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गन्ना तुलवाने के लिए चार दिन से लाइन में खड़े किसान
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सितारगंज चीनी मिल पर गन्ना तुलाने को गेट पर जमा गन्ने से लदे वाहन।
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। दि किसान सहकारी चीनी मिल की तकनीकी खराबी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। मिल में खराबी की वजह से आए दिन गन्ना पेराई ठप हो जा रही है। किच्छा चीनी मिल का गन्ना भी मिल को भेजने से चीनी मिल में हजारों क्विंटल गन्ना डंप है। पिछले चार दिन से किसान ट्रक और ट्रैक्टर- ट्रॉलियों में गन्ना भरकर लंबी कतार लगाए खड़े हैं। वाहनों से गन्ना न उतरने से सितारगंज और किच्छा क्षेत्र के गन्ना किसानों व ट्रांसपोर्टरों में मिल प्रबंधन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि मिल बंद होने से अधिकारी व केंद्र प्रभारी तक फोन नहीं उठा रहे हैं। भीषण गर्मी में किसान भूखे प्यासे रात दिन कतार में लगने को मजबूर हैं।
गदरपुर, किच्छा, सितारगंज क्षेत्र के किसान पिछले चार दिनों से गन्ना तुलवाने का इंतजार कर रहे हैं। किच्छा चीनी मिल में करीब एक सप्ताह पहले आई खराबी के कारण किच्छा चीनी मिल क्षेत्र का गन्ना सितारगंज चीनी मिल को डायवर्ट कर दिया है। जबकि सितारगंज चीनी मिल सत्र भर में अभी तक अपनी क्षमता पर ही गन्ने की पेराई नहीं कर सकी है। अभी भी चीनी मिल में प्रतिदिन करीब 17 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही है। जबकि क्षमता 25 हजार क्विंटल पेराई की है। पिछले तीन दिनों में कई बार चीनी मिल के प्लांट में खराबी आई। शनिवार की शाम से चीनी मिल में उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। क्षेत्र का गन्ना लगातार चीनी मिल को आ रहा है।
किच्छा क्षेत्र का गन्ना भी सितारगंज चीनी मिल को डायवर्ट होने से किसानों और ट्रांसपोर्टरों की लंबी कतार लगी है। चीनी मिल में अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि पिछले चार दिनों से दिन-रात वह मिल के गन्ना केंद्र पर पड़े हुए हैं। मिल प्रशासन व उच्चाधिकारी कोई सुनने को तैयार नहीं है। किच्छा के किसानों ने कहा कि चार दिन से गन्ना तुलाने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनके गन्ने की तौल ही नहीं की जा रही है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि चार दिन व चार रात से धूप व मच्छरों के बीच रहकर वाहनों में लदे गन्ने को तुलाने की जुगत में लगे हैं। उन्होंने डीएम से गन्ना तौल कराकर जल्द ही उनके वाहनों को खाली कराने की मांग की।
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किच्छा चीनी मिल की रोजाना गन्ना पेराई की क्षमता 40 हजार क्विंटल है। सितारगंज चीनी मिल अपनी क्षमता के अनुसार चल नहीं रही है। शनिवार से तकनीकी खराबी के कारण मिल बंद रही। ऐसे में मिल में ज्यादा गन्ना आने की वजह से तौल नहीं हो पा रही है। मिल की मरम्मत कर उसे दोबारा चलाने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही मिल चालू भी हो जाएगी।
-आरके सेठ, जीएम, दि किसान सहकारी चीनी मिल सितारगंज।
-सितारगंज चीनी मिल की 17 हजार क्विंटल पेराई ही कर पा रही है। ऐसे में किच्छा चीनी मिल का गन्ना डायवर्ट करने से दिक्कत आई है। गन्ना आयुक्त व डीसी को चीनी मिल भेजा है और व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। गन्ना तौल शुरू करने को भी को कहा गया है। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जल्द से जल्द मिल में आई खराबी को दुरुस्त कर पेराई चालू कराई जा रही है।
-सौरभ बहुगुणा, गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री।
बाजपुर चीनी मिल की समस्याएं गन्ना मंत्री के समक्ष रखेंगे किसान
बाजपुर। चीनी मिल संघर्ष समिति की बैठक में बाजपुर चीनी मिल में स्थायी महाप्रबंधक की नियुक्ति करने, मिल का मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान चीनी मिल की समस्याओं के लिए सूबे के गन्ना मंत्री से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। रविवार को अनाज मंडी के सभागार में आयोजित बैठक में किसानों ने कहा कि बाजपुर चीनी मिल में स्थायी जीएम नहीं होने से मिल का कार्य सुचारु नहीं हो पाता है। आगामी पेराई सत्र के लिए मिल का मरम्मत कार्य समय से शुरू किया जाए, जिससे मिल सुचारु रूप से चल सके। मिल की अन्य समस्याओं पर भी किसानों ने बिंदुवार चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता ज्येष्ठ उप प्रमुख जोरावर सिंह भुल्लर ने की। मौके पर पूर्व प्रधान शकील अहमद, विजेंद्र डोगरा, बलदेव नामधारी, प्रताप सिंह संधू, सरताज औलख, अशोक गोयल, राजू शर्मा, उपकार सिंह, तेजेश्वर सिंह आदि थे। संवाद
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गदरपुर, किच्छा, सितारगंज क्षेत्र के किसान पिछले चार दिनों से गन्ना तुलवाने का इंतजार कर रहे हैं। किच्छा चीनी मिल में करीब एक सप्ताह पहले आई खराबी के कारण किच्छा चीनी मिल क्षेत्र का गन्ना सितारगंज चीनी मिल को डायवर्ट कर दिया है। जबकि सितारगंज चीनी मिल सत्र भर में अभी तक अपनी क्षमता पर ही गन्ने की पेराई नहीं कर सकी है। अभी भी चीनी मिल में प्रतिदिन करीब 17 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही है। जबकि क्षमता 25 हजार क्विंटल पेराई की है। पिछले तीन दिनों में कई बार चीनी मिल के प्लांट में खराबी आई। शनिवार की शाम से चीनी मिल में उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। क्षेत्र का गन्ना लगातार चीनी मिल को आ रहा है।
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किच्छा क्षेत्र का गन्ना भी सितारगंज चीनी मिल को डायवर्ट होने से किसानों और ट्रांसपोर्टरों की लंबी कतार लगी है। चीनी मिल में अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि पिछले चार दिनों से दिन-रात वह मिल के गन्ना केंद्र पर पड़े हुए हैं। मिल प्रशासन व उच्चाधिकारी कोई सुनने को तैयार नहीं है। किच्छा के किसानों ने कहा कि चार दिन से गन्ना तुलाने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनके गन्ने की तौल ही नहीं की जा रही है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि चार दिन व चार रात से धूप व मच्छरों के बीच रहकर वाहनों में लदे गन्ने को तुलाने की जुगत में लगे हैं। उन्होंने डीएम से गन्ना तौल कराकर जल्द ही उनके वाहनों को खाली कराने की मांग की।
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किच्छा चीनी मिल की रोजाना गन्ना पेराई की क्षमता 40 हजार क्विंटल है। सितारगंज चीनी मिल अपनी क्षमता के अनुसार चल नहीं रही है। शनिवार से तकनीकी खराबी के कारण मिल बंद रही। ऐसे में मिल में ज्यादा गन्ना आने की वजह से तौल नहीं हो पा रही है। मिल की मरम्मत कर उसे दोबारा चलाने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही मिल चालू भी हो जाएगी।
-आरके सेठ, जीएम, दि किसान सहकारी चीनी मिल सितारगंज।
-सितारगंज चीनी मिल की 17 हजार क्विंटल पेराई ही कर पा रही है। ऐसे में किच्छा चीनी मिल का गन्ना डायवर्ट करने से दिक्कत आई है। गन्ना आयुक्त व डीसी को चीनी मिल भेजा है और व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। गन्ना तौल शुरू करने को भी को कहा गया है। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जल्द से जल्द मिल में आई खराबी को दुरुस्त कर पेराई चालू कराई जा रही है।
-सौरभ बहुगुणा, गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री।
बाजपुर चीनी मिल की समस्याएं गन्ना मंत्री के समक्ष रखेंगे किसान
बाजपुर। चीनी मिल संघर्ष समिति की बैठक में बाजपुर चीनी मिल में स्थायी महाप्रबंधक की नियुक्ति करने, मिल का मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान चीनी मिल की समस्याओं के लिए सूबे के गन्ना मंत्री से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। रविवार को अनाज मंडी के सभागार में आयोजित बैठक में किसानों ने कहा कि बाजपुर चीनी मिल में स्थायी जीएम नहीं होने से मिल का कार्य सुचारु नहीं हो पाता है। आगामी पेराई सत्र के लिए मिल का मरम्मत कार्य समय से शुरू किया जाए, जिससे मिल सुचारु रूप से चल सके। मिल की अन्य समस्याओं पर भी किसानों ने बिंदुवार चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता ज्येष्ठ उप प्रमुख जोरावर सिंह भुल्लर ने की। मौके पर पूर्व प्रधान शकील अहमद, विजेंद्र डोगरा, बलदेव नामधारी, प्रताप सिंह संधू, सरताज औलख, अशोक गोयल, राजू शर्मा, उपकार सिंह, तेजेश्वर सिंह आदि थे। संवाद