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Tehri News: अदालत ने पॉक्सो एक्ट में दोषी अभियुक्त को 23 साल की सजा सुनाई
Fri, 14 Aug 2026 06:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 14 Aug 2026 06:39 PM IST
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- राज्य सरकार को मुआवजे के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपये देने का आदेश
नई टिहरी। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट)/ जिला एंव सत्र न्यायाधीश नितिन शर्मा की अदालत ने धारा 3, सपठित धारा 4 (2) पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियुक्त गौरव को 23 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक साल का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत में अभियोग की सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह इस मामले में पहले भी न्यायिक अभिरक्षा में रहा है। अभियुक्त की परिस्थितियों को देखते हुए उसे कम से कम सजा से दंडित किया जाए। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अभियुक्त ने 16 वर्ष से कम उम्र की अवयस्क पीड़िता के साथ बलात्संग किया है। यह अपराध गंभीर प्रकृति का है। अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा से दंडित किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / जिला एंव सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियुक्त को 23 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने राज्य सरकार को मुआवजे के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपये निर्णय की तिथि के 30 दिनों में उसके खाते में जमा कराने के आदेश भी दिए हैं।
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नई टिहरी। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट)/ जिला एंव सत्र न्यायाधीश नितिन शर्मा की अदालत ने धारा 3, सपठित धारा 4 (2) पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियुक्त गौरव को 23 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक साल का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत में अभियोग की सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह इस मामले में पहले भी न्यायिक अभिरक्षा में रहा है। अभियुक्त की परिस्थितियों को देखते हुए उसे कम से कम सजा से दंडित किया जाए। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अभियुक्त ने 16 वर्ष से कम उम्र की अवयस्क पीड़िता के साथ बलात्संग किया है। यह अपराध गंभीर प्रकृति का है। अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा से दंडित किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / जिला एंव सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियुक्त को 23 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने राज्य सरकार को मुआवजे के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपये निर्णय की तिथि के 30 दिनों में उसके खाते में जमा कराने के आदेश भी दिए हैं।