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श्रमिकों के विरोध पर बैरंग लौटा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:50 AM IST
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श्रमायुक्त कार्यालय में श्रमिकों को समझाते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
फैक्ट्री से निकाले गए श्रमिकों की बहाली की मांग को लेकर प्रीकॉल फैक्ट्री के सात श्रमिकों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे श्रमिकों के स्वास्थ्य में आ रही गिरावट पर रविवार को प्रशासन ने अनशनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास किया, लेकिन श्रमिकों के विरोध के चलते प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे श्रमिकों का अनशन समाप्त कराने के लिए रविवार को एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल, सीओ राजेश भट्ट दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अनशनकारी पूजा, नेहा, रूपा, पूनम, आनंद, ललित मोहन और मनमोहन का अनशन समाप्त कराने के लिए वार्ता की, लेकिन श्रमिक नहीं माने।
पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे श्रमिकों को जबरन उठाकर गाड़ी डालने का प्रयास किया तो श्रमिक भड़क उठे, उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध शुरू कर दिया। श्रमिकों के विरोध के चलते प्रशासन को बैरंग वापस लौटना पड़ा। श्रमिकों हे मांगें पूर्ण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। इधर अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची डा. तनुजा सिन्हा ने बताया कि अनशनकारियों के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है। इनका उपचार जल्द शुरू नहीं हुआ तो हालत गंभीर हो सकती है।
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सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे श्रमिकों का अनशन समाप्त कराने के लिए रविवार को एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल, सीओ राजेश भट्ट दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अनशनकारी पूजा, नेहा, रूपा, पूनम, आनंद, ललित मोहन और मनमोहन का अनशन समाप्त कराने के लिए वार्ता की, लेकिन श्रमिक नहीं माने।
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पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे श्रमिकों को जबरन उठाकर गाड़ी डालने का प्रयास किया तो श्रमिक भड़क उठे, उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध शुरू कर दिया। श्रमिकों के विरोध के चलते प्रशासन को बैरंग वापस लौटना पड़ा। श्रमिकों हे मांगें पूर्ण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। इधर अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची डा. तनुजा सिन्हा ने बताया कि अनशनकारियों के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है। इनका उपचार जल्द शुरू नहीं हुआ तो हालत गंभीर हो सकती है।
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