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किच्छा में डंपर ने मां-बेटों सहित चार को रौंदा
ब्यूरो/अमर उजाला, किच्छा।
Updated Wed, 29 Mar 2017 01:15 AM IST
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डंपर से चार की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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किच्छा। रुद्रपुर रोड पर काल बने बेकाबू डंपर ने दो सगे भाइयों और उनकी मां को रौंदते हुए एक खोखा मालिक को भी अपने चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में चारों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल, एएसपी देवेंद्र पिंचा मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। उधर पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया है।
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रुद्रपुर के वार्ड चार भदईपुरा निवासी सुनील यादव (22), भारत यादव (30) पुत्रगण स्व. भान सिंह यादव अपने रिश्तेदार आशू की बीमारी का हाल जानने के लिए मंगलवार सुबह सात बजे बाइक से बरेली गए थे। उनकी मां द्रौपदी यादव (50) भी बाइक यूके 06एजे 5530 पर सवार थी। वापसी में मंगलवार करीब चार बजे तीनों अपनी बाइक पर रुद्रपुर की ओर आ रहे थे कि आदित्य चौक से कुछ दूरी पर बेकाबू डंपर काल बनकर आया और तीनों को रौंदता हुआ एक खोखे में जा घुसा, जहां खोखा स्वामी अय्यूब अहमद (40) पुत्र अजीज अहमद निवासी वार्ड छह किच्छा समेत चारों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस घटना में सामने से आ रही ग्राम इंद्रपुर निवासी श्रवण कुमार की कार भी बालबाल बच। डंपर से खालसा ढाबे के बाहर रखा चारपाई आदि फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद डंपर चालक डंपर को छोड़ पैदल ही खेतों की ओर भाग गया। दुर्घटना की सूचना पर चेयरमैन महेंद्र चावला, एसडीएम नरेश चंद दुर्गापाल, एएसपी देवेंद्र पीचा, सीओ स्वतंत्र कुमार, कोतवाल प्रमोद कुमार शाह समेत तमाम पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। बाद में सभी मृतकों को सीएचसी लाया गया। जहां पर पंचनामा के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया।
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किच्छा। दुर्घटना के बाद जब चारों मृतकों के शव सीएचसी पहुंचे तो चारों ओर चीत्कार मच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि रुद्रपुर निवासी यादव परिवार के सगे भाइयों में भारत विवाहित था, उसका एक बेटा है जबकि सुनील अविवाहित था। सुबह अस्पताल जाते समय किसी को पता नहीं था कि दोनों सगे भाइयों और उनकी मां द्रौपदी का यह आखिरी सफर होगा।
किच्छा वार्ड छह निवासी अय्यूब की पान की दुकान पहले पुरानी मंडी के गेट पर थी। हाइवे बनने पर मंडी के बाहर की दुकानें टूटीं तो अय्यूब बेरोजगार हो गया। बाद में उसने रुद्रपुर रोड पर खालसा ढाबे के सामने अपना खोखा रख लिया और पान सिगरेट बेचकर आजीविका चलाने लगा। अय्यूब की चार बेटियां और एक बेटा है। घटना की जानकारी सुनकर पूरा परिवार सीएचसी पहुंचा जहां रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल है।
किच्छा। जिस स्थान पर डंपर ने खोखे को रौंदा वहां पर कुछ नहीं बचा। चारों ओर दुकान का बिखरा सामान और ढाबे की टूटी चारपाइयां दुर्घटना की विभत्सता बयां कर रहीं थीं। लोगों ने बताया कि जिस समय दुर्घटना हुई तब दुकान पर अय्यूब अकेला बैठा था, जबकि कुछ ही पल पहले दुकान पर भीड़ थी। अगर तब हादसा होता तो कई जानें जा सकती थीं।