{"_id":"5bc4de34bdec22695b779753","slug":"farmers-did-not-sell-their-crop-beacaause-of-less-rate","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाजिब दाम नहीं मिलने तो 45 ट्रॉली धान ले गए किसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाजिब दाम नहीं मिलने तो 45 ट्रॉली धान ले गए किसान
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:06 AM IST
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- फोटो : twitter
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गल्ला मंडी में नमी की वजह से सही दाम नहीं मिलने पर सोमवार को किसान धान से लदी 45 ट्रॉली लेकर लौट गए। मंडी में आढ़तियों ने 30 ट्रॉली धान 1475 रुपये से 1540 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। मंडी सचिव आशा गोस्वामी ने कहा कि किसान स्वतंत्र है और वह कहीं भी धान बेच सकता है। धान में नमी मानक के लिहाज से 17 प्रतिशत आने पर ही न्यूनतम समर्थन का लाभ मिल सकेगा। ब्यूरो
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हरियाणा और पंजाब पैटर्न पर हुई धान खरीद
भारतीय किसान यूनियन की पहल पर इस बार कृषि उत्पादन मंडी परिसर में हरियाणा एवं पंजाब पैटर्न पर धान खरीदा गया। मंडी समिति एवं मार्केटिंग विभाग के अधिकारियों ने करीब 24 ट्रॉलियां राइस मिलरों और आढ़तियों को सरकारी रेट 1770-1750 रुपये की दर पर बेची। नमी मापने को लेकर किसानों की एक मिल मालिक से नोकझोंक भी हुई।
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इस दौरान एसएमआई चंद्रशेखर आर्य, एमआई ललित मोहन ओली, मंडी सचिव डीएस बिष्ट, मोहन चंद, मदन लाल, ललित मोहन पाठक, पूरन सिंह ने नमी मापी। वहां पर ब्लॉक अध्यक्ष गुरसेवक सिंह किसान नेता प्रकाश तिवारी, जनक सिंह, गुरवंत सिंह, जसविंदर सिंह पप्पू, हरप्रीत सिंह, राजेश राणा, जसपाल सिंह, सुभाष बत्रा, नवीन चंद, हरीश जोशी, संजय अग्रवाल, ईश्वर बंसल, योगेश गर्ग, राजू अग्रवाल आदि थे।
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इधर, बाद में भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष ने पहली बार नमी मापकर हुई खरीद के प्रति शासन प्रशासन सहित राइस मिलर एवं आढ़तियों का आभार व्यक्त किया।