{"_id":"118-44428","slug":"Udham-singh-nagar-44428-118","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड की जमीनों का पैसा यूपी को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड की जमीनों का पैसा यूपी को
Udham singh nagar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर। उत्तराखंड की जमीनों की बिक्री का पैसा उत्तर-प्रदेश सरकार को जा रहा है। इस पूरे खेल में भू-माफियाओं और सफेदपोश नेताओं का हाथ बताया जा रहा है। इससे लोगों में रोष है।
बता दें कि राज्य बनने से पहले उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद यहां पर जमीनों का अधिग्रहण कर आवासीय कालोनियों का निर्माण करती थी और उसकी बिक्री करती थी, मगर राज्य बनने के बाद उत्तराखंड शासन ने उत्तर-प्रदेश की निर्माण एजेंसियों के कामकाज पर रोक लगा दी और अपने काम को जल्द से जल्द समेटने का आदेश जारी कर दिया। इस वजह से उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां पर जमीनों के अधिग्रहण का कार्य बंद कर दिया और यहां पर काम न होने पर परिषद ने अपने इक्का-दुक्का कर्मचारियों को छोड़कर अधिकांश को यूपी बुला लिया। साथ ही उत्तर-प्रदेश के बरेली जोन के दफ्तर से अपने कब्जे वाली उत्तराखंड के भूमि की नीलामी प्रक्रिया को जारी रखा। इससे यहां की जमीनों की बिक्री का करोड़ों रुपया उत्तर-प्रदेश सरकार को गया।
बहरहाल, मीडिया में मामला उठने पर वर्ष 2007 में उत्तराखंड शासन ने उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कब्जे वाली जमीनों की रजिस्ट्री पर जहां रोक लगा दी, वहीं विशेष परिस्थिति में रजिस्ट्री किए जाने का भी आदेश पारित किया। बावजूद इसके उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां की आवास विकास की कालोनियों में खाली प्लाटों की बिक्री बंद नहीं की और करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि को कौड़ियों के भाव में बेचा जा रहा है। यही वजह है कि हाल ही में जिले के एक बिल्डर, विधायक और एक कांग्रेसी नेता ने उत्तर-प्रदेश आवास विकास परिषद से जमीनें एलॉट कराई हैं। क्योंकि उन्हें भरोसा है, वह शासनादेश की विशेष परिस्थिति का लाभ उठाते हुए मुख्यमंत्री दफ्तर से जमीन की रजिस्ट्री किए जाने का आदेश करवा लेंगे।
विज्ञापन
दफ्तर को भी कर दिया एलॉट
रुद्रपुर। उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां पर जिस भूमि पर अपना दफ्तर खोल रखा है, उसे भी पैसे लेकर एलॉट कर दिया है। इसी तरह आवास विकास के होली चौक, किच्छा दफ्तर एवं खटीमा में भी भूमि को बिल्डर और जनप्रतिनिधियों को एलॉट किया है।
अल्मोड़ा में हैं 40 प्लाट
रुद्रपुर। उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कब्जे में खटीमा, बाजपुर, जसपुर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी सहित कुमाऊं के अन्य कालोनियों में अभी काफी प्लाट खाली हैं, इनमें सबसे अधिक 40 प्लाट केवल अल्मोड़ा जिले में हैं। इसके अलावा कहीं पांच तो कहीं पर तीन-चार प्लाट शेष पड़े हैं, जिसे वही एलॉट कराता है, जो विशेष परिस्थिति में रजिस्ट्री करवा सके।
अगर उत्तर-प्रदेश सरकार भूमि को एलॉट कर रही है तो वह उसके अधिकार क्षेत्र में है। उत्तराखंड सरकार ने उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा एलॉट की गई भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा रखी है। अगर इसका उल्लंघन होता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश कुमार संत, जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर।
विज्ञापन
बता दें कि राज्य बनने से पहले उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद यहां पर जमीनों का अधिग्रहण कर आवासीय कालोनियों का निर्माण करती थी और उसकी बिक्री करती थी, मगर राज्य बनने के बाद उत्तराखंड शासन ने उत्तर-प्रदेश की निर्माण एजेंसियों के कामकाज पर रोक लगा दी और अपने काम को जल्द से जल्द समेटने का आदेश जारी कर दिया। इस वजह से उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां पर जमीनों के अधिग्रहण का कार्य बंद कर दिया और यहां पर काम न होने पर परिषद ने अपने इक्का-दुक्का कर्मचारियों को छोड़कर अधिकांश को यूपी बुला लिया। साथ ही उत्तर-प्रदेश के बरेली जोन के दफ्तर से अपने कब्जे वाली उत्तराखंड के भूमि की नीलामी प्रक्रिया को जारी रखा। इससे यहां की जमीनों की बिक्री का करोड़ों रुपया उत्तर-प्रदेश सरकार को गया।
विज्ञापन
बहरहाल, मीडिया में मामला उठने पर वर्ष 2007 में उत्तराखंड शासन ने उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कब्जे वाली जमीनों की रजिस्ट्री पर जहां रोक लगा दी, वहीं विशेष परिस्थिति में रजिस्ट्री किए जाने का भी आदेश पारित किया। बावजूद इसके उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां की आवास विकास की कालोनियों में खाली प्लाटों की बिक्री बंद नहीं की और करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि को कौड़ियों के भाव में बेचा जा रहा है। यही वजह है कि हाल ही में जिले के एक बिल्डर, विधायक और एक कांग्रेसी नेता ने उत्तर-प्रदेश आवास विकास परिषद से जमीनें एलॉट कराई हैं। क्योंकि उन्हें भरोसा है, वह शासनादेश की विशेष परिस्थिति का लाभ उठाते हुए मुख्यमंत्री दफ्तर से जमीन की रजिस्ट्री किए जाने का आदेश करवा लेंगे।
विज्ञापन
दफ्तर को भी कर दिया एलॉट
रुद्रपुर। उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने यहां पर जिस भूमि पर अपना दफ्तर खोल रखा है, उसे भी पैसे लेकर एलॉट कर दिया है। इसी तरह आवास विकास के होली चौक, किच्छा दफ्तर एवं खटीमा में भी भूमि को बिल्डर और जनप्रतिनिधियों को एलॉट किया है।
अल्मोड़ा में हैं 40 प्लाट
रुद्रपुर। उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कब्जे में खटीमा, बाजपुर, जसपुर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी सहित कुमाऊं के अन्य कालोनियों में अभी काफी प्लाट खाली हैं, इनमें सबसे अधिक 40 प्लाट केवल अल्मोड़ा जिले में हैं। इसके अलावा कहीं पांच तो कहीं पर तीन-चार प्लाट शेष पड़े हैं, जिसे वही एलॉट कराता है, जो विशेष परिस्थिति में रजिस्ट्री करवा सके।
अगर उत्तर-प्रदेश सरकार भूमि को एलॉट कर रही है तो वह उसके अधिकार क्षेत्र में है। उत्तराखंड सरकार ने उत्तर-प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा एलॉट की गई भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा रखी है। अगर इसका उल्लंघन होता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश कुमार संत, जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर।