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सरकारी काम में बाधा पहुंचाने वाले नौ लोगों को जेल
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Wed, 03 Aug 2016 10:01 PM IST
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सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नंदगांव आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष समेत नौ लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं प्रभावितों ने कहा कि शासन-प्रशासन पुनर्वास करने के बजाय तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाकर झूठे मुकदमों में जेल भेजवा रहा है।
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टिहरी बांध प्रभावित नंदगांव के ग्रामीणों ने 12 जून 2015 को पुनर्वास की मांग को पुनर्वास कार्यालय में तालाबंदी की थी, जिस पर अधिकारियों ने नई टिहरी कोतवाली में सोहन सिंह राणा सहित आठ अन्य ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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बुधवार को सोहन सिंह राणा, जगदंबा प्रसाद सेमवाल, राम सिंह, गीता देवी, गोमती देवी, मंजू देवी, समा देवी, सोना देवी और भरोसी देवी ने सीजेएम कोर्ट में समर्पण कर जमानत लेने से इनकार कर दिया। जमानत लेने से इनकार करने पर सीजेएम चंद्रमणि राय ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं भाजपा के टिहरी विधानसभा संयोजक धन सिंह नेगी ने प्रभावितों से जेल में मुलाकात कर सरकार पर आंदोलन कुचलने का आरोप लगाया।
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आंदोलनकारियों से गिरफ्तारी पर रोष
पुनर्वास की मांग को लेकर नंदगांव, पिपोला, लुणेटा (भटकंडा), रौलाकोट, गडोली के बांध प्रभावितों ने 59वें दिन भी पुनर्वास निदेशालय के बाहर धरना दिया। अपने सहयोगी नौ आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी पर उन्होंने रोष जताया।
ग्रामीणों ने जल्द बिना शर्त आंदोलनकारियों की रिहाई एवं पुनर्वास नहीं किए जाने पर जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। भटकंडा प्रधान प्रदीप भट्ट ने कहा कि सात जुलाई को सीएम हरीश रावत ने प्रभावितों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के निर्देश गृह विभाग को दिया था।
बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मौके पर पिपोला प्रधान विनोद चमोली, राजेश थपलियाल, चंद्रमोहन उनियाल, रूकमणी देवी, मिश्री देवी, मंगसीरी, सरोजनी, पिंगला, रेखा आदि मौजूद थे।