में भर्ती करने के साथ ही सामान्य संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया। जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 42 हजार 488 में से 97.7 प्रतिशत लोग स्वस्थ हो चुके हैं। संवाद
टीकाकरण का भी 97 प्रतिशत लक्ष्य हो चुका है पूरा
रुद्रपुर। सैंपलिंग के साथ ही कोरोना टीकाकरण अभियान भी जिले में तेजी से चल रहा है। वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 97 प्रतिशत से अधिक लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जबकि 15 से 17 वर्ष के उम्र के बच्चों को 60 प्रतिशत से अधिक व 12 से 14 वर्ष उम्र के बच्चों को 20 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन लग चुकी है। संवाद
कोरोना महामारी के बाद जिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है। जिले के सभी सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होना सबसे बड़ी उपलब्धि है। एएनएम सेंटरों तक भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ