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मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम से बचाई जा सकेंगी फसलें
अमर उजाला ब्यूरो पंतनगर
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:28 AM IST
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किसान मेले में कृषि विभाग के छात्रों ने करीब दो साल की मेहनत के बाद ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसकी मदद से फसल को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट को छात्रों ने मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम नाम दिया है। फिलहाल अभी यह प्रोजेक्ट बाजार में नहीं आया है, लेकिन इससे संबंधित छात्रों के सुझावों को हरी झंडी मिलने के बाद जल्द ही इसके माध्यम से किसानों को फायदा उठाते देखा जा सकेगा।
अक्सर जानकारी के अभाव में किसान कई बार ऐसी फसलों की बुआई कर देते हैं, जो मौसम के अनुकूल नहीं होती। इस कारण आखिरी समय में फसल बर्बाद हो जाती है। हालंाकि किसानों की जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बने हैं, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में इन केंद्रो की कमी और अन्य क्षेत्रीय समस्याओं के चलते किसान पर्यावरण के अनुकूल फसल नहीं लगा पाते।
इन सारी समस्याओं को देखते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के छात्रों ने मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट की मदद से किसानों को कृषि से संबंधित हर जानकारी प्रदान की जाएगी, जिसकी मदद से वह मौसम और जगह के अनुकूल फसलों की बुआई कर पाएंगे। मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट किसानों को नई जानकारी तो उपलब्ध कराएगा ही, साथ ही फसलों की बर्बादी से भी बचाएगा।
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अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही छात्रों द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट खेतों में दिखाई देगा।
छात्रों के अनुसार भविष्य में तराई और पर्वतीय क्षेत्रों में यह प्रोजेक्ट स्थपित किये जा सकते हैं, जो इंटरनेट के माध्यम से पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि विभाग से जुड़े होंगे। इसके जरिए किसानों को उनके कृषि से संबंधित सारे सवालों के जवाब मुहैया कराए जाएंगे। प्रोजेक्ट हेड प्रज्ञा गोस्वामी के अनुसार मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट पेटेंट होने के बाद किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट में किसानों को ऑडियो भी भेजे जाने की सुविधा होगी। कम पढे़ लिखे होने के कारण किसान नई तकनीक को नहीं समझ पाते। इससे वे निपुणता से कोई नई मशीन का उपयोग नहीं कर पाते। छात्रों ने इन सारी समस्याओं को देखते हुए प्रोजेक्ट में ऑडियो मैसेज की सुविधा होगी, जिसमें किसानों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
किसानों को यह होंगे फायदे
- क्षेत्र और मौसम के हिसाब से कौन सी फसल कब लगाई जाए
- पकी फसलों में लगी बीमारियां दूर करने के तरीकों की मिलेगी जानकारी
- पैसे और समय की होगी बचत।
- किसान होंगे जागरुक।
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अक्सर जानकारी के अभाव में किसान कई बार ऐसी फसलों की बुआई कर देते हैं, जो मौसम के अनुकूल नहीं होती। इस कारण आखिरी समय में फसल बर्बाद हो जाती है। हालंाकि किसानों की जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बने हैं, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में इन केंद्रो की कमी और अन्य क्षेत्रीय समस्याओं के चलते किसान पर्यावरण के अनुकूल फसल नहीं लगा पाते।
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इन सारी समस्याओं को देखते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के छात्रों ने मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट की मदद से किसानों को कृषि से संबंधित हर जानकारी प्रदान की जाएगी, जिसकी मदद से वह मौसम और जगह के अनुकूल फसलों की बुआई कर पाएंगे। मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट किसानों को नई जानकारी तो उपलब्ध कराएगा ही, साथ ही फसलों की बर्बादी से भी बचाएगा।
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अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही छात्रों द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट खेतों में दिखाई देगा।
छात्रों के अनुसार भविष्य में तराई और पर्वतीय क्षेत्रों में यह प्रोजेक्ट स्थपित किये जा सकते हैं, जो इंटरनेट के माध्यम से पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि विभाग से जुड़े होंगे। इसके जरिए किसानों को उनके कृषि से संबंधित सारे सवालों के जवाब मुहैया कराए जाएंगे। प्रोजेक्ट हेड प्रज्ञा गोस्वामी के अनुसार मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट पेटेंट होने के बाद किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
मानव रहित एक्सपर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट में किसानों को ऑडियो भी भेजे जाने की सुविधा होगी। कम पढे़ लिखे होने के कारण किसान नई तकनीक को नहीं समझ पाते। इससे वे निपुणता से कोई नई मशीन का उपयोग नहीं कर पाते। छात्रों ने इन सारी समस्याओं को देखते हुए प्रोजेक्ट में ऑडियो मैसेज की सुविधा होगी, जिसमें किसानों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
किसानों को यह होंगे फायदे
- क्षेत्र और मौसम के हिसाब से कौन सी फसल कब लगाई जाए
- पकी फसलों में लगी बीमारियां दूर करने के तरीकों की मिलेगी जानकारी
- पैसे और समय की होगी बचत।
- किसान होंगे जागरुक।