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सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग : जनजातीय समाज की रिपोर्ट अधूरी
Mon, 29 May 2023 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 29 May 2023 12:05 AM IST
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रुद्रपुर। सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग के लिए समाज कल्याण विभाग ने आखिर डेढ़ माह बाद स्वास्थ्य विभाग को जिले में निवास कर रहे जनजातीय समाज के लोगों की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है लेकिन इस रिपोर्ट में अधिकतर स्कूली बच्चों की संख्या शामिल नहीं है। 26 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद हो चुके हैं जिस कारण पूरी रिपोर्ट के लिए अब स्वास्थ्य विभाग को एक जुलाई तक स्कूल खुलने का इंतजार करना पड़ेगा।
रिपोर्ट के अनुसार जिले में जनजातीय समुदाय के लोगों की संख्या 6,20,841 है। लेकिन इसमें सभी स्कूली बच्चों की संख्या का विवरण नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनजातीय लोगों में मलेरिया से बचाव के लिए प्रकृति ने आरबीसी (लाल रुधिर कोशिका) का आकार बदलकर गोलाकार के स्थान पर हंसिए के आकार कर दिया है। इससे उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी,मस्तिष्क में रक्त का धक्का न बनना, लकवा और नसें बंद होने जैसी बीमारियां होने लगती हैं। इसके अलावा सिकिल सेल एनीमिया से संक्रमित महिला व पुरुष का विवाह होने पर संतान भी इस रोग से संक्रमित होती है। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम इस रोग के मरीजों को चिन्हित कर रही है ताकि इस रोग पर रोक लगाई जा सके।
ऊधम सिंह नगर जिले के जनजातीय बहुल होने के कारण यहां एनीमिया सेल सिकल की स्क्रीनिंग होनी है। इसमें 18 वर्ष उम्र तक के स्कूली बच्चों और 40 वर्ष उम्र तक के लोगों स्क्रीनिंग होनी है लेकिन लेकिन स्कूल बंद होने के कारण सभी स्कूली बच्चों की संख्या नहीं मिल सकी है। अब एक जुलाई के बाद स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया जाएगा। डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ
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रिपोर्ट के अनुसार जिले में जनजातीय समुदाय के लोगों की संख्या 6,20,841 है। लेकिन इसमें सभी स्कूली बच्चों की संख्या का विवरण नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनजातीय लोगों में मलेरिया से बचाव के लिए प्रकृति ने आरबीसी (लाल रुधिर कोशिका) का आकार बदलकर गोलाकार के स्थान पर हंसिए के आकार कर दिया है। इससे उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी,मस्तिष्क में रक्त का धक्का न बनना, लकवा और नसें बंद होने जैसी बीमारियां होने लगती हैं। इसके अलावा सिकिल सेल एनीमिया से संक्रमित महिला व पुरुष का विवाह होने पर संतान भी इस रोग से संक्रमित होती है। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम इस रोग के मरीजों को चिन्हित कर रही है ताकि इस रोग पर रोक लगाई जा सके।
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ऊधम सिंह नगर जिले के जनजातीय बहुल होने के कारण यहां एनीमिया सेल सिकल की स्क्रीनिंग होनी है। इसमें 18 वर्ष उम्र तक के स्कूली बच्चों और 40 वर्ष उम्र तक के लोगों स्क्रीनिंग होनी है लेकिन लेकिन स्कूल बंद होने के कारण सभी स्कूली बच्चों की संख्या नहीं मिल सकी है। अब एक जुलाई के बाद स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया जाएगा। डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ
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