{"_id":"61c8c17eb73aba55492b2613","slug":"crime-rudrapur-news-hld4489455150","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री को बताया गदरपुर का ठग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री को बताया गदरपुर का ठग
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ओवरब्रिज की फाउंडेशन पर लगे फोटो।
- फोटो : KASHIPUR
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चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दल तरह-तरह के हथकंडे अपनाने लगे हैं। एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। तरह तरह की अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं। गदरपुर में युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने 12 सवालों की सूची जारी क र इसके मुख्य पृष्ठ पर प्रदेश के एक मंत्री का फोटो लगाकर ठग ऑफ गदरपुर लिखा है। वहीं उन्होंने 28 दिसंबर को मंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव करने का भी एलान किया है।
आवास विकास स्थित कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए युकां प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने प्रदेश सरकार के इस मंत्री से जुड़े 12 सवालों की सूची जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए हल्द्वानी के कुछ सुगम स्कूलों को दुर्गम श्रेणी में डाला है। नैनीताल जिले में 2017 से सरप्लस शिक्षकों का समायोजन नहीं किया गया। आपदा राशि के चेक देने में आम लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा का वार्षिक बजट 1200 करोड़ रुपये है, फिर भी स्कूलों की स्थिति बदहाल है। खेल महाकुंभ के नाम पर प्रत्येक ब्लॉक को आवंटित राशि का खिलाड़ियों को वितरण नहीं हुआ। उत्तराखंड के लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं जबकि मंत्री बाहर के अपने लोगों को उत्तराखंड में रोजगार दे रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
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भुल्लर ने एलान किया कि 28 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता सवालों का जवाब दो हिसाब दो अभियान के तहत मंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी, युकां प्रदेश सचिव मन्नू चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष विशाल मक्कड़ आदि मौजूद थे।
बहुत कुछ कह रहे काशीपुर में चस्पा बेनामी पोस्टर
ये लिखा है इन पोस्टरों पर
- पांच साल और देकर देखिए, दिक्कतें दोगुनी न हुईं तो नाम बदल देना
- समय पर काम करना हमारी नीयत में नहीं है
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। नगर में लगाए गए कुछ पोस्टर रविवार को चर्चा का विषय रहे। इन पोस्टरों पर किसी का नाम पता नहीं है। यहां तक कि मुद्रक और प्रकाशक का नाम तक नहीं है। जबकि मुद्रक और प्रकाशक का नाम हर पोस्टर पर होता है। ये पोस्टर बहुत कुछ कह रहे हैं। एक पोस्टर पर लिखा है कि पांच साल और देकर देखिए, दिक्कतें दोगुनी न हुईं तो नाम बदल देना। दूसरे पर लिखा है, समय पर काम करना हमारी नीयत में नहीं है। पोस्टरों को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि ये पोस्टर पार्टी विशेष पर कमेंट हैं। इन दिनों ये पोस्टर सोशल मीडिया पर भी देखे जा रहे हैं। लोग इन पोस्टरों पर तरह-तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। इन पोस्टरों के विषय में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। ये पोस्टर कहां से आए, इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है।
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आवास विकास स्थित कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए युकां प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने प्रदेश सरकार के इस मंत्री से जुड़े 12 सवालों की सूची जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए हल्द्वानी के कुछ सुगम स्कूलों को दुर्गम श्रेणी में डाला है। नैनीताल जिले में 2017 से सरप्लस शिक्षकों का समायोजन नहीं किया गया। आपदा राशि के चेक देने में आम लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा का वार्षिक बजट 1200 करोड़ रुपये है, फिर भी स्कूलों की स्थिति बदहाल है। खेल महाकुंभ के नाम पर प्रत्येक ब्लॉक को आवंटित राशि का खिलाड़ियों को वितरण नहीं हुआ। उत्तराखंड के लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं जबकि मंत्री बाहर के अपने लोगों को उत्तराखंड में रोजगार दे रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
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भुल्लर ने एलान किया कि 28 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता सवालों का जवाब दो हिसाब दो अभियान के तहत मंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी, युकां प्रदेश सचिव मन्नू चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष विशाल मक्कड़ आदि मौजूद थे।
बहुत कुछ कह रहे काशीपुर में चस्पा बेनामी पोस्टर
ये लिखा है इन पोस्टरों पर
- पांच साल और देकर देखिए, दिक्कतें दोगुनी न हुईं तो नाम बदल देना
- समय पर काम करना हमारी नीयत में नहीं है
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। नगर में लगाए गए कुछ पोस्टर रविवार को चर्चा का विषय रहे। इन पोस्टरों पर किसी का नाम पता नहीं है। यहां तक कि मुद्रक और प्रकाशक का नाम तक नहीं है। जबकि मुद्रक और प्रकाशक का नाम हर पोस्टर पर होता है। ये पोस्टर बहुत कुछ कह रहे हैं। एक पोस्टर पर लिखा है कि पांच साल और देकर देखिए, दिक्कतें दोगुनी न हुईं तो नाम बदल देना। दूसरे पर लिखा है, समय पर काम करना हमारी नीयत में नहीं है। पोस्टरों को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि ये पोस्टर पार्टी विशेष पर कमेंट हैं। इन दिनों ये पोस्टर सोशल मीडिया पर भी देखे जा रहे हैं। लोग इन पोस्टरों पर तरह-तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। इन पोस्टरों के विषय में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। ये पोस्टर कहां से आए, इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है।

काशीपुर के एक मोहल्ले में लगा पोस्टर।- फोटो : KASHIPUR

गदरपुर में सवालों की सूची जारी करते सुमित्तर भुल्लर।- फोटो : RUDRAPUR