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सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का आरोप
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:36 AM IST
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रुद्रपुर। एक किसान ने तहसील में स्थित ग्राम कोलड़ा में 18 बीघा सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया है। सोमवार को ग्राम कोलड़ा निवासी अरविंदर सिंह चीमा ने डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि करीब छह दशक पहले गांव के ही जगतू प्रसाद को सरकार ने 94 बीघा जमीन आवंटित की थी।
जगतू ने खेत नंबर 37,41 में कुल 49 बीघा ऊबड़ खाबड़ जमीन को सरकार के पक्ष में सरेंडर कर दिया था और उसके बदले 49 बीघा भूमि हासिल कर ली थी। राज्य सरकार ने खेत नंबर 37 ब की 30 बीघा जमीन को परती में दर्ज कर दिया था। राज्य सरकार ने सरेंडर की गई भूमि में से खेत नंबर 41 की 18 बीघा जमीन गब्बू सिंह को आवंटित कर दी थी।
सरकार ने खेत नंबर 37 ब की 12 बीघा जमीन राम किशन को आवंटित कर दी थी और इसी खेत नंबर की 30 बीघा परती भूमि में से 18 बीघा भूमि परती दर्ज में की गई। आरोप है कि जगतू ने खेत नंबर 37 ब की 18 बीघा परती में दर्ज भूमि को अपनी 94 बीघा वाली भूमि में सम्मिलित कर 94 बीघा से 112 बीघा भूमि कर दिया था और इसमें से कुछ भूमि को बेच डाला।
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जगतू ने खेत नंबर 37 ब की 18 बीघा परती वाली भूमि को खुर्दबुर्द कर दिया और रामकिशन को आवंटित 12 बीघा जमीन पर भी वाद दायर कर दिया था। उनका कहना है कि खेत नंबर 37 ब की 30 बीघा परत वाली जमीन को हड़पने के लिए जगतू ने कोर्ट को गुमराह करने के साथ ही साक्ष्यों को छिपाकर रखा। जब जगतू की मृत्यु हुई तो उसके पुत्र ने कोर्ट को गुमराह किया।
अब बुद्धिराम की मृत्यु के बाद उसके बेटे साक्ष्यों को छिपा रहे हैं। उन्होंने खुर्दबुर्द की गई 18 बीघा जमीन को परती में दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
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जगतू ने खेत नंबर 37,41 में कुल 49 बीघा ऊबड़ खाबड़ जमीन को सरकार के पक्ष में सरेंडर कर दिया था और उसके बदले 49 बीघा भूमि हासिल कर ली थी। राज्य सरकार ने खेत नंबर 37 ब की 30 बीघा जमीन को परती में दर्ज कर दिया था। राज्य सरकार ने सरेंडर की गई भूमि में से खेत नंबर 41 की 18 बीघा जमीन गब्बू सिंह को आवंटित कर दी थी।
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सरकार ने खेत नंबर 37 ब की 12 बीघा जमीन राम किशन को आवंटित कर दी थी और इसी खेत नंबर की 30 बीघा परती भूमि में से 18 बीघा भूमि परती दर्ज में की गई। आरोप है कि जगतू ने खेत नंबर 37 ब की 18 बीघा परती में दर्ज भूमि को अपनी 94 बीघा वाली भूमि में सम्मिलित कर 94 बीघा से 112 बीघा भूमि कर दिया था और इसमें से कुछ भूमि को बेच डाला।
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जगतू ने खेत नंबर 37 ब की 18 बीघा परती वाली भूमि को खुर्दबुर्द कर दिया और रामकिशन को आवंटित 12 बीघा जमीन पर भी वाद दायर कर दिया था। उनका कहना है कि खेत नंबर 37 ब की 30 बीघा परत वाली जमीन को हड़पने के लिए जगतू ने कोर्ट को गुमराह करने के साथ ही साक्ष्यों को छिपाकर रखा। जब जगतू की मृत्यु हुई तो उसके पुत्र ने कोर्ट को गुमराह किया।
अब बुद्धिराम की मृत्यु के बाद उसके बेटे साक्ष्यों को छिपा रहे हैं। उन्होंने खुर्दबुर्द की गई 18 बीघा जमीन को परती में दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया।