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सितारगंज के रसोईयापुर गांव में बाघ की दहशत
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सितारगंज। पीलीभीत के न्यूरिया में खेत पर काम करने गए ग्रामीण पर बाघ के जानलेवा हमले के बाद सितारगंज के गांवों में बाघ की दहशत है। सितारगंज के बिज्टी गांव के बाद अब रसोईयापुर में बाघ के देखने की पुष्टि ग्रामीणों ने की है। साथ ही खेतों में और कैलाश नदी किनारे बाघ के पगचिह्न भी देखे गए हैं।
एक सप्ताह पहले सितारगंज के बिज्टी, तिगड़ी, कौंधा अशरफ और पटिया गांव में बाघ देखने से लोग दहशत में हैं। तब बाघ ने बिज्टी में दो पालतू जानवरों को निवाला बनाया था। सितारगंज के रसोईयापुर गांव के खेतों और नदी किनारे बाघ के पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी, जिस पर टीम ने पगचिह्न की जांच कर बाघ होने की पुष्टि की है। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि पगचिह्न कुछ दिन पुराने हैं।
रेंजर प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने गांव में लोगों से सतर्क रहने को कह दिया है। बताया कि ग्रामीणों को सूर्यास्त और तड़के नदी किनारे और खेतों में जाने को मना किया है।
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एक सप्ताह पहले सितारगंज के बिज्टी, तिगड़ी, कौंधा अशरफ और पटिया गांव में बाघ देखने से लोग दहशत में हैं। तब बाघ ने बिज्टी में दो पालतू जानवरों को निवाला बनाया था। सितारगंज के रसोईयापुर गांव के खेतों और नदी किनारे बाघ के पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी, जिस पर टीम ने पगचिह्न की जांच कर बाघ होने की पुष्टि की है। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि पगचिह्न कुछ दिन पुराने हैं।
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रेंजर प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने गांव में लोगों से सतर्क रहने को कह दिया है। बताया कि ग्रामीणों को सूर्यास्त और तड़के नदी किनारे और खेतों में जाने को मना किया है।
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