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अब सभी कोरोना पॉजिटिव सैंपलों की होगी जिनोम सिक्वेंसिंग
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कीर्तिराज रुमाल
रुद्रपुर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के केस बढ़ने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव निकले सभी सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग अनिवार्य कर दी है। अब तक सिर्फ पांच प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव सैंपलों की ही जिनोम सिक्वेंसिंग की जा रही थी। जिले में पिछले दिनों मिले सभी 11 पॉजिटिव सैंपलों को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और ऋषिकेश एम्स भेज दिया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में कोरोना की दोनों लहरों में अब तक कुल 37 हजार 900 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से 965 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट आने के बाद कुल कोरोना पॉजिटिव सैंपलों में से पांच प्रतिशत की जिनोम सिक्वेंसिंग की गई थी। इस दौरान जिले में करीब 40 कोरोना संक्रमितों के सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग हुई थी। जिसमें सात लोग डेल्टा प्लस संक्रमित मिले थे। कोरोना संक्रमण की गति थमने के बाद जिनोम सिक्वेंसिंग बंद कर दी गई थी, लेकिन वर्तमान में नए वेरिएंट ओमिक्रोन के सामने आने के बाद एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब पांच प्रतिशत के बजाए सभी पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेसिंग शुरू कर दर दी। स्वास्थ्य सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में पिछले दिनों खटीमा व सितारगंज में सभी 11 सैंपलों को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। राज्य में जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कॉलेज व ऋषिकेश एम्स की लैब को अधिकृत किया गया है।
कोट-
अब तक सिर्फ पांच प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग हो रही थी, लेकिन नए वेरिएंट ओमिक्रोन के आने बाद अब 100 प्रतिशत पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेसिंग की जा रही है, ताकि ओमिक्रोन के संक्रमण को रोका जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। - डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ
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क्या है जिनोम सिक्वेंसिंग
रुद्रपुर। जिनोम सिक्वेसिंग एक प्रकार की जांच है। इसके जरिए कोरोना पॉजिटिव के सैंपल में नए वेरिएंट का पता चलता है। एक वायरस में डीएनए और आरएनए जैसे कई तत्व होते हैं, जिसका जिनोम सिक्वेंसिंग जांच से पता चलता है। साथ ही नया वेरिएंट कैसे बना और इसकी प्रकृति व बदलाव के बारे में भी पता चलता है। इस जांच के बाद कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। संवाद
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रुद्रपुर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के केस बढ़ने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव निकले सभी सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग अनिवार्य कर दी है। अब तक सिर्फ पांच प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव सैंपलों की ही जिनोम सिक्वेंसिंग की जा रही थी। जिले में पिछले दिनों मिले सभी 11 पॉजिटिव सैंपलों को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और ऋषिकेश एम्स भेज दिया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में कोरोना की दोनों लहरों में अब तक कुल 37 हजार 900 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से 965 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट आने के बाद कुल कोरोना पॉजिटिव सैंपलों में से पांच प्रतिशत की जिनोम सिक्वेंसिंग की गई थी। इस दौरान जिले में करीब 40 कोरोना संक्रमितों के सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग हुई थी। जिसमें सात लोग डेल्टा प्लस संक्रमित मिले थे। कोरोना संक्रमण की गति थमने के बाद जिनोम सिक्वेंसिंग बंद कर दी गई थी, लेकिन वर्तमान में नए वेरिएंट ओमिक्रोन के सामने आने के बाद एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब पांच प्रतिशत के बजाए सभी पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेसिंग शुरू कर दर दी। स्वास्थ्य सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में पिछले दिनों खटीमा व सितारगंज में सभी 11 सैंपलों को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। राज्य में जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कॉलेज व ऋषिकेश एम्स की लैब को अधिकृत किया गया है।
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कोट-
अब तक सिर्फ पांच प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेंसिंग हो रही थी, लेकिन नए वेरिएंट ओमिक्रोन के आने बाद अब 100 प्रतिशत पॉजिटिव सैंपलों की जिनोम सिक्वेसिंग की जा रही है, ताकि ओमिक्रोन के संक्रमण को रोका जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। - डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ
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क्या है जिनोम सिक्वेंसिंग
रुद्रपुर। जिनोम सिक्वेसिंग एक प्रकार की जांच है। इसके जरिए कोरोना पॉजिटिव के सैंपल में नए वेरिएंट का पता चलता है। एक वायरस में डीएनए और आरएनए जैसे कई तत्व होते हैं, जिसका जिनोम सिक्वेंसिंग जांच से पता चलता है। साथ ही नया वेरिएंट कैसे बना और इसकी प्रकृति व बदलाव के बारे में भी पता चलता है। इस जांच के बाद कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। संवाद