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उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, दो की मौत
गोपेश्वर/टिहरी/ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2013 04:13 PM IST
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उत्तराखंड के चमोली जनपद में बरसाती गदेरे में बादल फटने से सुनाली, तेफना, बांतोली और थिरपाक गांवों में तबाही मच गई। गदेरे के उफान से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई है।
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वहीं एक युवती गदेरे में बह गई है, जबकि कई आवासीय भवन जमींदोज हो गए हैं। गदेरे के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
बुधवार सुबह फटा बादल
बुधवार सुबह तेफना गांव के ऊपर एक बरसाती गदेरे में बादल फटने से गांवों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते गदेरा बांतोली गांव को छूकर तेफना गांव में घुस गया। बांतोली गांव में राकेश रावत की पत्नी रीना देवी (28) गोशाले में थी।
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इसी बीच गदेरे के बहाव से गोशाला बह गया। रीना का शव करीब 150 मीटर दूर एक आवासीय भवन के पास मिला। तेफना गांव में मलबा घुसने से किरन (19) पुत्री रामलाल नैथवाल बह गई। किरन इन दिनों ननिहाल तेफना आई हुई थी।
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गांव के ही सुलतान सिंह कठैत (50) पुत्र नारायण सिंह गदेरे के रौद्र रूप देखकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे, लेकिन रास्ते में बेहोश हो गए और करीब आधे घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
दस मिनट में आया सैलाब
साथ ही तेफना के दीवान सिंह, नारायण सिंह और सावित्री देवी अफरा-तफरी में घायल हो गए है। सावित्री देवी को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गदेरे ने करीब दस मिनट में यह कहर बरपाया।
इस सैलाब में बांतोली गांव के वीर सिंह रावत, जय सिंह, बलवंत सिंह, राकेश सिंह, दिनेश सिंह, कमल बिष्ट और तेफना गांव के विक्रम सिंह, मोहन सिंह, राजपाल कुंवर, सुजान सिंह बिष्ट, बल्लू लाल, गोविंद लाल, किशन लाल, पन्नू लाल, प्रेम सिंह, सुलतान सिंह के आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गांवों में कई गौशालाएं भी मवेशियों सहित बह गई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, पुलिस अधीक्षक अजय जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद कपरुवाण आदि मौके पर पहुंचे। डीएम ने आपदा प्रबंधन अधिकारी को तत्काल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और राहत सामग्री देने के निर्देश दिए।
तुन्यार में बादल फटने से सैकड़ों नाली भूमि तबाह
वहीं दूसरी ओर टिहरी जनपद के तुन्यार में बादल फटने की घटनाओं में सैकडों नाली कृषि भूमि तबाह हो गई। धारमंडल पट्टी के अंतर्गत ग्राम तुन्यार में सोमवार की रात पीड़ी डांडा के पास लवाना में बादल फटने से तुन्यार और कोटचौंरी के ग्रामीणों की 150 नाली से अधिक कृषि भूमि बह गई।
कई सिंचाई नहरें और पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई है। तुन्यार की प्रधान वीना देवी और कोटचौंरी की प्रधान मीरा देवी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से गांव का निरीक्षण करने की मांग की है।
दूसरी ओर पनेथ के ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गांव भूधंसाव की चपेट में है। कई बार गांव के विस्थापन की मांग की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि जून की बारिश के बाद कई लोगों के घरों के आंगन ढह गए हैं, जिससे मकानों को खतरा बना हुआ है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान, चतर सिंह, जबर सिंह, विजय सिंह, यशवंत सिंह, बचन सिंह, दीवान सिंह, वीर सिंह, नत्थी सिंह और हुकम सिंह आदि शामिल थे।