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15 हजार की रिश्वत लेते धरा गया एसीओ
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:06 AM IST
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काशीपुर में रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारी को ले जाती विजिलेंस टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विजिलेंस की टीम ने सहायक चकबंदी अधिकारी (एसीओ) को दफ्तर में पूर्व प्रधान से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने जमीन की रजिस्टर्ड वसीयत को चार भाइयों के नाम पर दाखिल खारिज करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। करीब चार घंटे तक दफ्तर में आवश्यक कार्रवाई करने के बाद टीम आरोपी को लेकर हल्द्वानी रवाना हो गई।
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जानकारी के अनुसार ग्राम ढकिया कला के पूर्व प्रधान दविंदर सिंह ने साढ़े नौ एकड़ जमीन की रजिस्टर्ड वसीयत को खुद सहित चार भाइयों के नाम दाखिल खारिज कराने की फाइल सहायक चकबंदी अधिकारी जयवीर सिंह चौहान को दी थी। जिसकी एवज में जयवीर ने दविंदर से 15 हजार रुपये की घूस मांगी थी। जिसकी शिकायत दविंदर ने विजिलेंस विभाग से की थी।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब सवा 11 बजे जैसे ही वैशाली कालोनी स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी जयवीर सिंह को उनके दफ्तर के दविंदर सिंह ने रिश्वत के 15 हजार रुपये दिए, तभी हल्द्वानी से आई विजिलेंस की टीम ने जयवीर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रुपयों में लगाया गया केमिकल जयवीर के हाथों में लग गया और जब टीम ने उसके हाथों में पानी डाला तो गुलाबी हो गए। अचानक हुई कार्यवाही से दफ्तर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
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टीम ने शिकायतकर्ता और आईटीआई पुलिस की मौजूदगी में कार्यालय गेट को बंद कर करीब चार घंटे तक जरूरी कागजी कार्रवाई की। जिसके बाद टीम बिना कुछ जानकारी दिए आरोपी को लेकर हल्द्वानी रवाना हो गई। टीम में इंस्पेक्टर अरविंद डंगवाल सहित अन्य शामिल रहे। इधर शिकायतकर्ता दविंदर ने बताया कि दादी करतार कौर ने साढ़े 9 एकड़ जमीन की रजिस्टर्ड वसीयत चार पोतों इकबाल, दविंदर, सविंदर और अरविंदर के नाम की थी। बीते 13 जून को दादी की मृत्यु होने के बाद उन्होंने दाखिल खारिज की फाइल जुलाई के अंतिम महीने में सहायक चकबंदी अधिकारी को दी थी। दाखिल खारिज करने के एवज में उनके रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत नहीं देने पर दो महीने से उनकी फाइल पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
पहले 50 हजार मांगे, फिर 15 में भरी हामी
शिकायतकर्ता दविंदर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने दाखिल खारिज का आवेदन किया था तो सहायक चकबंदी अधिकारी जयवीर चौहान ने 50 हजार रुपयों की मांग की थी। जब उन्होंने इतने ज्यादा रुपये देने में असमर्थता जताई तो आरोपी ने पहले 25 और फिर 15 हजार रुपयों में काम करने पर हामी भर दी। जयवीर ने रिश्वत के रुपयों में 10 हजार रुपये खुद और 5 हजार रुपये स्टाफ के लिए मांगने की बात कही थी। बुधवार को उन्होंने विजिलेंस दफ्तर में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिसके बाद आज टीम ने जयवीर को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर दिया।
घर में रखी फाइल बरामद
सहायक चकबंदी अधिकारी जयवीर सिंह चौहान ने शिकायतकर्ता दविंदर सिंह की फाइल को दफ्तर की बजाए घर पर रखा था। शिकायतकर्ता दविंदर ने बताया कि जयवीर बिना रिश्वत काम नहीं करना चाहता था। इसलिए दो महीने से उसे दफ्तर के चक्कर कटवाए जा रहे थे। इतना ही नहीं जयवीर ने उसकी फाइल को दफ्तर से उठाकर घर रख दिया था। रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद टीम के सदस्य उनको लेकर जयवीर के आवास विकास स्थित किराए के कमरे में ले गए, जहां उसकी फाइल रखी हुई मिल गई थी। जिसके बाद टीम फाइल को लेकर वापस दफ्तर आ गई थी।
प्राइवेट आदमी भी रखे हुए थे
सहायक चकबंदी अधिकारी में प्राइवेट लोग भी रखे हुए थे। ये लोग किसानों से काम कराने की एवज में रिश्वत लेते थे। बृहस्पतिवार को जब टीम ने छापा मारकर सहायक चकबंदी अधिकारी को पकड़ा तो दफ्तर के बाहर काम कराने आए लोग जमा थे। एक किसान ने जब अधिकारी को रिश्वत खोर कहा तो वहां घूम रहे प्राइवेट आदमी उसपर झल्ला उठा। इतना ही नहीं उसने ये तक कह दिया कि काम कराने से उसे इसी दफ्तर में आना पड़ेगा। किसानों ने कहा कि दफ्तर का हाल तो यह है कि यहां एक कागज में साइन कराने की एवज में भी 100 से 200 रुपये देने पड़ते हैं।
आधा दर्जन से अधिक रिश्वत लेते पकड़े गए
क्षेत्र में घूसखोर अधिकारी और कर्मचारियों पर विजिलेंस के साथ ही सीबाईआई ने भी कार्यवाही की है। पांच सालों में पांच अधिकारी विजिलेंस और दो सीबीआई की टीम ने पकड़े हैं। करीब दो महीने पहले ही सीबीआई की टीम ने सेल्स टैक्स के अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा था। इससे पहले सीबीआई की टीम रेलवे के इंजीनियर को पकड़ चुुकी है। इसके अलावा विजिलेंस की टीम ने पांच सालों में एसडीएम को दो पेशकार, पटवारी, सरकारी डाक्टर, विद्युत विभाग के जेई, सेल्स टैक्स अधिकारी को पकड़ चुकी है।