ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे के 110 किलोमीटर पर स्थित नकोट-खोली गांव ऑल वेदर रोड कटिंग से खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण से गांव के नौ परिवारों के मकानों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे उन्हें खतरों के साए में रहना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों ने भूगर्भीय सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने की मांग को लेकर क्षेत्र में निर्माण कार्य ठप करा दिया है।
थौलधार ब्लाक में नकोट-खोली गांव के नौ परिवार हाईवे के ठीक ऊपर बसे हुए हैं। सड़क चौड़ीकरण के कारण मकानों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे मकानों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य करने से पहले ही बीआरओ से क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वे कराने की मांग की गई थी, लेकिन जबरन सड़क की कटिंग करने से मकानों में दरारें पड़ गई हैं। प्रभावित पूर्व प्रधान दयालु मिस्त्री, संभल कुमार, बुद्धि लाल, भजन दास और राकेश लाल आदि ने क्षेत्र में कटिंग का काम ठप करा दिया। कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक वहां काम नहीं करने दिया जाएगा। इस बाबत राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य करवा रहे बीआरओ के अवर अभियंता राहुल भदानी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के बाद वहां दीवार लगाई जाएगी। जहां मकानों को खतरा है वहां पर उस क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा