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चीनी मिल न चलने पर किसान गुस्साए
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चीनी मिल सुचारु रूप से न चलने पर किसानों में आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने मिल को सही ढंग से सुचारु करने की मांग को लेकर मिल गेट पर प्रदर्शन कर धरना दे दिया। किसानों ने एसडीएम के जरिये सीएम को चार सूत्री मांग पत्र भी भेजा। एसडीएम ने सुचारू रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया, तब किसान माने और धरने से उठे।
शनिवार को खटीमा के किसान नेता प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में किसान दि किसान सहकारी चीनी मिल पहुंचे। उन्होंने बार-बार मशीनरी खराब होने के कारण मिल बंद होने पर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। किसान नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि बीते 29 नवंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी के चीनी मिल का उद्घाटन करने के बाद भी मिल सही ढंग से सुचारु नहीं हो पा रही है। आए दिन खराबी के कारण अब तक सिर्फ 30 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो सकी है, जबकि एक बोरी चीनी का भी उत्पादन नहीं हुआ। इससे किसानों, चीनी मिल और सरकार को आर्थिक हानि हो रही है।
किसानों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम तुषार सैनी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने जल्द ही मिल में खामियों को दूर कर सही तरीके से सुचारु कराने का आश्वासन दिया। कहा कि मिल प्रबंधन मशीनरी की खामियों को दुरुस्त करने में जुटा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुराने कर्मचारियों को न रखने की वजह से मिल सही ढंग से न चलने की शिकायत करने पर जीएम आरके सेठ ने कहा कि मिल संचालन के लिए सभी पुराने कर्मचारियों से वार्ता की गई है। जो भी काम करना चाहते हैं, उन्हें मनाही नहीं है। उनके अनुभव से जल्द से जल्द मिल को चलाने में जुटे हैं।
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इस दौरान किसानों ने सितारगंज चीनी मिल को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने, खटीमा-सितारगंज क्षेत्र का गन्ना नियमित रूप से बाजपुर व किच्छा चीनी मिल को देने, यूपी की पीलीभीत व बहेड़ी चीनी मिल को नजदीकी गन्ना क्रय केंद्र आवंटित करने, खटीमा सितारगंज के गन्ने को अन्य मिलों में ट्रकों की ओर से ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टरों को भाड़ा देने की समुचित व्यवस्था करने की मांग की और धरना समाप्त कर दिया। वहां कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, जसवीर सिंह, गुरनाम सिंह, बलजिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरपाल सिंह, अर्जुन चौधरी आदि थे।
=== किसानों की पीड़ा ===
मिल न चलने से खेतों में सूख रहा गन्ना : बलजीत
चीनी मिल का उदघाटन तो कर दिया। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सुचारु रूप से चालू नहीं किया गया। इससे किसान परेशान हैं। गन्ना खेतों में कटा पड़ा है। जो सूखकर खराब हो रहा है। मिल तत्काल शुरू की जाए।
-बलजीत सिंह, किसान।
मिल को तत्काल चालू किया जाए: बागी
कभी बॉयलर तो कभी टरबाइन खराब हो रही है। जब मिल सही नहीं थी तो चालू क्यों कर दी। किसानों को गन्ना लाने के लिए कह दिया। इस पर गन्ना छीलकर खेतों में ढेर लगा दिया। अब मिल चल ही नहीं रही है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक क्षति होगी। मिल को तत्काल चलाया जाए।
-सतवंत सिंह बागी, किसान।
मिल प्रबंधन ने सरकार, किसानों को किया गुमराह: करमजीत
पिछले दस दिन चीनी मिल शुरु नहीं हो सकी। खेत में गन्ना सूख रहा है। यार्ड में किसान गन्ना लेकर खड़े हैं। मिल में न इंजीनियर दिख रहे हैं और न कैमिस्ट। सरकार ने मिल की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये दिए, लेकिन मिल प्रबंधन की ओर से सरकार व किसान दोनों को गुमराह किया गया। अगर, दो दिन के भीतर मिल चालू न हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
-करमजीत सिंह गिल, उपाध्यक्ष-दक्षिणी किसान सेवा सहकारी समिति।
अन्य मिलों को दिया जाए गन्ना: सुरेंद्र
एनडी तिवारी ने चीनी मिल लगाई। भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। इससे किसान परेशान हुए। अब चीनी मिल को चालू भी किया गया तो मरम्मत में कमी के कारण मिल बंद हो गई है। मिल जल्द चालू की जाए, अन्यथा अन्य मिलों को गन्ना डायवर्ट किया जाए। ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान न हो।
-सुरेंद्र सिंह, किसान।
किसान खुश थे, पर मिल नहीं चली: तिवारी
खटीमा-सितारगंज के किसान मिल चालू होने पर खुश थे, लेकिन समय-समय पर मिल बंद होने के कारण अब तक 30 हजार क्विंटल ही गन्ना पेरा गया। इससे किसान, मिल और सरकार को नुकसान हो रहा है। जब तक मिल चालू होती है, तब तक गन्ना पीलीभीत, बहेड़ी, किच्छा व बाजपुर चीनी मिल को डायवर्ट किया जाए।
-प्रकाश तिवारी, किसान नेता खटीमा।
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शनिवार को खटीमा के किसान नेता प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में किसान दि किसान सहकारी चीनी मिल पहुंचे। उन्होंने बार-बार मशीनरी खराब होने के कारण मिल बंद होने पर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। किसान नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि बीते 29 नवंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी के चीनी मिल का उद्घाटन करने के बाद भी मिल सही ढंग से सुचारु नहीं हो पा रही है। आए दिन खराबी के कारण अब तक सिर्फ 30 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो सकी है, जबकि एक बोरी चीनी का भी उत्पादन नहीं हुआ। इससे किसानों, चीनी मिल और सरकार को आर्थिक हानि हो रही है।
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किसानों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम तुषार सैनी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने जल्द ही मिल में खामियों को दूर कर सही तरीके से सुचारु कराने का आश्वासन दिया। कहा कि मिल प्रबंधन मशीनरी की खामियों को दुरुस्त करने में जुटा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुराने कर्मचारियों को न रखने की वजह से मिल सही ढंग से न चलने की शिकायत करने पर जीएम आरके सेठ ने कहा कि मिल संचालन के लिए सभी पुराने कर्मचारियों से वार्ता की गई है। जो भी काम करना चाहते हैं, उन्हें मनाही नहीं है। उनके अनुभव से जल्द से जल्द मिल को चलाने में जुटे हैं।
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इस दौरान किसानों ने सितारगंज चीनी मिल को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने, खटीमा-सितारगंज क्षेत्र का गन्ना नियमित रूप से बाजपुर व किच्छा चीनी मिल को देने, यूपी की पीलीभीत व बहेड़ी चीनी मिल को नजदीकी गन्ना क्रय केंद्र आवंटित करने, खटीमा सितारगंज के गन्ने को अन्य मिलों में ट्रकों की ओर से ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टरों को भाड़ा देने की समुचित व्यवस्था करने की मांग की और धरना समाप्त कर दिया। वहां कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, जसवीर सिंह, गुरनाम सिंह, बलजिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरपाल सिंह, अर्जुन चौधरी आदि थे।
=== किसानों की पीड़ा ===
मिल न चलने से खेतों में सूख रहा गन्ना : बलजीत
चीनी मिल का उदघाटन तो कर दिया। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सुचारु रूप से चालू नहीं किया गया। इससे किसान परेशान हैं। गन्ना खेतों में कटा पड़ा है। जो सूखकर खराब हो रहा है। मिल तत्काल शुरू की जाए।
-बलजीत सिंह, किसान।
मिल को तत्काल चालू किया जाए: बागी
कभी बॉयलर तो कभी टरबाइन खराब हो रही है। जब मिल सही नहीं थी तो चालू क्यों कर दी। किसानों को गन्ना लाने के लिए कह दिया। इस पर गन्ना छीलकर खेतों में ढेर लगा दिया। अब मिल चल ही नहीं रही है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक क्षति होगी। मिल को तत्काल चलाया जाए।
-सतवंत सिंह बागी, किसान।
मिल प्रबंधन ने सरकार, किसानों को किया गुमराह: करमजीत
पिछले दस दिन चीनी मिल शुरु नहीं हो सकी। खेत में गन्ना सूख रहा है। यार्ड में किसान गन्ना लेकर खड़े हैं। मिल में न इंजीनियर दिख रहे हैं और न कैमिस्ट। सरकार ने मिल की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये दिए, लेकिन मिल प्रबंधन की ओर से सरकार व किसान दोनों को गुमराह किया गया। अगर, दो दिन के भीतर मिल चालू न हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
-करमजीत सिंह गिल, उपाध्यक्ष-दक्षिणी किसान सेवा सहकारी समिति।
अन्य मिलों को दिया जाए गन्ना: सुरेंद्र
एनडी तिवारी ने चीनी मिल लगाई। भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। इससे किसान परेशान हुए। अब चीनी मिल को चालू भी किया गया तो मरम्मत में कमी के कारण मिल बंद हो गई है। मिल जल्द चालू की जाए, अन्यथा अन्य मिलों को गन्ना डायवर्ट किया जाए। ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान न हो।
-सुरेंद्र सिंह, किसान।
किसान खुश थे, पर मिल नहीं चली: तिवारी
खटीमा-सितारगंज के किसान मिल चालू होने पर खुश थे, लेकिन समय-समय पर मिल बंद होने के कारण अब तक 30 हजार क्विंटल ही गन्ना पेरा गया। इससे किसान, मिल और सरकार को नुकसान हो रहा है। जब तक मिल चालू होती है, तब तक गन्ना पीलीभीत, बहेड़ी, किच्छा व बाजपुर चीनी मिल को डायवर्ट किया जाए।
-प्रकाश तिवारी, किसान नेता खटीमा।

बलजीत सिंह, किसान।- फोटो : SITARGANJ

सितारगंज चीनी मिल में अधिकारियों से मिल उत्पादन ठप के कारणों की जानकारी लेते किसान।- फोटो : SITARGANJ

सितारगंज चीनी मिल में धरने पर बैठे किसानों से वार्ता करते एसडीएम तुषार सैनी।- फोटो : SITARGANJ