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Udham Singh Nagar News: 10 हजार किमी की यात्रा कर लौटे केलाखेड़ा के कर्नल धनराज
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केलाखेड़ा। फतेहपुर चीमा फॉर्म निवासी (सेवानिवृत्ति) कर्नल धनराज सिंह चीमा अरुणाचल प्रदेश के किबिथू बॉर्डर पोस्ट से कारगिल युद्ध स्मारक स्थल तक 10 हजार किलोमीटर की साहसिक यात्रा पूरी करके वापस लौटे। इस दौरान व्यापार मंडल और क्षेत्रवासियों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया।
कर्नल धनराज सिंह चीमा (सेवानिवृत्ति) ने बताया कि कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महिंद्रा एंड महिंद्रा और फौजीयाना एसोसिएशन के हार्ट्स टू ब्रेव हार्ट्स अभियान के तहत अरुणाचल प्रदेश के किबिथू बॉर्डर पोस्ट, केरल कोच्चि पोर्ट और राजस्थान तनोट बॉर्डर पोस्ट सहित तीन स्थानों से कारगिल युद्ध स्मारक स्थल तक के लिए एक जुलाई को तीन अलग-अलग टीम रवाना हुई। इस अभियान में अरुणाचल प्रदेश के किबिथू बॉर्डर पोस्ट से कारगिल युद्ध स्मारक स्थल तक 10000 किलोमीटर की सर्वाधिक दूरी तय कर साहसिक यात्रा पूर्ण करने वाली टीम का नेतृत्व रिटायर्ड कर्नल धनराज सिंह चीमा ने किया। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव शर्मा, फतेह सिंह चीमा, कुलवंत कौर चीमा, मानसिंह चीमा, संजय पाठक, प्रदीप कौर चीमा, अनिल कालरा, मनदीप कौर चीमा, लोकेश चौधरी, राजेश अग्रवाल आदि थे।
बारिश और भूस्खलन में चुनौतीपूर्ण रहा कर्नल का सफर
धनराज सिंह चीमा ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें तेज बारिश के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन और पुल टूटने आदि समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में साहस के साथ उन्होंने भारत के दूसरे सर्वाधिक सबसे लंबे 9.1 किलोमीटर के धौला साधिया पुल को पार कर अपनी यात्रा को पूरा किया है। वर्ष 2018 में कर्नल धनराज सिंह चीमा ने मोटरसाइकिल से कन्याकुमारी से जम्मू, श्रीनगर, लेह लद्दाख, मनाली, चंडीगढ़, मेरठ होते हुए केलाखेड़ा अपने निवास तक 6100 किलोमीटर की यात्रा की थी।
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कर्नल धनराज सिंह चीमा (सेवानिवृत्ति) ने बताया कि कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महिंद्रा एंड महिंद्रा और फौजीयाना एसोसिएशन के हार्ट्स टू ब्रेव हार्ट्स अभियान के तहत अरुणाचल प्रदेश के किबिथू बॉर्डर पोस्ट, केरल कोच्चि पोर्ट और राजस्थान तनोट बॉर्डर पोस्ट सहित तीन स्थानों से कारगिल युद्ध स्मारक स्थल तक के लिए एक जुलाई को तीन अलग-अलग टीम रवाना हुई। इस अभियान में अरुणाचल प्रदेश के किबिथू बॉर्डर पोस्ट से कारगिल युद्ध स्मारक स्थल तक 10000 किलोमीटर की सर्वाधिक दूरी तय कर साहसिक यात्रा पूर्ण करने वाली टीम का नेतृत्व रिटायर्ड कर्नल धनराज सिंह चीमा ने किया। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव शर्मा, फतेह सिंह चीमा, कुलवंत कौर चीमा, मानसिंह चीमा, संजय पाठक, प्रदीप कौर चीमा, अनिल कालरा, मनदीप कौर चीमा, लोकेश चौधरी, राजेश अग्रवाल आदि थे।
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बारिश और भूस्खलन में चुनौतीपूर्ण रहा कर्नल का सफर
धनराज सिंह चीमा ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें तेज बारिश के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन और पुल टूटने आदि समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में साहस के साथ उन्होंने भारत के दूसरे सर्वाधिक सबसे लंबे 9.1 किलोमीटर के धौला साधिया पुल को पार कर अपनी यात्रा को पूरा किया है। वर्ष 2018 में कर्नल धनराज सिंह चीमा ने मोटरसाइकिल से कन्याकुमारी से जम्मू, श्रीनगर, लेह लद्दाख, मनाली, चंडीगढ़, मेरठ होते हुए केलाखेड़ा अपने निवास तक 6100 किलोमीटर की यात्रा की थी।
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