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चार साल से जिले की सीमाओं पर खुलेआम हो रही अवैध वसूली
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:31 AM IST
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अवैध वसूली का गढ़ बना यूएस नगर
चार साल से जिले की सीमाओं पर खुलेआम हो रही अवैध वसूली
सत्ता की आड़ में जिले में अवैध वसूली का खेल करीब चार साल से चल रहा है, जिला पंचायत के नाम पर वाहनों से अवैध वसूली करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का भय नहीं है। शाम ढलने के साथ ही जनपद की सीमीओं पर दबंगों द्वारा अवैध वसूली का खेल शुरू कर दिया जाता है। पूरी रात करीब पांच हजारों वाहनों से जिला पंचायत के नाम पर शुल्क वसूला जाता है।
जिला पंचायत के नाम पर जनपद में वाहनों से हो रही अवैध वसूली का खेल सुनियोजित ढंग से चल रहा है। मोटी कमाई के लिए माफिया ने अपना नेटवर्क पूरे जिले में फैला रखा है। जिले भर में करीब दर्जन भर अस्थाई बैरियरों पर दबंग किस्म के लोग खुलेआम वाहनों से टैक्स वसूलते हैं। नियम विरुद्ध वसूली करने वाले लोग बाकायदा खुद को सरकारी मुलाजिम बताकर वाहन चालकों पर रौब जमाते हैं और शुल्क नहीं देने वाले चालकों को डरा-धमकाकर मजबूर कर दिया जाता है।
वसूली करने वाले ये लोग जो पर्ची काट रहे हैं उस पर जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर साफ साफ लिखा है। यही नहीं इस वसूली के पीछे गजट संख्या 68/इक्कीस-7/2010-11 दिनांक 27 नवंबर 2010 द्वारा उत्तर प्रदेश क्षेत्र समिति तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 यथा संशोधित अधिनियम संख्या-9 सन 1994 व अधिनियम संख्या 29, सन 1995 की धारा 143की धारा 239 (2) के अंतर्गत जिला पंचायत, ऊधमसिंहनगर द्वारा आरोपित लदान-ढुलान शुल्क का हवाला दिया गया है।
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पर्ची में यह भी जिक्र किया गया है कि जिला पंचायत ऊधमसिंहनगर के अधिकृत क्षेत्र में लागू अधिनियम की धारा 240 के अंतर्गत शुल्क अदा नहीं करने की दशा में एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। लगातार न देने की दशा में तीन माह तक की कैद हो सकती है। इस पर्ची में सबसे नीचे अधिकृत प्राप्तकर्ता जिला पंचायत, ऊधमसिंहनगर का नाम दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि जिला पंचायत को इस पर्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं। यानि जिला पंचायत का इस पर्ची से कोई लेना-देना नहीं है। इसका सीधा अर्थ है कि जिला पंचायत की आड़ में इस वसूली को कोई और अंजाम दे रहा है।
जिले में वर्तमान में काशीपुर क्षेत्र में 3, जसपुर में 1, गदरपुर क्षेत्र में 2, बाजपुर में 1, सितारगंज क्षेत्र के बरा में 1, झनकईया में 1 और जिला मुख्यालय पर रामपुर दिल्ली हाईवे पर एक अस्थाई बैरियर लगाकर अवैध वसूली की जा रही है। इन बैरियरों में सबसे मोटी कमाई रुद्रपुर में रामपुर रोड स्थित बैरियर की है। बता दें कि सिडकुल में रोजाना करीब ढाई से तीन हजार ट्रकों व अन्य भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इनमें से ज्यादातर रामपुर मार्ग से ही गुजरते हैं।
रात नौ बजे बाद शहर की नो एंट्री खुलते ही इस अस्थाई बैरियर पर दबंगों का वसूली का खेल शुरू हो जाता है। बैरियर से गुजरने वाले वाहनों की 40 से 100 रुपए तक की पर्ची काटी जाती है। औसतन प्रति वाहन पचास रुपए की वसूली भी मानी जाई तो तीन हजार वाहनों से प्रतिदिन डेढ़ लाख की रकम वसूल की जाती है। वसूली का यह मोटा आंकड़ा सिर्फ रुद्रपुर का है, जिले के अन्य बैरियरों की वसूली को भी जोड़ें तो प्रतिदिन की वसूली करीब ढाई से तीन लाख बैठती है। यानी महीने में यह आंकड़ा करोड़ों में है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊधमसिंह नगर जिला अवैध वसूूली का कितना बड़ा गढ़ बन चुका है।
जिले की सड़कों पर अवैध वसूली के खेल का अमर उजाला में खुलासा होने के बाद जिले के अफसरों में भी खलबली मची है। इतने बड़े स्तर पर हो रही अवैध वसूली अधिकारियों के गले नहीं उतर रही। आनन-फानन में अधिकारियों ने इस बड़े खेल की तह तक जाने के लिए छानबीन शुरू कर दी है। सोमवार को डीएम ने भी इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने अवैध वसूली में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही है।
जिला पंचायत के नाम पर अवैध वसूली के खुलासे से जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार भी दंग हैं। सोमवार को अमर उजाला से बाचतीत में उन्होंने जिला पंचायत की ओर से ऐसी कोई भी वसूली होने से इनकार किया। उन्होंने कहा यह गंभीर मामला है, इसकी जांच होनी चाहिए। गदरपुर में हो रही वसूली को भी उन्होंने पूरी तरह से अवैध करार दिया। उधर इस मामले में सोमवार को उन्होंने विभागीय अफसरों से भी विस्तार से वार्ता की है।
अस्थाई बैरियरों पर अवैध वसूली के मामले पूर्व में भाजपा सरकार के समय भी सामने आये थे, लेकिन मामला शासन के संज्ञान में आने पर वसूली बंद हो गई थी। भाजपा नेता हितेंद्र त्रिपाठी ने बताया भाजपा सरकार के समय तत्कालीन सीएम भुवन चंद्र खंडूरी के शासन के समय अवैध वसूली की शिकायतें आई थी, उन्होंने खुद भी इन शिकायतों की सच्चाई से सरकार को अवगत कराया था जिसके बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेकर वसूली बंद करा दी थी। कांग्रेस सरकार आने के बाद अवैध वसूली का यह खेल फिर शुरू हो गया।
मामले में जांच बैठा दी गई है। नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम सड़कों पर वसूली करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से इसका पूरा ब्यौरा मांगा है। इस दिशा में एसएसपी से भी बात की जा रही है कि आखिर कहां-कहां बैरियर अवैध रूप से चल रहे हैं।
- चंद्रेश कुमार यादव, डीएम यूएस नगर
सीओ से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। यह पता लगाया जा रहा है कि जिन लोगों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट की और ट्रक लूटा, वे कौन थे। बैरियर पर कितने लोग वसूली में लगे थे। उनकी गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है। हालांकि ट्रक मालिक ने कोई तहरीर नहीं दी है, लेकिन दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
--सेंथिल अबुदई, एसएसपी यूएस नगर
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चार साल से जिले की सीमाओं पर खुलेआम हो रही अवैध वसूली
सत्ता की आड़ में जिले में अवैध वसूली का खेल करीब चार साल से चल रहा है, जिला पंचायत के नाम पर वाहनों से अवैध वसूली करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का भय नहीं है। शाम ढलने के साथ ही जनपद की सीमीओं पर दबंगों द्वारा अवैध वसूली का खेल शुरू कर दिया जाता है। पूरी रात करीब पांच हजारों वाहनों से जिला पंचायत के नाम पर शुल्क वसूला जाता है।
जिला पंचायत के नाम पर जनपद में वाहनों से हो रही अवैध वसूली का खेल सुनियोजित ढंग से चल रहा है। मोटी कमाई के लिए माफिया ने अपना नेटवर्क पूरे जिले में फैला रखा है। जिले भर में करीब दर्जन भर अस्थाई बैरियरों पर दबंग किस्म के लोग खुलेआम वाहनों से टैक्स वसूलते हैं। नियम विरुद्ध वसूली करने वाले लोग बाकायदा खुद को सरकारी मुलाजिम बताकर वाहन चालकों पर रौब जमाते हैं और शुल्क नहीं देने वाले चालकों को डरा-धमकाकर मजबूर कर दिया जाता है।
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वसूली करने वाले ये लोग जो पर्ची काट रहे हैं उस पर जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर साफ साफ लिखा है। यही नहीं इस वसूली के पीछे गजट संख्या 68/इक्कीस-7/2010-11 दिनांक 27 नवंबर 2010 द्वारा उत्तर प्रदेश क्षेत्र समिति तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 यथा संशोधित अधिनियम संख्या-9 सन 1994 व अधिनियम संख्या 29, सन 1995 की धारा 143की धारा 239 (2) के अंतर्गत जिला पंचायत, ऊधमसिंहनगर द्वारा आरोपित लदान-ढुलान शुल्क का हवाला दिया गया है।
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पर्ची में यह भी जिक्र किया गया है कि जिला पंचायत ऊधमसिंहनगर के अधिकृत क्षेत्र में लागू अधिनियम की धारा 240 के अंतर्गत शुल्क अदा नहीं करने की दशा में एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। लगातार न देने की दशा में तीन माह तक की कैद हो सकती है। इस पर्ची में सबसे नीचे अधिकृत प्राप्तकर्ता जिला पंचायत, ऊधमसिंहनगर का नाम दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि जिला पंचायत को इस पर्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं। यानि जिला पंचायत का इस पर्ची से कोई लेना-देना नहीं है। इसका सीधा अर्थ है कि जिला पंचायत की आड़ में इस वसूली को कोई और अंजाम दे रहा है।
जिले में वर्तमान में काशीपुर क्षेत्र में 3, जसपुर में 1, गदरपुर क्षेत्र में 2, बाजपुर में 1, सितारगंज क्षेत्र के बरा में 1, झनकईया में 1 और जिला मुख्यालय पर रामपुर दिल्ली हाईवे पर एक अस्थाई बैरियर लगाकर अवैध वसूली की जा रही है। इन बैरियरों में सबसे मोटी कमाई रुद्रपुर में रामपुर रोड स्थित बैरियर की है। बता दें कि सिडकुल में रोजाना करीब ढाई से तीन हजार ट्रकों व अन्य भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इनमें से ज्यादातर रामपुर मार्ग से ही गुजरते हैं।
रात नौ बजे बाद शहर की नो एंट्री खुलते ही इस अस्थाई बैरियर पर दबंगों का वसूली का खेल शुरू हो जाता है। बैरियर से गुजरने वाले वाहनों की 40 से 100 रुपए तक की पर्ची काटी जाती है। औसतन प्रति वाहन पचास रुपए की वसूली भी मानी जाई तो तीन हजार वाहनों से प्रतिदिन डेढ़ लाख की रकम वसूल की जाती है। वसूली का यह मोटा आंकड़ा सिर्फ रुद्रपुर का है, जिले के अन्य बैरियरों की वसूली को भी जोड़ें तो प्रतिदिन की वसूली करीब ढाई से तीन लाख बैठती है। यानी महीने में यह आंकड़ा करोड़ों में है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊधमसिंह नगर जिला अवैध वसूूली का कितना बड़ा गढ़ बन चुका है।
जिले की सड़कों पर अवैध वसूली के खेल का अमर उजाला में खुलासा होने के बाद जिले के अफसरों में भी खलबली मची है। इतने बड़े स्तर पर हो रही अवैध वसूली अधिकारियों के गले नहीं उतर रही। आनन-फानन में अधिकारियों ने इस बड़े खेल की तह तक जाने के लिए छानबीन शुरू कर दी है। सोमवार को डीएम ने भी इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने अवैध वसूली में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही है।
जिला पंचायत के नाम पर अवैध वसूली के खुलासे से जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार भी दंग हैं। सोमवार को अमर उजाला से बाचतीत में उन्होंने जिला पंचायत की ओर से ऐसी कोई भी वसूली होने से इनकार किया। उन्होंने कहा यह गंभीर मामला है, इसकी जांच होनी चाहिए। गदरपुर में हो रही वसूली को भी उन्होंने पूरी तरह से अवैध करार दिया। उधर इस मामले में सोमवार को उन्होंने विभागीय अफसरों से भी विस्तार से वार्ता की है।
अस्थाई बैरियरों पर अवैध वसूली के मामले पूर्व में भाजपा सरकार के समय भी सामने आये थे, लेकिन मामला शासन के संज्ञान में आने पर वसूली बंद हो गई थी। भाजपा नेता हितेंद्र त्रिपाठी ने बताया भाजपा सरकार के समय तत्कालीन सीएम भुवन चंद्र खंडूरी के शासन के समय अवैध वसूली की शिकायतें आई थी, उन्होंने खुद भी इन शिकायतों की सच्चाई से सरकार को अवगत कराया था जिसके बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेकर वसूली बंद करा दी थी। कांग्रेस सरकार आने के बाद अवैध वसूली का यह खेल फिर शुरू हो गया।
मामले में जांच बैठा दी गई है। नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम सड़कों पर वसूली करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से इसका पूरा ब्यौरा मांगा है। इस दिशा में एसएसपी से भी बात की जा रही है कि आखिर कहां-कहां बैरियर अवैध रूप से चल रहे हैं।
- चंद्रेश कुमार यादव, डीएम यूएस नगर
सीओ से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। यह पता लगाया जा रहा है कि जिन लोगों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट की और ट्रक लूटा, वे कौन थे। बैरियर पर कितने लोग वसूली में लगे थे। उनकी गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है। हालांकि ट्रक मालिक ने कोई तहरीर नहीं दी है, लेकिन दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
--सेंथिल अबुदई, एसएसपी यूएस नगर