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असम राइफल्स के हवलदार का सैनिक सम्मान के साथ अंत्येष्टि
अमर उजाला ब्यूरो काश्ाीपुर।
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:34 AM IST
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रविवार की सुबह धुमाकोट में हुई बस दुर्घटना में काशीपुर निवासी असम राइफल्स के हवलदार सोहन सिंह रावत (42), उनकी पत्नी लक्ष्मीदेवी ( 35) पुत्र अंकुश रावत (9) की भी मौत हो गई थी। हवलदार सोहन सिंह का सैनिक सम्मान के साथ स्थानीय श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके साथ ही उनकी पत्नी पत्नी और पुत्र की अंत्येष्टि की गई।
स्थानीय श्मशान घाट में मृतक असम राइफल्स के जवान हवलदार सोहन सिंह रावत के शव को तिरंगे में लपेट कर हेमपुर डिपो की सैन्य टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सोहन सिंह के बड़े भाई कीर्ति सिंह रावत ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। लोगों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। सोहन सिंह रावत ग्राम महाला धुमाकोट नैनीडांडा के मूल निवासी थे। घर से उनके भाई और रिश्तेदार भी पहुंचे थे। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि उसका छोटा भाई सोहन सिंह रावत 26 बटालियन असम राइफल्स में था। वह दीनापुर में पीटीआई के पद पर तैनात था और 25 जून को छुट्टी पर घर आया था। उसको 20 जुलाई को ड्यूटी पर जाना था। 28 जून को वह अपनी पत्नी, पुत्र के साथ गांव महाला धुमाकोट आया था। लौटते समय दुर्घटना में तीनों की मौत हो गई। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि सोहन सिंह रावत की दो पुत्रियां भी हैं। बड़ी पुत्री अरुणा रावत सरोजनी देवी तारावती स्कूल में 12 की छात्रा और मीनाक्षी रावत कविता माडर्न स्कूल में 10 वीं की छात्रा है। अंकुश रावत लिटिल स्कालर्स में कक्षा तीन का छात्र था। सोहन सिंह जब घर गया तो दोनों पुत्रियां यहां दादी के साथ थीं। जबकि अंकुश रावत अपने माता-पिता के साथ गया। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि सोहन सिंह छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
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स्थानीय श्मशान घाट में मृतक असम राइफल्स के जवान हवलदार सोहन सिंह रावत के शव को तिरंगे में लपेट कर हेमपुर डिपो की सैन्य टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सोहन सिंह के बड़े भाई कीर्ति सिंह रावत ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। लोगों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। सोहन सिंह रावत ग्राम महाला धुमाकोट नैनीडांडा के मूल निवासी थे। घर से उनके भाई और रिश्तेदार भी पहुंचे थे। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि उसका छोटा भाई सोहन सिंह रावत 26 बटालियन असम राइफल्स में था। वह दीनापुर में पीटीआई के पद पर तैनात था और 25 जून को छुट्टी पर घर आया था। उसको 20 जुलाई को ड्यूटी पर जाना था। 28 जून को वह अपनी पत्नी, पुत्र के साथ गांव महाला धुमाकोट आया था। लौटते समय दुर्घटना में तीनों की मौत हो गई। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि सोहन सिंह रावत की दो पुत्रियां भी हैं। बड़ी पुत्री अरुणा रावत सरोजनी देवी तारावती स्कूल में 12 की छात्रा और मीनाक्षी रावत कविता माडर्न स्कूल में 10 वीं की छात्रा है। अंकुश रावत लिटिल स्कालर्स में कक्षा तीन का छात्र था। सोहन सिंह जब घर गया तो दोनों पुत्रियां यहां दादी के साथ थीं। जबकि अंकुश रावत अपने माता-पिता के साथ गया। कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि सोहन सिंह छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
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