{"_id":"68acc0b8d6dc1c3d260bf640","slug":"campus-school-protest-rudrapur-news-c-242-1-rdp1017-129091-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: कैंपस स्कूल में सतह पर आई प्रबंधन और शिक्षकों की रार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: कैंपस स्कूल में सतह पर आई प्रबंधन और शिक्षकों की रार
Tue, 26 Aug 2025 01:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
शिक्षकों से वार्ता करने पहुंचीं प्रबंधक ने बात बढ़ने पर बुलाई पुलिस
पंतनगर। परिसर के सीबीएसई से संबद्ध एकमात्र विद्यालय कैंपस स्कूल में प्रबंधन और शिक्षकों के बीच छिड़ी रार किसी से छुपी नहीं है। यह रार सोमवार को तब सतह पर आ गई, जब शिक्षकों के बुलावे पर वार्ता करने पहुंची विद्यालय प्रबंधक डाॅ. मृदुला शर्मा को बात बढ़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी।
कैंपस स्कूल के शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला। इसके बावजूद वह शैक्षणिक कार्य बाधित न हो, इसलिए जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठा और लगन से कर रहे हैं। बताया विद्यालय बीते 55 वर्षों से पंतनगर विवि की ओर से संचालित किया जा रहा है, जिसके संरक्षक स्वयं कुलपति हैं। कुछ वर्ष पहले इसे तथाकथित रूप से बाहरी घोषित कर दिया गया। पर विद्यालय का प्रबंधन अब भी विवि के हाथ में है। दी जाने वाली अधिकांश सुविधाएं विवि ने बंद कर दी हैं। अधिकांश कर्मचारी व शिक्षक यहां लंबे समय से कार्यरत हैं और इनकी आयु 45 वर्ष से अधिक है। विवि को विद्यालय का संचालन नहीं करना, तो विद्यालय में नौकरी के लिए बाहरी अभ्यर्थियों से आवेदन क्यों आमंत्रित किए।
विवि समय-समय पर यहां से कार्य करवाता है, परंतु उसके बदले में उन्हें कोई आर्थिक सहयोग नहीं देता है। बताया गया कि सोमवार को जब शिक्षकों ने वार्ता करने के लिए प्रबंधक को बुलाया, तो उनके सवालों का जवाब देने के बजाय अभद्रता की और उन्हें धमकी देने लगीं। स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस को बुला लिया। पुलिस आते ही वह स्वयं विद्यालय से चुपचाप निकल गईं।
विज्ञापन
कोट:
विद्यालय सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित किया जा रहा है। छात्रों की संख्या निरंतर कम होने के चलते तीन महीने के बैकअप में शिक्षकों और कर्मियों को वेतन का 60 प्रतिशत भुगतान प्रतिमाह हो रहा है। विद्यालय में 1:40 बजे छुट्टी के बाद बच्चों के घर जाने तक (दो बजे तक) शिक्षकों को रूकने के आदेश दिए गए हैं। पर शिक्षक मनमानी करते हैं और छुट्टी होते ही घर चले जाते हैं। इससे बस की दूसरी शिफ्ट में जाने वाले बच्चे इधर-उधर घूमने लगते हैं।- डाॅ. मृदुला शर्मा, प्रबंधक-कैंप स्कूल पंतनगर।
विज्ञापन
पंतनगर। परिसर के सीबीएसई से संबद्ध एकमात्र विद्यालय कैंपस स्कूल में प्रबंधन और शिक्षकों के बीच छिड़ी रार किसी से छुपी नहीं है। यह रार सोमवार को तब सतह पर आ गई, जब शिक्षकों के बुलावे पर वार्ता करने पहुंची विद्यालय प्रबंधक डाॅ. मृदुला शर्मा को बात बढ़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी।
कैंपस स्कूल के शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला। इसके बावजूद वह शैक्षणिक कार्य बाधित न हो, इसलिए जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठा और लगन से कर रहे हैं। बताया विद्यालय बीते 55 वर्षों से पंतनगर विवि की ओर से संचालित किया जा रहा है, जिसके संरक्षक स्वयं कुलपति हैं। कुछ वर्ष पहले इसे तथाकथित रूप से बाहरी घोषित कर दिया गया। पर विद्यालय का प्रबंधन अब भी विवि के हाथ में है। दी जाने वाली अधिकांश सुविधाएं विवि ने बंद कर दी हैं। अधिकांश कर्मचारी व शिक्षक यहां लंबे समय से कार्यरत हैं और इनकी आयु 45 वर्ष से अधिक है। विवि को विद्यालय का संचालन नहीं करना, तो विद्यालय में नौकरी के लिए बाहरी अभ्यर्थियों से आवेदन क्यों आमंत्रित किए।
विज्ञापन
विवि समय-समय पर यहां से कार्य करवाता है, परंतु उसके बदले में उन्हें कोई आर्थिक सहयोग नहीं देता है। बताया गया कि सोमवार को जब शिक्षकों ने वार्ता करने के लिए प्रबंधक को बुलाया, तो उनके सवालों का जवाब देने के बजाय अभद्रता की और उन्हें धमकी देने लगीं। स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस को बुला लिया। पुलिस आते ही वह स्वयं विद्यालय से चुपचाप निकल गईं।
विज्ञापन
कोट:
विद्यालय सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित किया जा रहा है। छात्रों की संख्या निरंतर कम होने के चलते तीन महीने के बैकअप में शिक्षकों और कर्मियों को वेतन का 60 प्रतिशत भुगतान प्रतिमाह हो रहा है। विद्यालय में 1:40 बजे छुट्टी के बाद बच्चों के घर जाने तक (दो बजे तक) शिक्षकों को रूकने के आदेश दिए गए हैं। पर शिक्षक मनमानी करते हैं और छुट्टी होते ही घर चले जाते हैं। इससे बस की दूसरी शिफ्ट में जाने वाले बच्चे इधर-उधर घूमने लगते हैं।- डाॅ. मृदुला शर्मा, प्रबंधक-कैंप स्कूल पंतनगर।