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सहकारी विकास संघ के क्रय केंद्र से किसानों का धान चोरी
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sat, 05 Nov 2016 11:48 PM IST
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बरामद धान के साथ पुलिस व किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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धान क्रय केंद्रों पर जमकर धांधली हो रही है। शहदौरा क्षेत्र में सहकारी विकास संघ के धान क्रय केंद्र प्रभारी की मिलीभगत से किसानों का 65 बोरे धान चुरा लिया गया। मामले की जानकारी पर किसानों ने हंगामा काटा। बाद में पुलिस ने धान बरामद कर लिया। एसडीएम ने केंद्र प्रभारी को हटाते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
तराई विकास संघ का शहदौरा में धान क्रय केंद्र 1 अक्तूबर को खुला था। आज तक केंद्र पर 5438 क्विंटल धान तुल चुका है जबकि क्षेत्र के दर्जनों किसानों का सैकड़ों क्विंटल धान अलग-अलग कई ढेरियां लगी हुई हैं। किसानों का कहना था कि कभी उन्हें वारदाना नहीं होने और कभी लेबर नहीं होने की बात कहकर टहलाया जाता रहा है। शुक्रवार शाम को केंद्र से एक ट्रक पर 65 बोरे धान लादा गया तो किसानों को बताया गया कि यह माल गोदाम में जा रहा है।
बाद में किसानों को पता चला कि यह माल गोदाम में ना जाकर ग्राम गऊघाट भेजा गया है। चूंकि गऊघाट की ही लेबर केंद्र पर काम कर रही थी तो किसानों को शक हुआ कि यह धान ढेरियों से चोरी किया गया है। शनिवार सुबह बड़ी तादाद में किसान एकजुट होकर गऊघाट पहुंचे और वहां ग्रामीणों को बताया कि यहां पर चोरी का धान आया है। भयभीत श्रमिकों ने अपने-अपने घरों से लाकर बोरियां धान समेत वापस दी। जबकि कुछ बोरियां ट्रक में पड़ी थी। किसानों के हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। किसानों के अनुसार जब लोगों ने केंद्र प्रभारी को बुलाया तो पहले तो अनभिज्ञता जाहिर करता रहा फिर उसने स्वीकार किया कि हर ढेरी में से थोड़ा-थोड़ा चुराकर यह बोरियां एकत्र की गई हैं।
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बाद में पुलिस ने सभी धान की बोरियां बरामद कर केंद्र पर पहुंचाई। बाद में केंद्र प्रभारी और किसानों की मौजूदगी में समझौता किया गया। इधर देर शाम एसडीएम नरेश चंद दुर्गापाल ने बताया कि उन्हें केंद्र से धान चोरी करने की जानकारी लोगों ने दी थी। बताया कि केंद्र प्रभारी को हटाने के साथ-साथ आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। यहां पर अखिल भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगरूप सिंह, पिशौरा सिंह, तैयब खान, जगरूप सिंह आदि थे।
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तराई विकास संघ का शहदौरा में धान क्रय केंद्र 1 अक्तूबर को खुला था। आज तक केंद्र पर 5438 क्विंटल धान तुल चुका है जबकि क्षेत्र के दर्जनों किसानों का सैकड़ों क्विंटल धान अलग-अलग कई ढेरियां लगी हुई हैं। किसानों का कहना था कि कभी उन्हें वारदाना नहीं होने और कभी लेबर नहीं होने की बात कहकर टहलाया जाता रहा है। शुक्रवार शाम को केंद्र से एक ट्रक पर 65 बोरे धान लादा गया तो किसानों को बताया गया कि यह माल गोदाम में जा रहा है।
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बाद में किसानों को पता चला कि यह माल गोदाम में ना जाकर ग्राम गऊघाट भेजा गया है। चूंकि गऊघाट की ही लेबर केंद्र पर काम कर रही थी तो किसानों को शक हुआ कि यह धान ढेरियों से चोरी किया गया है। शनिवार सुबह बड़ी तादाद में किसान एकजुट होकर गऊघाट पहुंचे और वहां ग्रामीणों को बताया कि यहां पर चोरी का धान आया है। भयभीत श्रमिकों ने अपने-अपने घरों से लाकर बोरियां धान समेत वापस दी। जबकि कुछ बोरियां ट्रक में पड़ी थी। किसानों के हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। किसानों के अनुसार जब लोगों ने केंद्र प्रभारी को बुलाया तो पहले तो अनभिज्ञता जाहिर करता रहा फिर उसने स्वीकार किया कि हर ढेरी में से थोड़ा-थोड़ा चुराकर यह बोरियां एकत्र की गई हैं।
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बाद में पुलिस ने सभी धान की बोरियां बरामद कर केंद्र पर पहुंचाई। बाद में केंद्र प्रभारी और किसानों की मौजूदगी में समझौता किया गया। इधर देर शाम एसडीएम नरेश चंद दुर्गापाल ने बताया कि उन्हें केंद्र से धान चोरी करने की जानकारी लोगों ने दी थी। बताया कि केंद्र प्रभारी को हटाने के साथ-साथ आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। यहां पर अखिल भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगरूप सिंह, पिशौरा सिंह, तैयब खान, जगरूप सिंह आदि थे।