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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 100 रिक्त पदों पर होगी भर्ती
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रुद्रपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में जल्द 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। इसके साथ ही 141 सहायिकाओं व सात मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के पदों को भी भरा जाएगा। इससे प्रभारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बोझ भी कम होगा।
जिले के कुल 2387 आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 2287 में ही कार्यकर्ता की नियुक्ति है। बाकी 100 केंद्रों पर पड़ोसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से बच्चों को टीएचआर वितरण, ऊर्जा, गर्भवती महिलाओं को राशन बांटना आदि के कार्य किए जा रहे हैं। इससे पूर्व भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पड़े पदों को भरने की पहल की गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगने पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई।
अब चुनाव खत्म होते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों को भरा जाएगा। महिला बाल विकास विभाग के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती होने पर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को भी रिक्त पड़े वार्डों में नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही विधवा व परित्यक्ता को पहले वरियता दी जाएगी। इसके बाद बीए व एमए पास महिलाओं की मेरिट के हिसाब से सूची तैयार की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पड़े 100 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अब फिर से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलेगा सुगंधित दूध
रुद्रपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत एक लाख 94 हजार 725 बच्चों को अब फिर से सुगंधित दूध पाउडर दिया जाएगा। डेरी विभाग की ओर से महिला और बाल विकास विभाग से बच्चों की सूची मांगी गई है। जल्द ही बच्चों को सप्ताह में दो दिन सुगंधित दूध पाउडर का वितरण किया जाएगा।
वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को दुग्ध पाउडर देने की शुरुआत की गई थी। दुग्ध संघ की ओर से बच्चों के लिए सुगंधित दूध का पाउडर तैयार किया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रत्येक बच्चों को 100 एमएल दूध के हिसाब से सप्ताह में दो दिन मिल्क पाउडर दिया जाता था। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद आंगनबाड़ी केंद्र को बंद कर दिया गया था। कोरोना महामारी में सरकार के पास बजट कम होने से इस योजना में दो साल तक ब्रेक लगा रहा। राज्य में कोरोना की अब सामान्य स्थिति होने की वजह से डेरी विभाग की ओर से दोबारा बच्चों को सुगंधित दूध देने की योजना बनाई जा रही है। बाल विकास विभाग की ओर से जिले की 10 परियोजनाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की सूची मांगी जा रही है। डेरी विकास विभाग के सहायक निदेशक राजेंद्र चौहान ने कहा कि बच्चों को मिल्क पाउडर देने की योजना दोबारा शुरू की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर दिया जाएगा।
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जिले के कुल 2387 आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 2287 में ही कार्यकर्ता की नियुक्ति है। बाकी 100 केंद्रों पर पड़ोसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से बच्चों को टीएचआर वितरण, ऊर्जा, गर्भवती महिलाओं को राशन बांटना आदि के कार्य किए जा रहे हैं। इससे पूर्व भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पड़े पदों को भरने की पहल की गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगने पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई।
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अब चुनाव खत्म होते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों को भरा जाएगा। महिला बाल विकास विभाग के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती होने पर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को भी रिक्त पड़े वार्डों में नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही विधवा व परित्यक्ता को पहले वरियता दी जाएगी। इसके बाद बीए व एमए पास महिलाओं की मेरिट के हिसाब से सूची तैयार की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पड़े 100 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अब फिर से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलेगा सुगंधित दूध
रुद्रपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत एक लाख 94 हजार 725 बच्चों को अब फिर से सुगंधित दूध पाउडर दिया जाएगा। डेरी विभाग की ओर से महिला और बाल विकास विभाग से बच्चों की सूची मांगी गई है। जल्द ही बच्चों को सप्ताह में दो दिन सुगंधित दूध पाउडर का वितरण किया जाएगा।
वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को दुग्ध पाउडर देने की शुरुआत की गई थी। दुग्ध संघ की ओर से बच्चों के लिए सुगंधित दूध का पाउडर तैयार किया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रत्येक बच्चों को 100 एमएल दूध के हिसाब से सप्ताह में दो दिन मिल्क पाउडर दिया जाता था। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद आंगनबाड़ी केंद्र को बंद कर दिया गया था। कोरोना महामारी में सरकार के पास बजट कम होने से इस योजना में दो साल तक ब्रेक लगा रहा। राज्य में कोरोना की अब सामान्य स्थिति होने की वजह से डेरी विभाग की ओर से दोबारा बच्चों को सुगंधित दूध देने की योजना बनाई जा रही है। बाल विकास विभाग की ओर से जिले की 10 परियोजनाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की सूची मांगी जा रही है। डेरी विकास विभाग के सहायक निदेशक राजेंद्र चौहान ने कहा कि बच्चों को मिल्क पाउडर देने की योजना दोबारा शुरू की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर दिया जाएगा।