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मोदी के लिए सवाल छोड़ गए राहुल
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:54 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रुद्रपुर जनसभा से ठीक पहले यहां पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी कुछ सवाल उठा भी उठा गए। इसके साथ ही राहुल स्थानीय चुनाव के मुद्दों को उठाने से भी परहेज कर गए। केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए राहुल ने लोगों से कहा भी यही कि इन सवालों का जवाब मोदी से मांगें। शक्तिफार्म में और बंगाली बाहुल्य इलाके में हुई इस रैली में न तो राहुल गांधी और न ही मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस समुदाय के लिए कोई बात की।
देर से यहां पहुंचे राहुल गांधी कुछ समय बाद लय में भी दिखाई दिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर ने भाषण के बीच में वापसी के समय की याद दिलाई तो राहुल ने बेपरवाही से कहा कि कोई बात नहीं, लौट जाएंगे। इसके बाद राहुल ने उत्तराखंड के मान सम्मान, संस्कृति, भाईचारे की बात की। यह भी कहा कि भाजपा ने पैसे के बल पर प्रदेश में सरकार छीनने की कोशिश की। राहुल का अधिकतर समय प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मनमोहन सिंह पर किए गए तंज का जवाब देने में ही लगा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को संसद में बात करने की तमीज नहीं है। इसके बाद कहा कि उत्तराखंड के लोगों से दुनिया एक-दूसरे से तमीज से बात करने, प्यार से बात करने, नाराजगी होने पर भी तमीज से जवाब देना सीख सकती है। उत्तराखंड ने अब तक यही दुनिया को सिखाया भी है।
जनसभा में राहुल मुख्यमंत्री हरीश रावत की तारीफ भी जमकर कर गए। अगले मुख्यमंत्री के रूप में रावत को पेश करते हुए राहुल ने रावत के लिए वोट भी मांगा। यह भी कहा कि रावत से उनकी सिर्फ प्रदेश के विकास को लेकर ही बात होती है।
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राहुल के साथ ही मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस जनसभा में बंगाली समुदाय के भूमिधरी अधिकार, अनुसूचित जाति के आरक्षण के दायरे में बंगाली समुदाय को लाने जैसे मुद्दों को साफ नजरअंदाज कर गए। स्थानीय मुद्दों को दरकिनार करने की भरपाई कांग्रेस ने जनसभा में भीड़ जुटाकर करने की कोशिश की। भीड़ जुटी भी और इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी नजर आई। कांग्रेस की कोशिश भी यही थी कि रैली में बंगाली समुदाय के अधिक लोग जुटें और कांग्रेस की इस समुदाय में गहरी पैठ होने का संदेश जाए।
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देर से यहां पहुंचे राहुल गांधी कुछ समय बाद लय में भी दिखाई दिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर ने भाषण के बीच में वापसी के समय की याद दिलाई तो राहुल ने बेपरवाही से कहा कि कोई बात नहीं, लौट जाएंगे। इसके बाद राहुल ने उत्तराखंड के मान सम्मान, संस्कृति, भाईचारे की बात की। यह भी कहा कि भाजपा ने पैसे के बल पर प्रदेश में सरकार छीनने की कोशिश की। राहुल का अधिकतर समय प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मनमोहन सिंह पर किए गए तंज का जवाब देने में ही लगा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को संसद में बात करने की तमीज नहीं है। इसके बाद कहा कि उत्तराखंड के लोगों से दुनिया एक-दूसरे से तमीज से बात करने, प्यार से बात करने, नाराजगी होने पर भी तमीज से जवाब देना सीख सकती है। उत्तराखंड ने अब तक यही दुनिया को सिखाया भी है।
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जनसभा में राहुल मुख्यमंत्री हरीश रावत की तारीफ भी जमकर कर गए। अगले मुख्यमंत्री के रूप में रावत को पेश करते हुए राहुल ने रावत के लिए वोट भी मांगा। यह भी कहा कि रावत से उनकी सिर्फ प्रदेश के विकास को लेकर ही बात होती है।
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राहुल के साथ ही मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस जनसभा में बंगाली समुदाय के भूमिधरी अधिकार, अनुसूचित जाति के आरक्षण के दायरे में बंगाली समुदाय को लाने जैसे मुद्दों को साफ नजरअंदाज कर गए। स्थानीय मुद्दों को दरकिनार करने की भरपाई कांग्रेस ने जनसभा में भीड़ जुटाकर करने की कोशिश की। भीड़ जुटी भी और इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी नजर आई। कांग्रेस की कोशिश भी यही थी कि रैली में बंगाली समुदाय के अधिक लोग जुटें और कांग्रेस की इस समुदाय में गहरी पैठ होने का संदेश जाए।