{"_id":"118-44433","slug":"Udham-singh-nagar-44433-118","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिका ने मुख्य द्वार पर लगा दिया लोहे का गेट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिका ने मुख्य द्वार पर लगा दिया लोहे का गेट
Udham singh nagar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन पालिका द्वार को अतिक्रमण मानते हुए डीएम ने उसे ध्वस्त करने के आदेश तो दे दिए, लेकिन आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अलबत्ता पालिका ने मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगवाकर उसका सौंदर्यीकरण करवा दिया।
बीते दिनों एक सभासद ने पालिका पर एनएच की भूमि पर अतिक्रमण कर 15.70 लाख की लागत से मुख्य द्वार बनाकर वित्तीय अधिकारों एवं पालिका के धन का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी, इसके लिए एडीएम नजूल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने 30 अगस्त 2012 को जांच रिपोर्ट सौंपकर पालिका द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग में 7.50 मीटर पर नगर पालिका गेट एवं बाउंड्रीवाल बनाए जाने की पुष्टि की। साथ ही एनएच-87 की भूमि पर अवैध कब्जा माना। कमेटी ने जनहित में अतिक्रमण को तत्काल हटाने की संस्तुति की थी। इस पर 15 अक्टूबर 2012 को जिलाधिकारी ने उप महाप्रबंधक तकनीकी एनएच को एनएच-87 में सड़क के मध्यबिंदु से 22 मीटर की दूरी पर अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही इस परिधि में आने वाले अन्य शासकीय एवं निजी भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था। आदेश के एक माह बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो नहीं हो पाई, उल्टा पालिका ने निर्माण रोकने के बजाए अतिक्रमण की जद में आए मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगाकर उसमें और चार चांद लगा दिए।
डीएम द्वारा एनएच को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। एनएच की कार्रवाई के समय अन्य सरकारी विभागों के अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका।
विज्ञापन
बीते दिनों एक सभासद ने पालिका पर एनएच की भूमि पर अतिक्रमण कर 15.70 लाख की लागत से मुख्य द्वार बनाकर वित्तीय अधिकारों एवं पालिका के धन का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी, इसके लिए एडीएम नजूल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने 30 अगस्त 2012 को जांच रिपोर्ट सौंपकर पालिका द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग में 7.50 मीटर पर नगर पालिका गेट एवं बाउंड्रीवाल बनाए जाने की पुष्टि की। साथ ही एनएच-87 की भूमि पर अवैध कब्जा माना। कमेटी ने जनहित में अतिक्रमण को तत्काल हटाने की संस्तुति की थी। इस पर 15 अक्टूबर 2012 को जिलाधिकारी ने उप महाप्रबंधक तकनीकी एनएच को एनएच-87 में सड़क के मध्यबिंदु से 22 मीटर की दूरी पर अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही इस परिधि में आने वाले अन्य शासकीय एवं निजी भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था। आदेश के एक माह बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो नहीं हो पाई, उल्टा पालिका ने निर्माण रोकने के बजाए अतिक्रमण की जद में आए मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगाकर उसमें और चार चांद लगा दिए।
विज्ञापन
डीएम द्वारा एनएच को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। एनएच की कार्रवाई के समय अन्य सरकारी विभागों के अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका।