रुद्रपुर। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार और किसानों के बीच संवादहीनता की स्थिति है। केंद्र सरकार ने किसानों के ज्वलंत सवालों का जवाब देने के बजाय चुप्पी साध ली है। उन्होंने केंद्र सरकार पर फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए पत्र देने के बावजूद जवाब न देने का आरोप लगाया। इसके विरोध में आठ सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में किसान धरना देंगे। भारतीय किसान संघ ने संयुक्त किसान मोर्चा से भी विरोध में शामिल होने को कहा है।
शनिवार को दुर्गामंदिर धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय किसान संघ के प्रदेश संगठन मंत्री सुकरम पाल राणा ने कहा महंगाई का असर खेती पर भी हो रहा है। सरकार को खेती में आ रही कुल लागत का 50 प्रतिशत और जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के शिष्टमंडल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए पीएमओ कार्यालय को पत्र दिया था, लेकिन कई दिनों के बाद सरकार ने जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर आठ सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में किसान प्रदर्शन करेंगे। वहां पर प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश सिंह, प्रदेश महामंत्री सुधीर साही थे।