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टिहरी: अस्पताल तो खोले, डाक्टर नहीं मिले
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:25 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : amarujala
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जिले में 206 पदों के सापेक्ष केवल 83 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। स्थानीय स्तर पर मामूली बीमारी का इलाज भी नहीं मिलने पर मरीजों को शहर के अस्पतालों में मंहगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले में अस्पतालों की संख्या तो बढ़ाई गई है, लेकिन मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जहां डॉक्टरों के 123 पद रिक्त हैं, वहां इलाज की उम्मीद करना बेमानी है। चिकित्सकों के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल फार्मासिस्टों के ही भरोसे है।
जिले में जिला चिकित्सालय बौराड़ी, श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय नरेंद्रनगर कहने को तो बड़े अस्पताल हैं, लेकिन यहां कोई सुविधा नहीं है। यह अस्पताल केवल रेफर सेंटर बने हुए हैं। इस स्थिति में अधिकतर लोग सीधे बाहर का ही रुख करते हैं।
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जिले में छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी),पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 25 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 28 स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी सहित कई उपकेंद्र हैं, लेकिन कहीं भी पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं।
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महिला मरीजों की संख्या ज्यादा
नई टिहरी। अस्पतालों में मरीजों की पंजीकरण संख्या से स्पष्ट है, कि बड़ी संख्या में लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। पिछले एक साल का आंकड़ा ही देखें तो एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच दो लाख 91 हजार 413 मरीजों ने पंजीकरण कराया है। इसमें सभी वाह्य रोगी हैं। इनमें 1,48,099 महिलाएं है। जबकि 10,469 रोगियों को अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। जिसमें 7,455 महिला रोगी भर्ती रही।
राज्य बनने के बाद छह नए अस्पताल खुले
नई टिहरी। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कैंपटी, थाती बडियार, खाड़ी, दीनगांव, डोबरा पुल और देवप्रयाग में नए स्वास्थ्य केंद्र खोले गए। जबकि पीएचसी कंडीसौड़, चंबा, प्रतापनगर, चौंड (लंबगांव) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदननेगी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत किया गया है।
सप्ताह में दो दिन है अल्ट्रासाउंड की सुविधा
नई टिहरी। जिला चिकित्सालय में फिलहाल अल्ट्रासाउंड (सप्ताह में दो दिन), ईसीजी, एक्स-रे, बालरोग विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, हड्डीरोग विशेषज्ञ की सुविधा हैं, जल्द ही बल्ड बैंक की सुविधा भी मिलने वाली है। ईएनटी, सर्जन,एमआरआई जैसी सुविधाएं नहीं है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी सात चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है, 13 डाक्टर और आने की संभावना है। बल्ड बैंक भी जल्द शुरू कर लिया जाएगा। अस्पतालों में और सुविधाएं जुटाने के लिए भी शासन से पत्राचार किया जा रहा है।
- डा. अर्जुन सिंह सेंगर, सीएमओ टिहरी।