{"_id":"6ae25d2490489448e809ec83","slug":"government-should-clarify-its-position-on-the-gap-between-payments-and-the-budget-dr-upadhyaygovernment-should-clarify-its-position-on-the-gap-between-payments-and-the-budget-dr-upadhyay-rudrapur-news-c-242-1-rdp1025-149096-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"भुगतान और बजट के अंतर पर स्थिति स्पष्ट करे सरकार : डाॅ. उपाध्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भुगतान और बजट के अंतर पर स्थिति स्पष्ट करे सरकार : डाॅ. उपाध्याय
Thu, 29 Oct 2026 02:07 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
पंतनगर। उत्तराखंड में धान-गेहूं की खरीद के लिए सरकार के 1100 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री गणेश उपाध्याय ने कहा कि अकेले धान खरीद पर ही 1700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अनुमानित है। उन्होंने सरकार से किसानों के भुगतान और बजट के बीच के बड़े अंतर पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य सात लाख मीट्रिक टन यानी 70 लाख क्विंटल रखा गया है। सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल है। ग्रेड-I धान का मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इन दरों पर 70 लाख क्विंटल धान की खरीद होने पर किसानों को लगभग 1,709 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। राज्य सरकार के अनुपूरक बजट में धान और गेहूं खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत 1100 करोड़ रुपये का संयुक्त प्रावधान है। यह प्रावधान अनुमानित भुगतान से काफी कम है। उपाध्याय ने कहा कि सरकार को इस वित्तीय विसंगति पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य सात लाख मीट्रिक टन यानी 70 लाख क्विंटल रखा गया है। सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल है। ग्रेड-I धान का मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इन दरों पर 70 लाख क्विंटल धान की खरीद होने पर किसानों को लगभग 1,709 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। राज्य सरकार के अनुपूरक बजट में धान और गेहूं खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत 1100 करोड़ रुपये का संयुक्त प्रावधान है। यह प्रावधान अनुमानित भुगतान से काफी कम है। उपाध्याय ने कहा कि सरकार को इस वित्तीय विसंगति पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। संवाद
विज्ञापन