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युवाओं में बढा़ बोट व्यवसाय का क्रेज
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टिहरी झील
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पांच साल पहले टिहरी झील में चार व्यावसायिक बोटों के साथ शुरू हुई जल क्रीड़ा का क्रेज युवाओं में तेजी से बढ़ता जा रहा है। पांच वर्षों में व्यवसायिक बोटों की संख्या बढ़कर अब 99 तक पहुंच गई है। झील में रोमांच का सफर करने के लिए हर साल पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है।
टिहरी झील में 10 दिसंबर 2014 से चार व्यावसायिक बोटों के साथ जल क्रीड़ा का शुभारंभ हुआ था। तब से हर वर्ष झील में बोटों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। अभी झील में 99 बोटों का संचालन हो रहा है, जिसमें 13 जेटस्की, एक जेड अटैक और एक फ्लाइंग बोट का संचालन हो रहा है। लगभग 200 लोगों का बोट संचालन और 50 व्यापारियों का झील से रोजगार चल रहा है। झील किनारे बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी टिहरी झील में बोटिंग करने का आनंद उठाने पहुंच रहे है। वर्ष 2014 में लगभग 5 हजार, वर्ष 2015 में 8 हजार, वर्ष 2017 में 25 हजार, वर्ष 2018 में 35 हजार और वर्ष 2019 में अगस्त माह तक 41 हजार पर्यटक झील में रोमांच का सफर करने को पहुंचे है।
गंगा भागीरथी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार का कहना है कि पर्यटकों को झील क्षेत्र के आसपास सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर ठोस प्रयास नहीं हुए है। शौचालय की सुविधा नहीं है। स्थायी यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं हुआ है। वाहन पार्किंग की भी स्थायी व्यवस्था नहीं है। इस बाबत टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य अधिकारी अजयवीर सिंह ने बताया कि झील किनारे पर्यटकों की सुविधाओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पंचायत चुनाव के बाद झील क्षेत्र में लंबित कार्य किए जाएंगे।
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टिहरी झील में 10 दिसंबर 2014 से चार व्यावसायिक बोटों के साथ जल क्रीड़ा का शुभारंभ हुआ था। तब से हर वर्ष झील में बोटों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। अभी झील में 99 बोटों का संचालन हो रहा है, जिसमें 13 जेटस्की, एक जेड अटैक और एक फ्लाइंग बोट का संचालन हो रहा है। लगभग 200 लोगों का बोट संचालन और 50 व्यापारियों का झील से रोजगार चल रहा है। झील किनारे बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी टिहरी झील में बोटिंग करने का आनंद उठाने पहुंच रहे है। वर्ष 2014 में लगभग 5 हजार, वर्ष 2015 में 8 हजार, वर्ष 2017 में 25 हजार, वर्ष 2018 में 35 हजार और वर्ष 2019 में अगस्त माह तक 41 हजार पर्यटक झील में रोमांच का सफर करने को पहुंचे है।
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गंगा भागीरथी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार का कहना है कि पर्यटकों को झील क्षेत्र के आसपास सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर ठोस प्रयास नहीं हुए है। शौचालय की सुविधा नहीं है। स्थायी यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं हुआ है। वाहन पार्किंग की भी स्थायी व्यवस्था नहीं है। इस बाबत टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य अधिकारी अजयवीर सिंह ने बताया कि झील किनारे पर्यटकों की सुविधाओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पंचायत चुनाव के बाद झील क्षेत्र में लंबित कार्य किए जाएंगे।
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