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Tehri News: छात्र-छात्राओं ने तैयार किया अर्ली वार्निंग सिस्टम
Mon, 09 Feb 2026 07:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 09 Feb 2026 07:27 PM IST
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धराली जैसी आपदा के नुकसान को कम करने में होगा सहायक
उत्तरकाशी। शिक्षा विभाग की ओर से अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान खोज में नवोन्मेष के तहत आयोजित इंस्पायर अवार्ड में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उनकी ओर से आपदा के दृष्टिकोण सहित कृषि-बागवानी, जल संग्रहण और दुर्घटना और घटनाओं के समय प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के मॉडल प्रस्तुत किए गए। छात्र-छात्राओं की ओर से किए गए नवाचार के माध्यम से उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, सीईओ अमित कोटियाल, बीईओ हर्षा रावत ने किया। उसके बाद छात्राओं की ओर से सरस्वती वंदना सहित स्वागत ज्ञान का प्रस्तुत किए। इस मौके पर जनपद के छह विकासखंडों के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक मॉडलों का सुंदर प्रस्तुतीकरण दिया।
भटवाड़ी विकासखंड के दयारा क्रिश्चन एकेडमी की छात्र-छात्राओं हिमांशी भंडारी, ऐश्वर्या रावत, मानेंद्र ने आपदा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जनपद में अर्ली वार्निंग सिस्टम का मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से नदी में पानी बढ़ने और बाढ़ आने पर यह सिस्टम लोेगों को अलर्ट करेगा। कहा कि इस प्रकार के प्रयोग से धराली जैसी आपदा का नुकसान कम किया जा सकता है।
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मोरी विकासखंड के जखोल के पंकज ने सेब तुड़ान के लिए बनाई गई मशीन सहित पुरोला की छात्राओं ने जल संग्रहण सहित इलेक्ट्रानिक्स रिक्शा सहित रसोई गैस सिलिंडर फटने पर उसके बचाव के मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. राजेश जोशी, सह समन्वयक डॉ. संजीव डोभाल ने बताया कि इसके बाद 10 प्रतिशत छात्रों का चयन राज्य और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। उनमें से देश के अंतिम 60 छात्र-छात्राओं को अपने मॉडल को विदेशों में प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। कार्यक्रम का संचालन अजय नौटियाल और निर्णायक की भूमिका में सुमन रावत, राजपाल पंवार मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। शिक्षा विभाग की ओर से अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान खोज में नवोन्मेष के तहत आयोजित इंस्पायर अवार्ड में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उनकी ओर से आपदा के दृष्टिकोण सहित कृषि-बागवानी, जल संग्रहण और दुर्घटना और घटनाओं के समय प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के मॉडल प्रस्तुत किए गए। छात्र-छात्राओं की ओर से किए गए नवाचार के माध्यम से उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, सीईओ अमित कोटियाल, बीईओ हर्षा रावत ने किया। उसके बाद छात्राओं की ओर से सरस्वती वंदना सहित स्वागत ज्ञान का प्रस्तुत किए। इस मौके पर जनपद के छह विकासखंडों के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक मॉडलों का सुंदर प्रस्तुतीकरण दिया।
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भटवाड़ी विकासखंड के दयारा क्रिश्चन एकेडमी की छात्र-छात्राओं हिमांशी भंडारी, ऐश्वर्या रावत, मानेंद्र ने आपदा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जनपद में अर्ली वार्निंग सिस्टम का मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से नदी में पानी बढ़ने और बाढ़ आने पर यह सिस्टम लोेगों को अलर्ट करेगा। कहा कि इस प्रकार के प्रयोग से धराली जैसी आपदा का नुकसान कम किया जा सकता है।
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मोरी विकासखंड के जखोल के पंकज ने सेब तुड़ान के लिए बनाई गई मशीन सहित पुरोला की छात्राओं ने जल संग्रहण सहित इलेक्ट्रानिक्स रिक्शा सहित रसोई गैस सिलिंडर फटने पर उसके बचाव के मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. राजेश जोशी, सह समन्वयक डॉ. संजीव डोभाल ने बताया कि इसके बाद 10 प्रतिशत छात्रों का चयन राज्य और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। उनमें से देश के अंतिम 60 छात्र-छात्राओं को अपने मॉडल को विदेशों में प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। कार्यक्रम का संचालन अजय नौटियाल और निर्णायक की भूमिका में सुमन रावत, राजपाल पंवार मौजूद रहे।