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कचरा निस्तारण न करने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसेगा पीसीबी
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:18 AM IST
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जैव चिकित्सीय कचरे का उचित समाधान हो इसके लिए आखिरकार पीसीबी की नींद टूट ही गई। पीसीबी ने अमर उजाला में जैव चिकित्सीय कचरे पर प्रकाशित समाचारों का संज्ञान लेते हुए ऊधम सिंह नगर जिले के 145 अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैबों के संचालकों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार तक सभी को नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
पिछले दिनों अमर उजाला ने जैव चिकित्सीय कचरे को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए। इनमें मानकों के विपरीत जैव चिकित्सीय कचरे को सड़कों और ट्रंचिंग ग्राउंड पर डालने और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों पर चेताया गया। अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों का ही असर था कि पीसीबी ने कुछ दिन पहले जिले के दो नगर निगम समेत सात नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों को नोटिस भेजकर जैव चिकित्सय कचरे के निस्तारण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। अब पीसीबी द्वारा जिले के अस्पतालों, क्लिीनिकों और पैथोलॉजी लैब को नोटिस भेजकर जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया जाएगा।
पीसीबी ने काशीपुर के 57, बाजपुर के 14, गदरपुर के पांच, जसपुर के एक, रुद्रपुर के 25, खटीमा के 19, किच्छा के 9, सितारगंज के दो व पंतनगर के चार अस्पतालों, क्लिीनिकों व पैथोलॉजी लेबों को नोटिस भेजने की तैयारी कर दी है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि अखबार में लगातार जैव चिकित्सीय कचरे को ट्रंचिंग ग्राउंड और सड़कों पर फेंकने के समाचार प्रकाशित होने के बाद मामले का संज्ञान लिया गया है। इसके तहत जिले के 14 निकायों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं।
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अब अस्पतालों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। बुधवार तक जिले के 145 अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों को नोटिस भेज दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैव चिकित्सीय कचरे का नियमानुसार निस्तारण नहीं करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना और पांच साल की सजा का प्रावधान है।
इन सरकारी अस्पतालों को भेजा जाएगा नोटिस
पीएचसी दिनेशपुर, पीएचसी गुलरभोज, पीएचसी मोहनपुर, सीएचसी गदरपुर, पीएचसी सकेनिया, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल काशीपुर, पीएचसी शांतिपुरी, सीएचसी बाजपुर, पीएचसी हरिपुरा हरसान बाजपुर, पीएचसी बैरिया दौलत, राजकीय एलोपैथिक अस्पताल बन्नाखेड़ा, राजकीय एलोपैथिक अस्पताल बाजपुर, पीएचसी सुल्तानपुर पट्टी, सीएचसी किच्छा, सीएचसी खटीमा, जवाहर लाल नेहरू अस्पताल रुद्रपुर आदि शामिल है।
इन पैथोलॉजी लैबों को भेजे जाएंगे नोटिस
रावत डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, अपोलो डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, डिफेंस डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, स्वास्तिक पैथोलॉजी लैब, ए टू जेड डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, अनीता डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, नैनी पैथोलॉजी लैब गदरपुर, सैंट्रल लेबोरेटरी बाजपुर, एसएस डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, संजय पैथोलॉजी लैब, सूर्या पैथोलॉजी लैब एंड रिसर्च सेंटर, प्रतिभा पैथोलॉजी लेबोरेटरी जसपुर, श्री साई डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, डॉ. गोयल डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, वीके एक्सरे पैथोलॉजी लैब काशीपुर, मोर्डन पैथौलॉजी लैब किच्छा, सराया पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, सितारगंज पैथोलॉजिकल लैब सितारगंज, सेंट्रल पैथोलॉजी लैब खटीमा, जोशी पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, नेशनल पैथोलॉजी लैब किच्छा, अरोरा पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, खिंदा पैथोलॉजीकल एक्सरे खटीमा, किशोर एंड एंडोस्कॉपी सेटर किच्छा आदि शामिल हैं।
सड़क पर जैव चिकित्सीय कचरा फेंकना नियम के विपरीत है। इसे सड़कों पर न फेंका जाए, इसके लिए आईएमए के डॉक्टरों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन किसी कारणवश बैठक रद्द करनी पड़ी। दोबारा बैठक की तिथि घोषित कर डॉक्टरों से इस संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा कर निस्तारण का उपाय खोजा जाएगा।
ऊषा चौधरी, मेयर, नगर निगम काशीपुर।
मेरी जानकारी में सभी अस्पताल एक संस्था को अपना जैव चिकित्सीय कचरा देते हैं। कौन से लैब या क्लीनिक जैव चिकित्सीय कचरा संस्था को नहीं दे रहे है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। नगर निगम ने इस संबंध में बैठक बुलाई थी, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं हो सकी। यदि निगम इस संबंध में चर्चा के लिए बैठक करता है तो उस बैठक में समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. ईला मेहरोत्रा, अध्यक्ष, आईएमए काशीपुर
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पिछले दिनों अमर उजाला ने जैव चिकित्सीय कचरे को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए। इनमें मानकों के विपरीत जैव चिकित्सीय कचरे को सड़कों और ट्रंचिंग ग्राउंड पर डालने और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों पर चेताया गया। अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों का ही असर था कि पीसीबी ने कुछ दिन पहले जिले के दो नगर निगम समेत सात नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों को नोटिस भेजकर जैव चिकित्सय कचरे के निस्तारण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। अब पीसीबी द्वारा जिले के अस्पतालों, क्लिीनिकों और पैथोलॉजी लैब को नोटिस भेजकर जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया जाएगा।
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पीसीबी ने काशीपुर के 57, बाजपुर के 14, गदरपुर के पांच, जसपुर के एक, रुद्रपुर के 25, खटीमा के 19, किच्छा के 9, सितारगंज के दो व पंतनगर के चार अस्पतालों, क्लिीनिकों व पैथोलॉजी लेबों को नोटिस भेजने की तैयारी कर दी है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि अखबार में लगातार जैव चिकित्सीय कचरे को ट्रंचिंग ग्राउंड और सड़कों पर फेंकने के समाचार प्रकाशित होने के बाद मामले का संज्ञान लिया गया है। इसके तहत जिले के 14 निकायों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं।
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अब अस्पतालों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। बुधवार तक जिले के 145 अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों को नोटिस भेज दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैव चिकित्सीय कचरे का नियमानुसार निस्तारण नहीं करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना और पांच साल की सजा का प्रावधान है।
इन सरकारी अस्पतालों को भेजा जाएगा नोटिस
पीएचसी दिनेशपुर, पीएचसी गुलरभोज, पीएचसी मोहनपुर, सीएचसी गदरपुर, पीएचसी सकेनिया, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल काशीपुर, पीएचसी शांतिपुरी, सीएचसी बाजपुर, पीएचसी हरिपुरा हरसान बाजपुर, पीएचसी बैरिया दौलत, राजकीय एलोपैथिक अस्पताल बन्नाखेड़ा, राजकीय एलोपैथिक अस्पताल बाजपुर, पीएचसी सुल्तानपुर पट्टी, सीएचसी किच्छा, सीएचसी खटीमा, जवाहर लाल नेहरू अस्पताल रुद्रपुर आदि शामिल है।
इन पैथोलॉजी लैबों को भेजे जाएंगे नोटिस
रावत डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, अपोलो डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, डिफेंस डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, स्वास्तिक पैथोलॉजी लैब, ए टू जेड डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, अनीता डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, नैनी पैथोलॉजी लैब गदरपुर, सैंट्रल लेबोरेटरी बाजपुर, एसएस डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, संजय पैथोलॉजी लैब, सूर्या पैथोलॉजी लैब एंड रिसर्च सेंटर, प्रतिभा पैथोलॉजी लेबोरेटरी जसपुर, श्री साई डाइग्नोस्टिक सेंटर काशीपुर, डॉ. गोयल डाइग्नोस्टिक लेबोरेटरी काशीपुर, वीके एक्सरे पैथोलॉजी लैब काशीपुर, मोर्डन पैथौलॉजी लैब किच्छा, सराया पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, सितारगंज पैथोलॉजिकल लैब सितारगंज, सेंट्रल पैथोलॉजी लैब खटीमा, जोशी पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, नेशनल पैथोलॉजी लैब किच्छा, अरोरा पैथोलॉजी लैब रुद्रपुर, खिंदा पैथोलॉजीकल एक्सरे खटीमा, किशोर एंड एंडोस्कॉपी सेटर किच्छा आदि शामिल हैं।
सड़क पर जैव चिकित्सीय कचरा फेंकना नियम के विपरीत है। इसे सड़कों पर न फेंका जाए, इसके लिए आईएमए के डॉक्टरों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन किसी कारणवश बैठक रद्द करनी पड़ी। दोबारा बैठक की तिथि घोषित कर डॉक्टरों से इस संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा कर निस्तारण का उपाय खोजा जाएगा।
ऊषा चौधरी, मेयर, नगर निगम काशीपुर।
मेरी जानकारी में सभी अस्पताल एक संस्था को अपना जैव चिकित्सीय कचरा देते हैं। कौन से लैब या क्लीनिक जैव चिकित्सीय कचरा संस्था को नहीं दे रहे है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। नगर निगम ने इस संबंध में बैठक बुलाई थी, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं हो सकी। यदि निगम इस संबंध में चर्चा के लिए बैठक करता है तो उस बैठक में समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. ईला मेहरोत्रा, अध्यक्ष, आईएमए काशीपुर