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Tehri News: एक हजार भैलो के साथ ग्रामीणों ने ढोल की थाप के साथ किया नृत्य
Sat, 30 Nov 2024 07:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 30 Nov 2024 07:09 PM IST
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देवता के निशाण के साथ आज खेतों में दौड़ लगाएंगे ग्रामीण
घनसाली (टिहरी)। बूढ़ाकेदार क्षेत्र में मनाई जाने वाली बग्वाल की तैयारियां पूरी हो गई है। गुरु कैलापरी और बाबा बूढ़ाकेदार के मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंगशीर की बग्वाल मनाने के लिए बाहर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में गांव पहुंचे हैं। क्षेत्र के लोग दोपहर बाद से उडद की दाल के पकोड़े बनाने की तैयारी में जुट गए थे। रात को पुनेरा के खेतों में एकत्रित ग्रामीणों ने एक हजार भैलो जलाकर ढोल-नगाड़ों के साथ सामूहिक रूप से नृत्य किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इस बार दिवाली पर एक हजार भैलों के साथ ग्रामीणों ने पुनेरा के खेतों में भैला खेलकर पारंपरिक नृत्य किया। उन्होंने बताया कि आज रविवार दोपहर को गुरु कैलापीर की पूजा-अर्चना कर देवता के निशाण बाहर आएगा। उसके बाद पुनेरा के सेरों में देवता खुशहाली की दौड़ लगाएगा। इस दौरान सैकड़ों लोग भी देवता के निशान के साथ दौड़ लगाएंगे। उसके बाद देवता के निशाण के ऊपर बरसाए गए पुवाल को प्रसाद के रूप में घर ले जाएंगे।
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घनसाली (टिहरी)। बूढ़ाकेदार क्षेत्र में मनाई जाने वाली बग्वाल की तैयारियां पूरी हो गई है। गुरु कैलापरी और बाबा बूढ़ाकेदार के मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंगशीर की बग्वाल मनाने के लिए बाहर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में गांव पहुंचे हैं। क्षेत्र के लोग दोपहर बाद से उडद की दाल के पकोड़े बनाने की तैयारी में जुट गए थे। रात को पुनेरा के खेतों में एकत्रित ग्रामीणों ने एक हजार भैलो जलाकर ढोल-नगाड़ों के साथ सामूहिक रूप से नृत्य किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इस बार दिवाली पर एक हजार भैलों के साथ ग्रामीणों ने पुनेरा के खेतों में भैला खेलकर पारंपरिक नृत्य किया। उन्होंने बताया कि आज रविवार दोपहर को गुरु कैलापीर की पूजा-अर्चना कर देवता के निशाण बाहर आएगा। उसके बाद पुनेरा के सेरों में देवता खुशहाली की दौड़ लगाएगा। इस दौरान सैकड़ों लोग भी देवता के निशान के साथ दौड़ लगाएंगे। उसके बाद देवता के निशाण के ऊपर बरसाए गए पुवाल को प्रसाद के रूप में घर ले जाएंगे।
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