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राहत शिविर में भोजन के लिए मारामारी
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रुद्रपुर के शिवनगर स्थित राहत शिविर में पुलिस से अपनी शिकायत करती महिला।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। राजकीय प्राथमिक स्कूल शिवनगर में बनाए गए आपदा राहत शिविर में शुक्रवार को भोजन के लिए लोगों में मारामारी की नौबत आ गई। सैकड़ों लोगों के भोजन के लिए पतीले और भगोने लेकर पहुंचने से अफरातफरी का माहौल हो गया। इस पर शिविर में शांतिपूर्ण तरीके से भोजन बंटवाने के लिए पुलिस कर्मियों को तैनात करना पड़ा।
शिवनगर के राहत शिविर में आपदा पीड़ितों के लिए अरहर की दाल, चावल, पूड़ी के साथ ही आलू-टमाटर की सब्जी बनाई गई थी। दोपहर करीब 12 बजे से शिविर में लोगों को भोजन बांटना शुरू किया गया, लेकिन लोग शिविर में उपलब्ध प्लेटों के बजाय घरों से लाए पतीलों, भगोनों और पॉलिथीन में भोजन मांगने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर से ट्रांजिट कैंप मार्ग तक भोजन के लिए लोगों की लंबी लाइन लग गई। भोजन मिलने में देरी होने पर कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने कहा कि वे रात से भूखे हैं, इसके बावजूद समय पर भोजन नहीं मिल रहा। कुछ लोगों ने कम भोजन देने का आरोप लगाया। लोगों को शांत कराने के लिए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। कुछ लोग पुलिस कर्मियों से भी उलझ पड़े। बाद में पुलिस कर्मियों व शिविर में मौजूद अन्य स्टाफ ने लोगों को शांत करवाकर भोजन बंटवाया।
कोट-
भोजन बांटने के दौरान एक व्यक्ति ने मेरी पत्नी के हाथ पर गर्म दाल डाल दी, जिससे उनका हाथ जल गया। राहत शिविर में भोजन के लिए काफी संर्घष करना पड़ा। -गुड्डू सागर
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मैं अपने परिवार के लिए भोजन लेने के लिए आया था, लेकिन यहां कुछ लोगों को कई बर्तनों में भरकर भोजन दिया जा रहा है, तो कुछ लोगों को घर ले जाने के लिए भोजन नहीं मिल रहा। -ओमेंद्र सिंह।
मेरे परिवार में छह लोग हैं। अपने एक बेटे के साथ आधे घंटे से भोजन के लिए लाइन में खड़ी हूं। कल भी परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी थी। -गीता मंडल
मोहल्ले के लोग कह रहे थे कि शिविर में दाल-भात और गर्मागर्म पूड़ी मिल रही हैं। भोजन के लिए लाइन में खड़े-खड़े काफी देर हो चुकी है। भूख और बढ़ गई है। -नौबतराम
नोडल अधिकारी ने स्वयं संभाली कमान
रुद्रपुर। राहत शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत ने भोजन बांटने के लिए स्वयं कमान संभाली तो व्यवस्था कुछ सुधरी। उन्होंने अपने हाथों से लोगों को भोजन दिया। डॉ. पंत ने कहा कि बृहस्पतिवार को शिविर में करीब 1500 लोगों को भोजन बांटा था। शुक्रवार को भी करीब दो हजार लोगों को भोजन दिया गया है। वहां डॉ. महेश जोशी आदि भी थे। (संवाद)
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शिवनगर के राहत शिविर में आपदा पीड़ितों के लिए अरहर की दाल, चावल, पूड़ी के साथ ही आलू-टमाटर की सब्जी बनाई गई थी। दोपहर करीब 12 बजे से शिविर में लोगों को भोजन बांटना शुरू किया गया, लेकिन लोग शिविर में उपलब्ध प्लेटों के बजाय घरों से लाए पतीलों, भगोनों और पॉलिथीन में भोजन मांगने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर से ट्रांजिट कैंप मार्ग तक भोजन के लिए लोगों की लंबी लाइन लग गई। भोजन मिलने में देरी होने पर कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने कहा कि वे रात से भूखे हैं, इसके बावजूद समय पर भोजन नहीं मिल रहा। कुछ लोगों ने कम भोजन देने का आरोप लगाया। लोगों को शांत कराने के लिए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। कुछ लोग पुलिस कर्मियों से भी उलझ पड़े। बाद में पुलिस कर्मियों व शिविर में मौजूद अन्य स्टाफ ने लोगों को शांत करवाकर भोजन बंटवाया।
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कोट-
भोजन बांटने के दौरान एक व्यक्ति ने मेरी पत्नी के हाथ पर गर्म दाल डाल दी, जिससे उनका हाथ जल गया। राहत शिविर में भोजन के लिए काफी संर्घष करना पड़ा। -गुड्डू सागर
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मैं अपने परिवार के लिए भोजन लेने के लिए आया था, लेकिन यहां कुछ लोगों को कई बर्तनों में भरकर भोजन दिया जा रहा है, तो कुछ लोगों को घर ले जाने के लिए भोजन नहीं मिल रहा। -ओमेंद्र सिंह।
मेरे परिवार में छह लोग हैं। अपने एक बेटे के साथ आधे घंटे से भोजन के लिए लाइन में खड़ी हूं। कल भी परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी थी। -गीता मंडल
मोहल्ले के लोग कह रहे थे कि शिविर में दाल-भात और गर्मागर्म पूड़ी मिल रही हैं। भोजन के लिए लाइन में खड़े-खड़े काफी देर हो चुकी है। भूख और बढ़ गई है। -नौबतराम
नोडल अधिकारी ने स्वयं संभाली कमान
रुद्रपुर। राहत शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत ने भोजन बांटने के लिए स्वयं कमान संभाली तो व्यवस्था कुछ सुधरी। उन्होंने अपने हाथों से लोगों को भोजन दिया। डॉ. पंत ने कहा कि बृहस्पतिवार को शिविर में करीब 1500 लोगों को भोजन बांटा था। शुक्रवार को भी करीब दो हजार लोगों को भोजन दिया गया है। वहां डॉ. महेश जोशी आदि भी थे। (संवाद)