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गिरफ्तारी से बचने को सुप्रीम कोर्ट की शरण में डीपी
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:18 AM IST
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह एसआईटी की गिरफ्त से बचने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है। भूमिगत डीपी सिंह ने बुधवार को हाइकोर्ट से हटे गिरफ्तारी के स्टे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अवकाश याचिका) दाखिल की है। हालांकि पहले से ही इसका अंदेशा होने पर एसआईटी सुप्रीम कोर्ट में केविएट डाल चुकी है।
अब स्टे देने से पहले कोर्ट एसआईटी को भी पक्ष रखने के लिए बुलाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद डीपी सिंह के दिल्ली में होने की आशंका पर पुलिस की कई टीमें गिरफ्तारी में लगा दी गई हैं।
बता दें कि भूमि मुआवजा घोटाले में मुख्य आरोपी बनाने के बाद से ही डीपी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए कानून का सहारा लेता रहा है। वह कानून की किताब लेकर एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुआ था। इसी के चलते उसने 13 अक्तूबर को हाइकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। डीपी को स्टे मिलने के बाद एसआईटी के जांच अधिकारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने भी स्टे खारिज करने के लिए कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। बीते 28 अक्तूबर को हाइकोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया था।
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तभी से वह परिवार के साथ भूमिगत हो गया था। इसके बाद से ही पुलिस की चार टीमें लगातार डीपी की तलाश में विभिन्न जगहों पर दबिशें दे रही हैं, लेकिन उसका पता लगाने में टीमें अब तक नाकाम ही रही हैं।
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अब स्टे देने से पहले कोर्ट एसआईटी को भी पक्ष रखने के लिए बुलाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद डीपी सिंह के दिल्ली में होने की आशंका पर पुलिस की कई टीमें गिरफ्तारी में लगा दी गई हैं।
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बता दें कि भूमि मुआवजा घोटाले में मुख्य आरोपी बनाने के बाद से ही डीपी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए कानून का सहारा लेता रहा है। वह कानून की किताब लेकर एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुआ था। इसी के चलते उसने 13 अक्तूबर को हाइकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। डीपी को स्टे मिलने के बाद एसआईटी के जांच अधिकारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने भी स्टे खारिज करने के लिए कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। बीते 28 अक्तूबर को हाइकोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया था।
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तभी से वह परिवार के साथ भूमिगत हो गया था। इसके बाद से ही पुलिस की चार टीमें लगातार डीपी की तलाश में विभिन्न जगहों पर दबिशें दे रही हैं, लेकिन उसका पता लगाने में टीमें अब तक नाकाम ही रही हैं।