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Tehri News: अब औने-पौने दामों पर नहीं बेचनी पड़ेगी मछली
Wed, 27 May 2026 05:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 27 May 2026 05:37 PM IST
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1.29 करोड़ से आकार ले रही जिले की पहली मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट
मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट दो माह के भीतर बनकर होगी तैयार
नई टिहरी। ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर हेंवल नदी के समीप नागणी कस्बे में मत्स्य विभाग की मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट अगले दो माह भीतर बनकर तैयार होने की उम्मीद है। फिश प्राेसेसिंग यूनिट बनने से जिले के मत्स्य पालकों को मछली को स्टोरेज करने की सुविधा मिलेगी।
करीब 1 करोड़ 29 लाख की लागत से नागणी में बनने वाली जिले की पहली फिश प्राेसेसिंग यूनिट नाबार्ड वित्त पोषित है। यूनिट तैयार होने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मत्स्य पालन कर रहे लोगों को मछलियों को स्टोरेज करने की सुविधा मिल पाएगी। अब तक मत्स्य पालकों को मछलियों का अधिक उत्पादन होने, बरसात के समय और ऑफ सीजन में मछलियों को रखने की उचित सुविधा नहीं मिल पाती थी।
फिश प्रोसेसिंग यूनिट नहीं होने से मछली पालकों को बरसात और ऑफ सीजन में मछलियों को स्टोरेज करने की परेशानी होती थी। उन्हें औने-पौने दामों में मछलियां बेचनी पड़ती थी। यूनिट तैयार होने से मत्स्य पालकों को मछलियों के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। उन्हें मछलियों को बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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प्रोसेसिंग यूनिट में मछलियों को ताजा रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, कलेक्शन सेंटर, आइस क्यूब तैयार करने के साथ कई अन्य सुविधा होगी। आइस क्यूब की व्यवस्था न होने से मछली बेचने वालों को ऋषिकेश और देहरादून से आइस क्यूब मंगानी पड़ती है,जो काफी महंगी पड़ती है।
फिश प्रोसेसिंग यूनिट का भवन बनकर तैयार है। मशीनों की स्थापना का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इन दिनों पानी की सप्लाई जोड़ने, बिजली फिटिंग, फर्श पर टायल्स लगाने आदि का कार्य किया जा रहा है। अगले दो माह के भीतर यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी जिसके बाद यूनिट को संचालन के लिए पीपीपी मोड़ पर दे दिया जाएगा।
-उपेंद्र प्रताप सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य टिहरी।
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मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट दो माह के भीतर बनकर होगी तैयार
नई टिहरी। ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर हेंवल नदी के समीप नागणी कस्बे में मत्स्य विभाग की मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट अगले दो माह भीतर बनकर तैयार होने की उम्मीद है। फिश प्राेसेसिंग यूनिट बनने से जिले के मत्स्य पालकों को मछली को स्टोरेज करने की सुविधा मिलेगी।
करीब 1 करोड़ 29 लाख की लागत से नागणी में बनने वाली जिले की पहली फिश प्राेसेसिंग यूनिट नाबार्ड वित्त पोषित है। यूनिट तैयार होने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मत्स्य पालन कर रहे लोगों को मछलियों को स्टोरेज करने की सुविधा मिल पाएगी। अब तक मत्स्य पालकों को मछलियों का अधिक उत्पादन होने, बरसात के समय और ऑफ सीजन में मछलियों को रखने की उचित सुविधा नहीं मिल पाती थी।
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फिश प्रोसेसिंग यूनिट नहीं होने से मछली पालकों को बरसात और ऑफ सीजन में मछलियों को स्टोरेज करने की परेशानी होती थी। उन्हें औने-पौने दामों में मछलियां बेचनी पड़ती थी। यूनिट तैयार होने से मत्स्य पालकों को मछलियों के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। उन्हें मछलियों को बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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प्रोसेसिंग यूनिट में मछलियों को ताजा रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, कलेक्शन सेंटर, आइस क्यूब तैयार करने के साथ कई अन्य सुविधा होगी। आइस क्यूब की व्यवस्था न होने से मछली बेचने वालों को ऋषिकेश और देहरादून से आइस क्यूब मंगानी पड़ती है,जो काफी महंगी पड़ती है।
फिश प्रोसेसिंग यूनिट का भवन बनकर तैयार है। मशीनों की स्थापना का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इन दिनों पानी की सप्लाई जोड़ने, बिजली फिटिंग, फर्श पर टायल्स लगाने आदि का कार्य किया जा रहा है। अगले दो माह के भीतर यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी जिसके बाद यूनिट को संचालन के लिए पीपीपी मोड़ पर दे दिया जाएगा।
-उपेंद्र प्रताप सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य टिहरी।