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कांस्टेबलाें के मोबाइल से सतीश ने किया था फोन
Udham singh nagar
Updated Fri, 19 Sep 2014 05:33 AM IST
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रुद्रपुर। बुलंदशहर में हुई डकैती मामले में हल्द्वानी जेल में बंद सतीश को पेशी पर ले जाने के दौरान उसने कांस्टेबलों के मोबाइल का प्रयोग भी किया था। बताया जा रहा है कि फोन उसने अपने गुर्गों को किया था।
बुलंदशहर के ग्राम सदरपुर निवासी सतीश 2010 में बाजपुर में हुई डकैती मामले में हल्द्वानी जेल में बंद है। सतीश पर अलीगढ़ में पेशी के दौरान 11 सितंबर की शाम बुलंदशहर में ज्वैलर्स की दुकान में हुई डकैती में शामिल होने का शक बुलंदशहर पुलिस ने जाहिर किया है। इस मामले में उसे पेशी पर लेकर गए कांस्टेबल दीपक बिष्ट, पंकज कुमार और संजय भट्ट पर भी आरोप हैं। यूपी पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाश सतीश ने पेशी के दौरान पुलिस कांस्टेबलों के मोबाइल से फोन किया था। इसकी कॉल डिटेल यूपी पुलिस के पास है। बताया जा रहा है कि फोन सतीश ने अपने गुर्गों को किया था। छह दिन बीते, आरोपी सतीश को नहीं लिया रिमांड पर
रुद्रपुर। बुलंदशहर डकैती मामले में यूपी पुलिस जहां पेशी पर ले जाने वाले कांस्टेबलों की गिरफ्तारी को जल्दबाजी दिखा रही है, वहीं हल्द्वानी जेल में बंद सतीश को आज तक वारंट बी के तहत रिमांड पर नहीं ले पाई है। इसको लेकर उत्तराखंड पुलिस का यूपी पुलिस को शक के नजरिए से देखना जायज है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूपी पुलिस को उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबिलों की गिरफ्तारी को इतनी जल्दबाजी क्यों है किसी की भी समझ में नहीं आ रहा। जबकि घटना हुए छह दिन बीत चुके हैं। घटना में शामिल हल्द्वानी जेल मेें बंद ताऊ गैंग के सदस्य को रिमांड पर लेने के लिए आज तक यूपी पुलिस ने कोई कार्रवाई तक नहीं की है। इधर एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि यूपी पुलिस को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशी पर गए कांस्टेबलाें से लापरवाही हुई है। लेकिन उनकी फोन की लोकेशन घटना वाले दिन अलीगढ़ में ही थी, न कि बुलंदशहर में। यूपी पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।
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बुलंदशहर के ग्राम सदरपुर निवासी सतीश 2010 में बाजपुर में हुई डकैती मामले में हल्द्वानी जेल में बंद है। सतीश पर अलीगढ़ में पेशी के दौरान 11 सितंबर की शाम बुलंदशहर में ज्वैलर्स की दुकान में हुई डकैती में शामिल होने का शक बुलंदशहर पुलिस ने जाहिर किया है। इस मामले में उसे पेशी पर लेकर गए कांस्टेबल दीपक बिष्ट, पंकज कुमार और संजय भट्ट पर भी आरोप हैं। यूपी पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाश सतीश ने पेशी के दौरान पुलिस कांस्टेबलों के मोबाइल से फोन किया था। इसकी कॉल डिटेल यूपी पुलिस के पास है। बताया जा रहा है कि फोन सतीश ने अपने गुर्गों को किया था। छह दिन बीते, आरोपी सतीश को नहीं लिया रिमांड पर
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रुद्रपुर। बुलंदशहर डकैती मामले में यूपी पुलिस जहां पेशी पर ले जाने वाले कांस्टेबलों की गिरफ्तारी को जल्दबाजी दिखा रही है, वहीं हल्द्वानी जेल में बंद सतीश को आज तक वारंट बी के तहत रिमांड पर नहीं ले पाई है। इसको लेकर उत्तराखंड पुलिस का यूपी पुलिस को शक के नजरिए से देखना जायज है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूपी पुलिस को उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबिलों की गिरफ्तारी को इतनी जल्दबाजी क्यों है किसी की भी समझ में नहीं आ रहा। जबकि घटना हुए छह दिन बीत चुके हैं। घटना में शामिल हल्द्वानी जेल मेें बंद ताऊ गैंग के सदस्य को रिमांड पर लेने के लिए आज तक यूपी पुलिस ने कोई कार्रवाई तक नहीं की है। इधर एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि यूपी पुलिस को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशी पर गए कांस्टेबलाें से लापरवाही हुई है। लेकिन उनकी फोन की लोकेशन घटना वाले दिन अलीगढ़ में ही थी, न कि बुलंदशहर में। यूपी पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।
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