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बाइक चोरों के तार जुड़े हैं नेपाल से
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:53 AM IST
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सिडकुल की फैक्ट्री में काम करने वाले दो बाइक चोरों को जहां पुलिस लोकल स्तर पर बाइक चुराने वाला समझ रही है, वहीं सूत्रों के अनुसार दोनों युवकों के लिंक नेपाल में चोरी की बाइकें खरीदने वाले गिरोह से जुड़े हैं। पकड़े गए चोरों द्वारा बाइकें चोरी करने के बाद बनबसा तक भेजा जाता था, जहां नेपाली युवक उन्हें खरीद कर नेपाल ले जाते थे।
पकड़े गए आरोपी सितारगंज निवासी प्रभजीत सिंह और नानकमत्ता निवासी हरजिंदर सिंह के अनुसार कुछ समय पहले उनकी मुलाकात रुद्रपुर बालाजी द्वार निवासी हेमंत जोशी और मनीष भट्ट से हुई। प्रभजीत ने उनसे मात्र पंद्रह हजार में अपाची बाइक खरीदी। बाइक सस्ती देने का कारण पूछने पर हेमंत ने उन्हें पैसा कमाने का लालच देते हुए बाइक चोरी के बारे में बताया।
जिसके बाद प्रभजीत और हरजिंदर उन दोनों के साथ जुड़ गए। प्रभजीत के अनुसार उन दोनों का काम बाइकों को चुराना था जबकि हेमंत और मनीष चोरी की बाइकों को बनबसा तक पहुंचाते थे। वहां से नेपाली युवकों द्वारा बाइकों को खरीदकर नेपाल ले जाया जाता था। एक बाइक दस से बीस हजार रुपये तक बेची जाती थी। बताया जा रहा है कि चोरी की बाइकों को खरीदने वाले नेपाली युवक बीबीए के छात्र हैं और इनके कई एजेंट रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। मनीष और हेमंत के पकड़ में आने के बाद अंतर्राष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को जेल के लिए रवाना कर दिया है।
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पकड़े गए आरोपी सितारगंज निवासी प्रभजीत सिंह और नानकमत्ता निवासी हरजिंदर सिंह के अनुसार कुछ समय पहले उनकी मुलाकात रुद्रपुर बालाजी द्वार निवासी हेमंत जोशी और मनीष भट्ट से हुई। प्रभजीत ने उनसे मात्र पंद्रह हजार में अपाची बाइक खरीदी। बाइक सस्ती देने का कारण पूछने पर हेमंत ने उन्हें पैसा कमाने का लालच देते हुए बाइक चोरी के बारे में बताया।
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जिसके बाद प्रभजीत और हरजिंदर उन दोनों के साथ जुड़ गए। प्रभजीत के अनुसार उन दोनों का काम बाइकों को चुराना था जबकि हेमंत और मनीष चोरी की बाइकों को बनबसा तक पहुंचाते थे। वहां से नेपाली युवकों द्वारा बाइकों को खरीदकर नेपाल ले जाया जाता था। एक बाइक दस से बीस हजार रुपये तक बेची जाती थी। बताया जा रहा है कि चोरी की बाइकों को खरीदने वाले नेपाली युवक बीबीए के छात्र हैं और इनके कई एजेंट रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। मनीष और हेमंत के पकड़ में आने के बाद अंतर्राष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को जेल के लिए रवाना कर दिया है।
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