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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Bank manager accused suspended, contract workers retiring

आरोपी बैंक मैनेजर निलंबित, संविदा कर्मी की सेवा समाप्त

Thu, 14 Apr 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 14 Apr 2016 11:57 PM IST
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 डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव बैंक गबन मामले में विगत 25 दिनों से जारी जांच के दौरान शाखा प्रबंधक व बैंक में तैनात संविदा कर्मी की संलिप्तता उजागर हुई है। प्रबंधन ने बैंक मैनेजर को निलंबित और संविदा कर्मी की सेवा समाप्त कर दी है। मामले में बैंक कैशियर को पहले ही 28 मार्च को निलंबित किया जा चुका है।

 नगर स्थित ऊधमसिंह नगर डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव बैंक में करीब चार दर्जन खाताधारकों के अकाउंट से लाखों रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया था। बैंक प्रबंधन के निर्देश पर डीजीएम रैंक के दो अधिकारी हीरा राम व नरेश कुमार सहित तीन सदस्यीय समिति 21 मार्च से मामले की छानबीन में जुटे है। प्रारंभिक जांच में कैशियर नरेश चंद की कारस्तानी सामने आने पर प्रबंधन ने उसे 28 मार्च को निलंबित कर दिया था।
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जांच आगे बढ़ने पर गबन के इस खेल में शाखा प्रबंधक शंकर सहाय व संविदा कर्मी शुभम सिंह की संलिप्तता उजागर होती चली गई। बैंक प्रबंधन ने मैनेजर सहाय को निलंबित कर संविदा कर्मी शुभम की सेवा समाप्त कर दी है।
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  सूत्रों की मानें तो जांच अधिकारियों के सामने मैनेजर व संविदा कर्मी ने गबन की बात कबूलते हुए कुछ धनराशि वापस भी की है। इधर शंकर सहाय को सस्पेंड कर खटीमा शाखा के टीपी वर्मा को यहां का कार्यभार सौंपा है। बैंक मैनेजर के गबन में शामिल होने के खुलासे के बाद 25 दिनों से जारी जांच के और लंबा खींचने की संभावना जताई जा रही है।

कैशियर ने पत्र सौंप मैनेजर पर लगाए आरोप
शक्तिफार्म। गबन मामले में बैंक मुख्यालय में संबद्ध कैशियर नरेश ने महाप्रबंधक को सौंपे पत्र में बैंक मैनेजर व संविदा कर्मी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आठ अप्रैल को सौंपे पत्र में नरेश ने कहा कि मैनेजर व संविदा कर्मी दलाल के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करते थे। रोजगार के लिए 25 से 50 हजार रुपये तक लोन लेने वाले गरीब तबके के लोगों द्वारा जमा की रकम को लेजर में जमा नहीं कर अपनी जेब में रखता था। अनपढ़ या कम पढ़े लिखे होने के कारण लोन जमा करने वालों को इसका आभास तक नहीं होता था। नरेश ने बैंक मैनेजर पर फर्जी हस्ताक्षर कर उसके खाते से दो लाख पांच हजार रुपये हड़पने का भी आरोप मढ़ा। नरेश ने मैनेजर पर संविदा कर्मी व दलाल की मदद से लाखों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। 

दूसरी एजेंसी से कराई जाएगी जांच:जीएम
शक्तिफार्म। बैंक के महाप्रबंधक सीके कमल ने कहा कि निलंबित कैशियर द्वारा बैंक मैनेजर पर लगाए गए आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। कहा कि आवश्यक्ता पड़ने पर दूसरी एजेंसी से भी जांच कराई जा सकती है। जीएम ने कहा कि गबन का शिकार हुए अधिकांश खाताधारकों की रकम लौटा दी गई है। बाकियों की रकम भी लौटाई जाएगी। उन्होंने गबन रकम पर ब्याज के भुगतान की भी बात कही। कहा कि दोषियों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।


मकान बेचकर चुकाई रकम
शक्तिफार्म। गबन मामले में सबसे पहले निलंबित नरेश मूल रूप से मुरादाबाद के हसनपुर तहसील का रहने वाला है। पिछले 25 वर्षों से वह किच्छा में रह रहा है। फोन पर नरेश ने बताया कि गबन की रकम लौटाने के लिए उसने किच्छा स्थित अपने मकान को 34 लाख रुपये में बेचा है। अब तक वह 17 लाख की रकम अदा कर चुका है। उसने दोहराया कि गबन मामले में निलंबित बैंक मैनेजर ही बड़ी मछली है। ब्यूरो

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