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UK News: रिटायर्ड कर्मियों की जमापूंजी पर बुरी नजर, 8 माह में साढ़े दस करोड़ की ठगी, कुमाऊंभर के 24 मामले दर्ज

Thu, 23 Oct 2025 12:12 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 23 Oct 2025 12:12 PM IST
सार

कुमाऊं क्षेत्र में साइबर ठग सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। पिछले आठ महीनों में ठगों ने फर्जी कॉल, मैसेज और ई-मेल के जरिए लोगों को फंसाकर उनके बैंक खातों से 10.41 करोड़ रुपये की ठगी की है।

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Cyber fraudsters trapped retired employees and usurped their savings in kumoun
cyber fraud

विस्तार

कुमाऊं में अधिकतर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जमापूंजी को साइबर ठग उड़ा ले रहे हैं। आठ महीनों में साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैंक खातों से 10.41 करोड़ रुपये उड़ा लिए। साइबर थाने में 20 लाख से अधिक ठगी के 24 मामले दर्ज हुए हैं। ठगी के इन मामलों में शातिरों ने अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया। फर्जी कॉल, मैसेज, डिजिटल अरेस्ट और ईमेल के माध्यम से सरकारी नौकरी से रिटायर्ड कर्मचारियों को जाल में फंसाकर उनकी जमापूंजी हड़प ली। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।साइबर थाना और पुलिस विभाग ने इन मामलों की जांच शुरू कर दी है। ठगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान तो चलाए जा रहे हैं लेकिन लोगों का जागरूक होना जरूरी है।

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साइबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है जागरुकता। अंजान नंबर से आने वाली धमकियों से अक्सर लोग डर जाते हैं और ठगों के बताने पर सब कुछ कर लेते हैं जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। लोगों को ठगी से बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारी ठगों के निशाने पर हैं। -मणिकांत मिश्रा, एसएसपी
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डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़े

बुजुर्ग लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। साइबर ठग बुजुर्गों को फोन कर झांसा देते हैं कि उनके नाम से विदेश को स्मैक भेजी जा रही है। कोरियर उन्हें मिला है। यदि बचना है तो मुंबई क्राइम ब्रांच आना होगा। इस कॉल से बुजुर्ग घबरा जाते हैं और मामले को मैनेज करने की बात करते हैं। इसके बाद ठग उन्हें कमरे में बंद करके ठगी का खेल शुरू करते हैं। जबकि हकीकत ये है कि डिजिटल अरेस्ट पुलिस कभी करती ही नहीं है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें

  1. अंजान फोन कॉल और मैसेज पर विश्वास न करें
  2. अधूरी जानकारी के गूगल पर किसी वेबसाइट का प्रयोग न करें
  3. आपके नाम से ड्रग्स पकड़े जाने का कोई कॉल आता है तो समझें फर्जी है
  4. डिजिटल अरेस्ट पुलिस कभी नहीं करती। इसलिए ऐसा कॉल आता है तो डरे नहीं


यहां करें शिकायत
टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

17 ठग पकड़े, 13 को भेजे नोटिस
साइबर ठगी के बाद आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं है। ठग ऐसे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें पता ही नहीं रहता कि उनके नाम का कोई बैंक खाता चल रहा है। जब पुलिस इन्हें पकड़ने पहुंचती है तो हाथ कुछ नहीं लगता है। इस साल आठ महीने में पुलिस ने 17 ठगों को पकड़ा है और 13 की संलिप्तता मिलने पर उन्हें नोटिस भेजा है।


 

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