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राजनीतिक दुर्बलता का सबसे बड़ा उदाहरण है भारत का विभाजन: धामी
Mon, 14 Aug 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:52 PM IST
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रुद्रपुर मे हुए कार्यक्रम में मौजूद सीएम धामी और अन्य लोग। संवाद
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रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। 14 अगस्त 1947 के इस काले दिन पर मजहब के आधार पर भारत माता के टुकड़े कर दूसरा देश बना दिया गया था। लोगों के बीच नफरत और सांप्रदायिकता की लकीर खींच दी गई। इस दौरान लाखों लोगों की जान गई। भारत का विभाजन राजनीतिक दुर्बलता का उदाहरण है। भारत के लिए यह किसी विभीषिका से कम नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्द को याद करते हुए वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
सोमवार को गदरपुर रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हुए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने बंगाली समुदाय के लिए विशिष्ट बंग भवन का निर्माण करने की घोषणा की। इस पर कार्यक्रम संयोजक ने उनका आभार जताया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपनी मातृ भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रावधान है। बंगाली समुदाय भी अपनी भाषा में शिक्षा ले सके, इस दिशा में कार्य किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय की नमो शूद्र उपजाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने को लेकर केंद्र सरकार को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की कमियों को दूर करते हुए फिर से प्रस्ताव भेजा जाएगा। कहा कि विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सहने वाले लोगों ने ही इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी थी। कार्यक्रम का संचालन तरुण दत्ता और लक्ष्मी देवी ने किया।
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जल्द लागू होगा यूसीसी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को जल्द ही राज्य में लागू किया जाएगा। किच्छा के एम्स का जल्द भूमि पूजन होगा और ग्लोबल इंवेस्टर समिट में सबसे अधिक निवेशक ऊधमसिंह नगर की ओर आकर्षिक हो रहे हैं। देवभूमि का मूल स्वरूप बचाने के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है, जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाए।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो प. बंगाल नहीं बनता : शांतनु
रुद्रपुर। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि विभाजन विभीषिका को स्मरण कर रहे हैं। 65 साल में संविधान को कई बार बदला गया और इसमें संशोधन किया गया लेकिन समाधान का रास्ता पीएम मोदी सीएए के रूप में ढूंढकर लाए थे लेकिन विरोधी दल एकजुट होकर सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। उन्होंने कहा कि भरोसा है कि न्यायालय फैसला हमारे पक्ष में देगा। कहा कि अगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो पश्चिम बंगाल नहीं बनता। गर्व के साथ प्रधानमंत्री मोदी के साथ मतुआ समाज और नमो समाज खड़ा है। नमो शूद्र उपजाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के मामले में मुख्यमंत्री से बात कर चुके है और इसका समाधान होगा।
नेहरू और जिन्ना ने किया विभाजन : भट्ट
रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि विभाजन विभीषिका काला दिन है। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना ने भारत का विभाजन किया था। कहा कि उन्होंने संसद में नमो शूद्र को आरक्षण देने की मांग की तो उन्हें पहाड़ विरोधी ठहराने की कोशिश की गई। कहा कि भाजपा वर्ग जाति से ऊपर उठकर काम करती है। मुख्यमंत्री धामी ने गुलामी के प्रतीक पूर्वी पाकिस्तान शब्द को बंगाली समाज के जाति प्रमाण से हटाने का काम किया था।
डॉक्यूमेंट्री ने याद दिलाया विभाजन का दर्द
रुद्रपुर। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्वी पाकिस्तान में जन्मे सैकड़ों लोगों को सम्मानित किया गया। विभाजन पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस दौरान विभाजन के दौर में हुए अत्याचार को सामने रखा गया। विभाजन की त्रासदी देख चुके लोगों ने दर्द बयां किया था। डॉक्यूमेंट्री में दिखाए दृश्यों और पीड़ितों की जुबानी सामने आए हृदयविदारक घटनाओं को सुनकर कई लोग भावुक हो गए। इस दौरान स्कूली बच्चों ने बंगाली संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान हरि बोल के जयकारे लगते रहे।
कांग्रेस नेतृत्व ने दबाया था विभाजन विभीषिका का इतिहास
रुद्रपुर। विधायक और कार्यक्रम संयोजक शिव अरोरा ने कहा कि विभाजन विभीषिका के इतिहास को कांग्रेस नेतृत्व ने दबा दिया था। ये वो विभाीषिका थी, जिसमें हिंटू बंगाली समाज के लोगों ने अमानवीय अत्याचार सहे थे और लाखों लोगों की हत्याएं हुई थी। विधायक अरोरा और पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता ने बंगाली समाज के लोगों के लिए बंग भवन बनाने, बंगाली समाज की नमो शूद्र उपजाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने और बंगाली बहुल क्षेत्रों में बांग्ला भाषा को पढ़ाने और उसके लिए शिक्षकों को नियुक्त करने की मांग की।
ये लोग रहे मौजूद
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, विधायक अरविंद पांडेय, मेयर रामपाल सिंह, मतुआ संप्रदाय से हरीचांद ठाकुर, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, मंडी समिति अध्यक्ष केके दास, पुष्कर काला, अनिल चौहान, राकेश सिंह, विवेक सक्सेना, धीरेंद्र मिश्रा, भारत भूषण चुघ, शालिनी बोरा, चंद्रकला राय, शंकर चक्रवर्ती, अजीत विश्वास।

रुद्रपुर मे हुए कार्यक्रम में मौजूद सीएम धामी और अन्य लोग। संवाद