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देहरादून में निर्माणाधीन सैनिक धाम में शहीद के आंगन की मिट्टी न पहुंचने का परिजनों को मलाल
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कै. गोपाल सिंह।
- फोटो : KHATIMA
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खटीमा। देहरादून में निर्माणाधीन सैन्य धाम के लिए छह कुमाऊं सुजिया निवासी शहीद राजेंद्र चंद के आंगन की मिट्टी न ले जाने पर उनके परिजनों को मलाल है। उनका कहना है कि तीन दिन तक टीम क्षेत्र में रहीं, हम हर दिन इंतजार करते रहे, लेकिन कोई मिट्टी लेने नहीं पहुंचा।
शहीद राजेंद्र की पत्नी राधा देवी, माता मुन्नी देवी, चाची जानकी देवी ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि 8 अप्रैल 2011 को श्रीनगर के जिला डूडा में पेट्रोलिंग के दौरान पाक सीमा पर उन्होंने शहादत दी थी। उनकी याद में पूर्व सीएम व तत्कालीन सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने ग्राम सभा के मार्ग पर शहीद द्वार का निर्माण कराया था। अब सैन्य धाम के लिए प्रदेश के शहीदों के घरों के आंगन से मिट्टी एकत्र की जा रही है।
बीती 24, 25 और 26 नवंबर को क्षेत्र में टीम पहुंची और सभी शहीदों के घर पहुंची, लेकिन हमारे यहां कोई नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान सोबन सिंह राणा, शहीद के चाचा नायक भीम चंद, कैप्टन गोपाल सिंह का कहना है कि शहीद राजेंद्र के आंगन की मिट्टी भी ली जानी चाहिए थी। इस बारे में गौरव सेनानी संगठन अध्यक्ष कै. गंभीर सिंह धामी बताते हैं कि शहीद राजेंद्र चंद की मृत्यु सेना के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। हो सकता है इसी वजह से टीम यहां नहीं आई। तहसीलदार यूसुफ अली ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने संबंधित से पूछताछ के बाद कदम उठाने की बात कही।
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शहीद राजेंद्र की पत्नी राधा देवी, माता मुन्नी देवी, चाची जानकी देवी ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि 8 अप्रैल 2011 को श्रीनगर के जिला डूडा में पेट्रोलिंग के दौरान पाक सीमा पर उन्होंने शहादत दी थी। उनकी याद में पूर्व सीएम व तत्कालीन सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने ग्राम सभा के मार्ग पर शहीद द्वार का निर्माण कराया था। अब सैन्य धाम के लिए प्रदेश के शहीदों के घरों के आंगन से मिट्टी एकत्र की जा रही है।
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बीती 24, 25 और 26 नवंबर को क्षेत्र में टीम पहुंची और सभी शहीदों के घर पहुंची, लेकिन हमारे यहां कोई नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान सोबन सिंह राणा, शहीद के चाचा नायक भीम चंद, कैप्टन गोपाल सिंह का कहना है कि शहीद राजेंद्र के आंगन की मिट्टी भी ली जानी चाहिए थी। इस बारे में गौरव सेनानी संगठन अध्यक्ष कै. गंभीर सिंह धामी बताते हैं कि शहीद राजेंद्र चंद की मृत्यु सेना के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। हो सकता है इसी वजह से टीम यहां नहीं आई। तहसीलदार यूसुफ अली ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने संबंधित से पूछताछ के बाद कदम उठाने की बात कही।

राधा देवी, शहीद की पत्नी।- फोटो : KHATIMA

मुन्नी देवी, शहीद की मां।- फोटो : KHATIMA

खटीमा के सुजिया में शहीद राजेंद्र चंद स्मृति द्वार।- फोटो : KHATIMA
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