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500 से अधिक व्यापारियों को प्रभावित करेगा फ्लाईओवर
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 11 Oct 2016 11:52 PM IST
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रुद्रपुर बस अड्डे से लगी मार्केट जो कि फ्लाईओवर की जद में आने से खत्म हो जाएगी।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर शहर के बीच से बनने जा रहे फ्लाईओवर से 500 से अधिक छोटे-बड़े व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही गांधी पार्क का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा। शहर के इंदिरा चौक से फुटेला अस्पताल तक करीब एक किलोमीटर के फ्लाईओवर के बजाय बाइपास बनाने की मांग को लेकर व्यापारी एक साल से दिनरात एक किए हुए हैं। वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर मंत्रियों और सीएम तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी उनकी बात सुनता नहीं दिख रहा है।
रामपुर से काठगोदाम तक बनने वाले फोरलेन का मामला ऊधमसिंह नगर जिला बनने के साथ ही तय हो गया था। वर्ष 1996-97 में ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन डीएम एसएस संधू ने रुद्रपुर शहर की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए इंदिरा चौक से रुद्रपुर बस अड्डे तक दुकानों का टेंडर करने का निर्णय लिया था। इस दौरान करीब 87 दुकानों के टेंडर भी हुए। इसमें कुछ लोगों को टेंडर भी मिल गए थे। यूपी के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया यहां के व्यापारियों के हित में ही हुई। धीरे-धीरे इस पर समय के हिसाब से व्यापार बढ़ता गया और आज फ्लाईओवर के सीमांकन क्षेत्र में 500 से अधिक बड़े व्यापारी अपना कारोबार कर रहे हैं।
वर्ष 2013 में एनएच के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एके भदौरिया ने अपने बयानों में स्पष्ट किया था कि फोरलेन निर्माण शहर के बीचोंबीच नहीं किया जाएगा। फोरलेन को बाइपास की मदद से काठगोदाम तक जोड़ा जाएगा। एनएच के अधिकारियों के बयान से उस वक्त व्यापारी संतुष्ट हो गए थे। वर्ष 2009 में भी तय हुआ था कि फोरलेन निर्माण में रामपुर रोड से शिमला पिस्तौर होते हुए सिडकुल के बीच से यह मार्ग सीधे पंतनगर पहुंच जाएगा और उसके बाद सर्वे भी हुआ था।
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फरवरी 2015 में केंद्रीय सड़क राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस फोरलेन के शिलान्यास कार्यक्रम में व्यापारियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। उस समय भी व्यापारियों का शिष्टमंडल गडकरी से मिला। व्यापारी आशीष ग्रोवर के पत्र पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने नौ मार्च 2016 को भेजे पत्र में कहा था कि व्यापारियों के हितों को देखते हुए उन्होंने फ्लाईओवर का यह मामला मुख्य अभियंता-पी2 सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित कर दिया है।
रामपुर से काठगोदाम तक बनने वाले फोरलेन का मामला ऊधमसिंह नगर जिला बनने के साथ ही तय हो गया था। वर्ष 1996-97 में ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन डीएम एसएस संधू ने रुद्रपुर शहर की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए इंदिरा चौक से रुद्रपुर बस अड्डे तक दुकानों का टेंडर करने का निर्णय लिया था। इस दौरान करीब 87 दुकानों के टेंडर भी हुए। इसमें कुछ लोगों को टेंडर भी मिल गए थे। यूपी के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया यहां के व्यापारियों के हित में ही हुई। धीरे-धीरे इस पर समय के हिसाब से व्यापार बढ़ता गया और आज फ्लाईओवर के सीमांकन क्षेत्र में 500 से अधिक बड़े व्यापारी अपना कारोबार कर रहे हैं।
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वर्ष 2013 में एनएच के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एके भदौरिया ने अपने बयानों में स्पष्ट किया था कि फोरलेन निर्माण शहर के बीचोंबीच नहीं किया जाएगा। फोरलेन को बाइपास की मदद से काठगोदाम तक जोड़ा जाएगा। एनएच के अधिकारियों के बयान से उस वक्त व्यापारी संतुष्ट हो गए थे। वर्ष 2009 में भी तय हुआ था कि फोरलेन निर्माण में रामपुर रोड से शिमला पिस्तौर होते हुए सिडकुल के बीच से यह मार्ग सीधे पंतनगर पहुंच जाएगा और उसके बाद सर्वे भी हुआ था।
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फरवरी 2015 में केंद्रीय सड़क राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस फोरलेन के शिलान्यास कार्यक्रम में व्यापारियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। उस समय भी व्यापारियों का शिष्टमंडल गडकरी से मिला। व्यापारी आशीष ग्रोवर के पत्र पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने नौ मार्च 2016 को भेजे पत्र में कहा था कि व्यापारियों के हितों को देखते हुए उन्होंने फ्लाईओवर का यह मामला मुख्य अभियंता-पी2 सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित कर दिया है।