{"_id":"6a4810584ca226db6001a3b2","slug":"direct-seeding-of-paddy-is-beneficial-up-to-the-first-week-of-july-rudrapur-news-c-242-1-rdp1025-143799-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: जुलाई के पहले हफ्ते तक धान की सीधी बुवाई फायदेमंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: जुलाई के पहले हफ्ते तक धान की सीधी बुवाई फायदेमंद
Sat, 04 Jul 2026 01:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने जुलाई के पहले पखवाड़े में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डाॅ. एके शर्मा के अनुसार धान की रोपाई जारी रखने और जबकि सीधी बुवाई पहले सप्ताह में पूरी करने की सलाह दी है।
डाॅ. शर्मा ने बताया कि किसानों को धान की उन्नतशील प्रजातियों के लिए रोपाई से पूर्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश 50ः60ः40 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए। खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के तीन दिन के अंदर प्रेटिलाक्लोर एक सप्ताह के अंदर एनिलोफाॅस 30 ईसी 1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग किया जाएगा। किसान रसायन का प्रयोग नहीं होने पर रोपाई के 15-20 दिन बाद बिस्पायरीबैक सोडियम 10 ईसी का प्रयोग किया करें। गन्ने के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए। मक्का में निराई-गुड़ाई और सिंचाई करें। सोयाबीन और देर से पकने वाली अरहर की बुवाई जल्द पूरी करें। पर्वतीय क्षेत्र में मंडुवा, झंगोरा, काकुन और रामदाना की निराई-गुड़ाई कर बारिश के बाद यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें।
विज्ञापन
डाॅ. शर्मा ने बताया कि किसानों को धान की उन्नतशील प्रजातियों के लिए रोपाई से पूर्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश 50ः60ः40 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए। खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के तीन दिन के अंदर प्रेटिलाक्लोर एक सप्ताह के अंदर एनिलोफाॅस 30 ईसी 1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग किया जाएगा। किसान रसायन का प्रयोग नहीं होने पर रोपाई के 15-20 दिन बाद बिस्पायरीबैक सोडियम 10 ईसी का प्रयोग किया करें। गन्ने के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए। मक्का में निराई-गुड़ाई और सिंचाई करें। सोयाबीन और देर से पकने वाली अरहर की बुवाई जल्द पूरी करें। पर्वतीय क्षेत्र में मंडुवा, झंगोरा, काकुन और रामदाना की निराई-गुड़ाई कर बारिश के बाद यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें।
विज्ञापन